चुनाव में कथित गड़बड़ी के आरोपों को लेकर दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने दिल्ली में हुए प्रदर्शन को ‘अराजकतावादियों का फ्लॉप शो’ करार देते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी नेता कथित चुनावी गड़बड़ियों के नाम पर फर्जी खबरें फैलाकर देश में अराजकता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. पात्रा ने इसे ‘भीड़तंत्र पर लोकतंत्र की जीत’ बताया.
‘यह मोदी बनाम मीर जाफर की लड़ाई’
संबित पात्रा ने कहा, ‘देखिए, यह मोदी बनाम मीर जाफर की लड़ाई है. ये कुछ ऐसे लोग हैं, जो सत्ता के लिए देश को भी गिरवी रख सकते हैं. याद रखिए, सड़क पर अराजकता फैलाने की जो कोशिश की जा रही है, उसे पूरा हिंदुस्तान सुने. ये जो सड़क के ऊपर अराजकता की लड़ाई करने का प्रयास किया जा रहा है, पूरा हिंदुस्तान सुने. कि केवल और केवल किस प्रकार बिना इलेक्शन जीते, बिना इलेक्शन लड़े सत्ता पर काबिज हो जाना है. किस प्रकार मेहनत किए बगैर प्रधानमंत्री बन जाना है. उसके लिए भले ही देश को गिरवी रखना पड़े, दोहरा मानदंड अपनाना पड़े, उसके लिए मीर जाफर तैयार है. ये लड़ाई मोदी वर्सेस मीर जाफर की है.’
इसके साथ ही उन्होंने कहा, ‘देश में देश का कानून चलेगा. देश में अराजकता नहीं चलेगी और देश में सत्य की जीत होगी. ना आतंकवाद की जीत होगी, ना अराजकता की जीत होगी, ना नक्सलिज्म की जीत होगी और ना ईस्ट इंडिया कंपनी फिर से आकर यहां विदेशी झंडा फहरा सकेगी. इन मीर जाफरों के कारण मुगलों का आगमन हुआ, इन मीर जाफरों के कारण… चाहे विदेशी ताकत लाख स्पॉन्सर कर दे, जीत भारत की ही होगी.
संबित पात्रा ने आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल, तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी को भी निशाने पर लिया. उन्होंने आरोप लगाया कि इन नेताओं ने पश्चिम बंगाल के रेजिनगर विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 109 पर मतगणना में कथित गड़बड़ी को लेकर गलत जानकारी शेयर की.
रेजिनगर के बूथ नंबर 109 पर क्या है विवाद?
संबित पात्रा के मुताबिक, विपक्षी नेताओं ने दावा किया था कि पश्चिम बंगाल के रेजिनगर स्थित बूथ नंबर 109 पर मतदाताओं की संख्या 772 थी. उन्होंने कहा कि बाद में मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से एक्स पर जानकारी साझा की गई कि वहां रजिस्टर्ड वोटर्स की संख्या 1,109 थी.
पात्रा ने दावा किया कि आधिकारिक जानकारी सामने आने के बावजूद विपक्षी नेताओं ने गलत आंकड़े का प्रचार जारी रखा. उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल, अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी को पता था कि यह दावा सही नहीं है, फिर भी इसे फैलाया गया.
बीजेपी नेता ने कहा कि फर्जी खबरों के जरिये लोगों को गुमराह करने और अशांति पैदा करने की कोशिश की गई. हालांकि, इस मामले में विपक्षी नेताओं के दावों और निर्वाचन अधिकारी की ओर से दी गई जानकारी को अलग-अलग देखना जरूरी है. पात्रा के आरोप अपने आप में किसी साजिश का स्वतंत्र प्रमाण नहीं हैं.
राष्ट्रपति से मुलाकात पर राहुल गांधी को घेरा
संबित पात्रा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की राष्ट्रपति से मुलाकात को लेकर भी सवाल उठाए. राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं ने कथित चुनावी अनियमितताओं के संबंध में राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा था. इस पर पात्रा ने पूछा कि अगर विपक्ष के पास वोट चोरी या चुनावी गड़बड़ी के सबूत थे, तो उन्हें ज्ञापन के साथ ही क्यों नहीं सौंपा गया.
