गाजियाबाद: NDRF-सदरपुर रोड पर गहरे गड्ढे और खुले मेनहोल बने आफत, 3 साल से समाधान का इंतजार, GDA ने जारी किया टेंडर

Ghaziabad News: गाजियाबाद में विकास की रफ्तार के बीच एनडीआरएफ-सदरपुर रोड की बदहाली लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है. हापुड़ रोड से शुरू होकर एनडीआरएफ, गोविंदपुरम, रईसपुर और आसपास के इलाकों को जोड़ते हुए दुहाई तक जाने वाली इस सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हैं. सड़क का करीब 200 से 300 मीटर हिस्सा बेहद खराब है. स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले दो से तीन साल से यही समस्या बनी हुई है.

इस दौरान कई बार स्थानीय लोगों ने सड़क की मरम्मत को लेकर शिकायत और मांग उठाई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ. बारिश के दिनों में गड्ढों में पानी भरने के बाद सड़क और खतरनाक हो जाती है. पानी के नीचे गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लगने से दोपहिया वाहन चालकों और ई-रिक्शा सवारों के गिरने का खतरा बना रहता है.

महिलाओं और बच्चों के लिए निकलना जोखिम भरा, नालियों से उठती दुर्गंध
बालाजी एन्क्लेव निवासी आंचल ने बताया कि वह रोज अपने बच्चे को लेने और छोड़ने के लिए इस रास्ते से आती-जाती हैं. सड़क की हालत इतनी खराब है कि स्कूटी से निकलना भी जोखिम भरा लगता है. सड़क पर उड़ती धूल और गंदगी से भी परेशानी होती है. उन्होंने बताया कि बरसात में स्थिति और खराब हो जाती है और पानी सड़क तक भर जाता है. खासकर महिलाओं और बच्चों के लिए यहां से निकलना मुश्किल हो जाता है.

परिवार के लोग भी इस रास्ते की हालत देखकर पीछे के रास्ते से जाने की सलाह देते हैं, लेकिन इससे समय ज्यादा लगता है. सड़क के साथ नालियों की सफाई और रखरखाव की स्थिति भी ठीक नहीं है. उनका आरोप है कि नालियां अक्सर कचरे से भरी रहती हैं, जिससे आसपास गंदगी और दुर्गंध की समस्या बनी रहती है. उनका कहना है कि आसपास के अंदरूनी रास्ते कहीं बेहतर हैं, लेकिन मुख्य सड़क की लंबे समय से मरम्मत नहीं हुई है.

गहरे गड्ढों के कारण अक्सर होते हैं हादसे, स्थानीय निवासियों ने बयां किया दर्द
गोविंदपुरम निवासी सोनू कुमार ने बताया कि एनडीआरएफ रोड पर बारिश में निकलना भारी पड़ जाता है. उनके मुताबिक पानी भरने के बाद गहरे गड्ढे दिखाई नहीं देते और दोपहिया वाहन चालक, खासकर महिलाएं, कई बार गिर जाती हैं. उन्होंने बताया कि छोटे-मोटे हादसे अक्सर होते हैं. सोनू के अनुसार सड़क का पूरा हिस्सा खराब नहीं है, लेकिन करीब 200-300 मीटर का हिस्सा बुरी तरह टूटा हुआ है. उन्होंने प्रशासन से सड़क को जल्द ठीक कराने की मांग की है.

हरसांव-आरके पुरम क्षेत्र की रहने वाली सोनिया ने बताया कि बच्चों को रोज स्कूल लाने-ले जाने में सबसे ज्यादा परेशानी होती है. सड़क इतनी टूटी है कि कई बार गलत साइड से निकलना पड़ता है या वाहन गड्ढों से बचाते हुए चलाना पड़ता है. उन्होंने बताया कि रईसपुर की तरफ से आने वाला रास्ता भी खराब है. सड़क करीब एक से दो साल से इसी हालत में है और उन्होंने इसे ठीक होते नहीं देखा. बारिश में यहां काफी पानी भर जाता है. उनका कहना है कि कुछ जगह भराव जरूर किया गया है, लेकिन समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई. उन्होंने दिवाली से पहले सड़क बनवाने की मांग की है.

खुले मेनहोल बने बड़ा खतरा, जीडीए ने कहा- टेंडर जारी, जल्द शुरू होगा काम
बालाजी एनक्लेव निवासी रिंकू सिंघल ने बताया कि वह करीब ढाई साल से सड़क की खराब हालत देख रहे हैं. बारिश में यहां काफी पानी भरता है और ई-रिक्शा व बैटरी रिक्शा तक पलट जाते हैं. उन्होंने बताया कि सड़क के किनारे नाले का काम शुरू हुआ है, लेकिन अभी कई जगह खुले मेनहोल भी परेशानी का कारण बने हुए हैं. इनमें वाहन फंसने का खतरा रहता है.

रिंकू ने प्रशासन से जल्द नाला निर्माण पूरा कराने के साथ सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है. जीडीए अधिकारियों ने बताया कि एनडीआरएफ रोड के निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है. टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल्द ही सड़क निर्माण का काम शुरू कराया जाएगा.

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