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Delhi Bus Gang Rape: दिल्ली में चलती प्राइवेट स्लीपर बस के भीतर 16 वर्षीय किशोरी से सामूहिक दरिंदगी के मामले में विज्ञान ने गुनाहगारों को बेनकाब कर दिया है. 4 अगस्त को हुई इस वारदात के बाद बस की सीटों और कपड़ों से जुटाए गए सीमेन व बालों के नमूनों की डीएनए रिपोर्ट ने दोनों आरोपियों के खिलाफ सबसे पुख्ता सबूत तैयार किया.
दिल्ली पुलिस ने 398 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है. (फाइल फोटो)
Delhi Bus Gang Rape: नई दिल्ली में चलती प्राइवेट स्लीपर बस के भीतर 16 साल की नाबालिग लड़की के साथ हुई गैंगरेप की खौफनाक वारदात में डीएनए जांच ने आरोपियों के चेहरे बेनकाब कर दिए हैं. 4 अगस्त को हुई इस घिनौनी करतूत के बाद बस की सीटों और पीड़िता के कपड़ों से जुटाए गए वैज्ञानिक साक्ष्य ही मामले का सबसे अहम सिरा साबित हुए. फोरेंसिक जांच में मिले सीमेन और बालों के नमूनों के सीधे मिलान ने बस के ड्राइवर और कंडक्टर को इस संगीन अपराध से जोड़ दिया.
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए घटना के महज 48 दिनों के भीतर 18 सितंबर को अदालत में 398 पन्नों का पुख्ता आरोप पत्र दाखिल कर दिया. मामले में नामजद दोनों मुख्य आरोपी- 39 वर्षीय ड्राइवर कुलदीप और 26 वर्षीय कंडक्टर संदीप, उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले हैं. पुलिस ने दोनों के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट की धारा 6 के साथ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की अपहरण और अवैध रूप से बंधक बनाने से जुड़ी गंभीर धाराओं के तहत शिकंजा कसा है.
अदालत ने 24 सितंबर को पुलिस की इस चार्जशीट पर संज्ञान ले लिया है. इस कानूनी दस्तावेज में कुल 50 गवाहों के बयान और तकनीकी व वैज्ञानिक साक्ष्यों की पूरी कड़ी दर्ज की गई है, जिससे दोनों आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…
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