बीजेपी सांसद ने कहा कि राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपने के बाद सबूत बाद में देने की बात करना समझ से परे है. उन्होंने विपक्ष के इस दावे पर भी सवाल उठाया कि राष्ट्रपति ने उनसे बाद में प्रमाण उपलब्ध कराने को कहा था.
पात्रा ने आरोप लगाया कि विपक्ष इस पूरे मामले को राजनीतिक विवाद में बदल रहा है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति जैसे संवैधानिक पद को राजनीतिक टकराव में घसीटना उचित नहीं है.
EVM हैकथॉन का जिक्र कर विपक्ष को चुनौती
बीजेपी नेता ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी EVM की विश्वसनीयता पर उठाए जा रहे सवालों को लेकर भी विपक्ष को घेरा. उन्होंने चुनाव आयोग की ओर से राजनीतिक दलों को EVM की कथित कमजोरियों को प्रदर्शित करने के लिए हैकथॉन में भाग लेने के निमंत्रण का जिक्र किया.
पात्रा के मुताबिक, चुनाव आयोग ने राजनीतिक दलों को मशीनों में छेड़छाड़ करके दिखाने की चुनौती दी थी, ताकि ऐसी किसी कमजोरी के सामने आने पर सुधार किया जा सके. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल इस चैलेंज में शामिल नहीं हुए.
उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि जो नेता देश के शीर्ष संवैधानिक पदों पर जिम्मेदारी निभाने की आकांक्षा रखते हैं, उनसे अपेक्षा की जाती है कि वे अपने आरोपों के समर्थन में ठोस प्रमाण भी प्रस्तुत करें.
सुप्रीम कोर्ट में प्रदर्शन से जुड़ी याचिकाओं पर भी सवाल
संबित पात्रा ने सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस और विपक्ष से जुड़े याचिकाकर्ताओं की ओर से उठाए गए मुद्दों का भी जिक्र किया. उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के सिलसिले में सुविधाओं, जैसे शौचालय और चिकित्सा सहायता, की मांग की गई, लेकिन कथित वोट चोरी के मुद्दे पर न्याय की मांग को उसी तरह प्रमुखता नहीं दी गई.
पात्रा ने सवाल किया कि अगर विपक्ष चुनावी अनियमितताओं को लेकर गंभीर है, तो उसे अपने आरोपों के समर्थन में सबूत और कानूनी आधार सामने रखने चाहिए.
संबित पात्रा पर इमरान मसूद का पलटवार
राष्ट्रपति को सबूत न देने के आरोप पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, ‘वोट चोरी के एक लाख सबूत है… सारे सबूत देंगे. आपके झूठ को उजागर करके रहेंगे.’ वहीं राहुल गांधी को नालायक बोलने पर इमरान मसूद ने पलटवार करते हुए कहा, ‘संबित पात्रा जाहिल और जोकर है. मीरजाफर कौन है, ये इतिहास जानता है… जिन्होंने माफीनामा लिखा है न वो देश के मीरजाफर है. इनके माफीनामा से इतिहास भरा पड़ा है. दिल्ली नहीं सोमालिया बना दिया है. हमारा प्रदर्शन इस्तीफा होने तक जारी रहेगा.’
दरअसल चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर बीजेपी और विपक्ष के बीच टकराव लगातार राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है. विपक्षी दल चुनावों में गड़बड़ी की जांच और जवाबदेही की मांग कर रहा है, जबकि बीजेपी इन आरोपों को खारिज करते हुए विपक्ष पर गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगा रही है.
इसी कड़ी में संबित पात्रा ने कल आए उपचुनाव के नतीजों का हवाला देते हुए दावा किया कि बीजेपी और उसके सहयोगियों ने इन चारों सीटों पर जीत हासिल की. इसी कड़ी में उन्होंने पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजिनगर सीटों के साथ पुडुचेरी का भी जिक्र किया.
