वेस्टइंडीज के खिलाफ ऐतिहासिक जीत के बाद शुभमन गिल का पहला बयान

नई दिल्ली. भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान शुभमन गिल ने वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे वनडे में नाबाद 223 रनों की ऐतिहासिक पारी खेलकर भारत को अविश्वसनीय जीत दिलाई. इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया. 400 रनों का विशाल लक्ष्य हासिल करने के बाद गिल ने मैच के बाद बड़ा बयान दिया. उन्होंने अपनी बल्लेबाजी रणनीति, टीम की गेंदबाजी और सीरीज के अंतिम मैच के लिए अपनी योजनाओं पर खुलकर बात की.

शुभमन गिल (Shubman Gill) से जब यह पूछा गया कि बल्लेबाजी के दौरान ऐसा लग रहा था कि उन्हें बिल्कुल भी पसीना नहीं आया और वे बहुत सहज थे, तो इस पर उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, ‘ईमानदारी से कहूं तो इस समय मेरे शरीर का हर अंग ऐंठन (क्रैम्प) से जूझ रहा है. दोपहर में भीषण गर्मी थी और मैदान पर टिके रहना काफी कठिन था. जब वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी के दौरान केवल 13 ओवर हुए थे, तभी ऐसा लग रहा था कि जैसे हम 20-25 ओवरों तक फील्डिंग कर चुके हैं. वे जिस आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी कर रहे थे, उसने हमें काफी थका दिया था. कुल मिलाकर, मुझे लगता है कि यह एक बेहद शानदार और रोमांचक मुकाबला था.’

दूसरी डबल सेंचुरी और विशाल लक्ष्य का पीछा
करियर का दूसरा दोहरा शतक जड़ने और अपनी इस खास पारी के बारे में पूछे जाने पर भारतीय कप्तान ने कहा, ‘जब विरोधी टीम ने बोर्ड पर 400 रन टांग दिए, तो पारी के ब्रेक के समय हम पर थोड़ा दबाव जरूर था. सच्चाई यह है कि पिच चाहे कितनी भी अच्छी क्यों न हो या मैदान कितना भी छोटा क्यों न हो, 400 रनों के लक्ष्य का पीछा करना कभी आसान नहीं होता. इसलिए मैं इस प्रदर्शन से बेहद संतुष्ट और खुश हूं कि मैं अंत तक क्रीज पर टिका रहा और अपनी टीम को जीत दिलाकर ही वापस लौटा.’

अपनी मानसिकता और रन चेज की रणनीति
अपनी इस अद्भुत फॉर्म और रन चेज के दौरान मानसिकता को लेकर गिल ने खुलासा किया. उन्होंने कह, ‘मैं खेल को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर देखता हूं. हमने सबसे पहले पावरप्ले का एक लक्ष्य तय किया था कि अगर हम बिना कोई विकेट खोए 75-80 रन बना लेते हैं, तो यह एक बेहतरीन शुरुआत होगी. हमें पता था कि नई गेंद से शुरुआत में थोड़ी मदद मिल सकती है, लेकिन जैसे-जैसे गेंद पुरानी होगी, पिच बल्लेबाजी के लिए और बेहतर होती जाएगी. इसके अलावा, मैदान का एक किनारा (बाउंड्री) बहुत छोटा था, इसलिए हमने तेज गेंदबाजों के खिलाफ उस ओर आक्रमण करने की योजना बनाई थी. 25 ओवरों के आसपास मेरा सोचना था कि अगर हम 200-210 रन के करीब रहते हैं तो हम अच्छी स्थिति में होंगे, लेकिन हम 230-240 के आसपास पहुंच गए थे. पावरप्ले के बाद दबाव कभी हम पर आया ही नहीं, बल्कि दबाव पूरी तरह से विरोधी टीम पर था. आधी पारी तक हमने कोई विकेट नहीं गंवाया, जो हमारे लिए सबसे बड़ा प्लस प्वाइंट साबित हुआ.’

गेंदबाजी प्रदर्शन और मैच में वापसी
टीम इंडिया की गेंदबाजी पर गिल ने कहा, ‘ईमानदारी से कहूं तो हमने शुरुआती पावरप्ले में अच्छी गेंदबाजी नहीं की, जैसा कि पहले वनडे मैच में भी हुआ था. विपक्षी बल्लेबाजों ने पूरी आजादी के साथ बल्लेबाजी की और एक समय ऐसा लग रहा था कि वे 420 या 430 का आंकड़ा भी पार कर जाएंगे. ऐसे में हमारी टीम ने जिस तरह वापसी की और अंतिम ओवरों में 25-30 रन बचाए, उसने लक्ष्य का पीछा करते समय हमारे लिए बड़ी राहत का काम किया.’

तीसरे वनडे में बदलाव के संकेत
सीरीज अपने नाम करने के बाद क्या अंतिम वनडे में बदलाव होंगे, इस सवाल पर गिल ने कहा, ‘हां, बिल्कुल संभावना है. मैं निश्चित रूप से उन खिलाड़ियों को मौका देना चाहता हूं जिन्हें अभी तक खेलने का अवसर नहीं मिला है. हम देखेंगे कि हमारे लिए कौन सा संयोजन सबसे उपयुक्त रहता है और उन्हें मैदान पर उतरने का मौका देंगे.’

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *