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5 opener who not out through a completed innings in ODI: वनडे क्रिकेट में पूरी पारी के दौरान क्रीज पर टिके रहकर नाबाद लौटना ‘कैरीइंग द बैट’ कहलाता है. वनडे के तेज रफ्तार दौर में यह असाधारण उपलब्धि केवल मजबूत मानसिक क्षमता और बेहतरीन तकनीक से ही संभव है. 1994 से 2000 के बीच ग्रैंट फ्लावर, सईद अनवर, निक नाइट, रिडले जैकब्स और डैमियन मार्टिन जैसे दिग्गजों ने विपरीत परिस्थितियों में अकेले किला लड़ाया और अपनी टीमों के लिए यह ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया.
वनडे में बतौर ओपनर एक मैच में नाबाद लौटने वाले पांच बल्लेबाजों की लिस्ट.
नई दिल्ली. वनडे क्रिकेट में पारी की पहली गेंद से लेकर अंतिम गेंद तक क्रीज पर टिके रहना और नाबाद पवेलियन लौटना एक ऐसी उपलब्धि है, जो केवल असाधारण धैर्य, तकनीक और मानसिक मजबूती से ही हासिल की जा सकती है. क्रिकेट की भाषा में इसे ‘कैरीइंग द बैट’ कहा जाता है. वनडे क्रिकेट के तेज रफ्तार दौर में पूरी पारी के दौरान नाबाद रहकर अंत तक बल्लेबाजी करना बहुत कम देखने को मिलता है.टॉप के जब पांच बल्लेबाजों ने अपनी टीम के लिए अकेले किला लड़ाया और नया इतिहास रचा, वो पल देखने लायक था.
15 दिसंबर 1994 को सिडनी के ऐतिहासिक मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वर्ल्ड सीरीज कप के मैच में जिम्बाब्वे का सामना इंग्लैंड से था. जिम्बाब्वे की टीम पहले बल्लेबाजी करने उतरी. सलामी बल्लेबाज ग्रैंट फ्लावर (Grant Flower) ने एक छोर संभाले रखा, जबकि दूसरे छोर से लगातार विकेट गिरते रहे. फ्लावर ने बेहद शांत और संयमित अंदाज में नाबाद 84 रनों की पारी खेली. पूरी टीम 50 ओवर में 205 रनों पर सिमट गई, लेकिन ग्रैंट फ्लावर अंत तक नाबाद रहे. वनडे इतिहास में यह पहला मौका था जब किसी बल्लेबाज ने पूरी पारी में अपना बल्ला संभाले रखा और अंत तक नाबाद रहा.
सईद अनवर ने लक्ष्य का पीछा करते हुए रचा इतिहास
ग्रैंट फ्लावर के इस कारनामे के कुछ ही महीनों बाद, 22 फरवरी 1995 को हरारे में एक और नया अध्याय लिखा गया. पाकिस्तान और जिम्बाब्वे के बीच खेले गए इस मुकाबले में जिम्बाब्वे ने पाकिस्तान को जीत के लिए एक चुनौतीपूर्ण लक्ष्य दिया था. लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तानी टीम के सलामी बल्लेबाज सईद अनवर (Saeed Anwar) ने अपनी कलात्मक बल्लेबाजी का जलवा दिखाया. जब एक तरफ से पाकिस्तान के विकेट गिर रहे थे, तब सईद अनवर ने 103 रनों की शानदार शतकीय पारी खेली. पाकिस्तान की पूरी टीम 219 रनों पर ऑलआउट हो गई, लेकिन सईद अनवर नाबाद मैदान से बाहर आए. वनडे क्रिकेट इतिहास में लक्ष्य का पीछा करते हुए कैरीइंग द बैट करने वाले वह पहले और इकलौते बल्लेबाज बने.
निक नाइट का साहसी शतक
1 सितंबर 1996 को नॉटिंघम में इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच मुकाबला खेला जा रहा था. इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाजी चुनी और उनके सलामी बल्लेबाज निक नाइट (Nick Knight) ने पाकिस्तानी तेज गेंदबाजों के घातक हमले का डटकर मुकाबला किया. वसीम अकरम और वाकार यूनिस जैसी खौफनाक गेंदबाजी के सामने जहां इंग्लैंड के बाकी बल्लेबाज रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे थे, वहीं निक नाइट ने अपनी तकनीक का शानदार मुजाहिरा किया. उन्होंने नाबाद 125 रन बनाए और टीम का स्कोर 246 तक पहुंचाया. नाइट पारी की शुरुआत करने आए थे और अंतिम ओवर की आखिरी गेंद तक बिना आउट हुए क्रीज पर डटे रहे.
रिडले जैकब्स का विश्व कप में अविश्वसनीय संघर्ष
1999 के क्रिकेट विश्व कप का दौर था. 30 मई 1999 को मैनचेस्टर के मैदान पर वेस्टइंडीज की भिड़ंत मजबूत ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी आक्रमण से थी. ग्लेन मैक्ग्रा और शेन वॉर्न की कातिलाना गेंदबाजी के आगे वेस्टइंडीज के बल्लेबाज ताश के पत्तों की तरह बिखर गए. इस तबाही के बीच वेस्टइंडीज के विकेटकीपर-बल्लेबाज रिडले जैकब्स चट्टान की तरह खड़े हो गए. वेस्टइंडीज की पूरी टीम महज 110 रनों पर ढेर हो गई, लेकिन जैकब्स 49 रन बनाकर नाबाद रहे. यह पहला मौका था जब किसी बल्लेबाज ने बिना अर्धशतक बनाए कैरीइंग द बैट का कारनामा किया हो, जिसने विश्व कप के इतिहास में उनका नाम हमेशा के लिए अमर कर दिया.
डैमियन मार्टिन का क्लास का प्रदर्शन
3 मार्च 2000 को ऑकलैंड में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच एक रोमांचक मैच खेला गया. ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी का फैसला किया. ऑस्ट्रेलिया के शीर्ष क्रम के ढेर होने के बाद डैमियन मार्टिन (Damien Martyn) ने पारी को संभालने की जिम्मेदारी उठाई. अपनी क्लासिक टाइमिंग और शानदार शॉट-सिलेक्शन के बल पर मार्टिन ने 116 रनों की नाबाद पारी खेली. ऑस्ट्रेलिया की पूरी टीम 191 रनों पर सिमट गई, लेकिन मार्टिन शुरुआत से अंत तक नाबाद रहे. उनकी इस जुझारू पारी ने साबित किया कि कठिन परिस्थितियों में एक बल्लेबाज का धैर्य टीम के लिए कितना मायने रखता है.
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कमलेश कुमार राय नेटवर्क18 ग्रुप में बतौर चीफ सब एडिटर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वह बीते 15 सालों से खेल पत्रकारिता की पिच पर डटे हुए हैं. हिंदी स्पोर्ट्स सेक्शन में वह खेल कंटेंट की गहरी समझ, सटीक विश्लेषण और ब…
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