दिल्‍लीवालों! अब एक क्लिक पर फोन-लैपटॉप पर देख पाओगे जमीन का लैंड यूज, DDA ने कर दिया इंतजाम

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दिल्‍लीवालों! अब एक क्लिक पर देख पाओगे जमीन का लैंड यूज, DDA ने कर दिया इंतजाम

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दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने मास्‍टर प्‍लान दिल्‍ली (MPD-2047) के तहत एक नया जीआईएस-आधारित इंटरैक्टिव डिजिटल मैप लॉन्च किया है, जिससे अब घर बैठे किसी भी प्रॉपर्टी या प्लॉट का लैंड यूज ऑनलाइन देखा जा सकेगा. इस मैप में प्लॉट स्तर की जानकारी, नौ प्रमुख लैंड यूज कैटेगरी, लैंड पूलिंग की जानकारी उपलब्ध है. साथ ही, लोग लंबाई-चौड़ाई मापने और स्केच बनाने की सुविधा का लाभ उठाकर शहरी नियोजन की प्रक्रिया को बेहद पारदर्शी बना सकते हैं.

डीडीए ने लोगों को सौगत दी है. (AI Image)

डिजिटल तकनीक अब हमारी रोजमर्रा की जिंदगी और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को कितना आसान बना रही है, इसकी एक शानदार मिसाल राजधानी दिल्ली में देखने को मिली. अब दिल्ली के किसी भी इलाके या प्रॉपर्टी का तय लैंड यूज जानने के लिए आम लोगों को डीडीए (DDA) या किसी अन्य सरकारी दफ्तर के लंबे चक्कर लगाने की कोई जरूरत नहीं पड़ेगी. उपराज्यपाल तारनजीत सिंह संधू के खास निर्देशों के बाद दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने दिल्ली के 2047 मास्टर प्लान (MPD-2047) के लैंड यूज को एक अत्याधुनिक जीआईएस (GIS) आधारित इंटरैक्टिव डिजिटल मैप के रूप में ऑनलाइन लॉन्च कर दिया है. यह कदम शहर के शहरी नियोजन और रियल एस्टेट सेक्टर में एक बड़ा क्रांतिकारी बदलाव लेकर आया है, जिससे पारदर्शिता बढ़ने के साथ-साथ आम जनता और प्रोफेशनल्स का काम बेहद आसान हो जाएगा.

मैप की मुख्य विशेषताएं और लेयर्स

• प्लॉट स्तर तक की सटीक जानकारी: इस एडवांस डिजिटल मैप के जरिए कोई भी नागरिक किसी भी खास इलाके, स्थान या प्रॉपर्टी को ऑनलाइन सर्च कर सकता है और सीधे प्लॉट के स्तर तक जाकर उसका निर्धारित लैंड यूज देख सकता है. मैप को जरूरत के अनुसार आसानी से ज़ूम भी किया जा सकता है.
• थीमैटिक लेयर्स की सुविधा: इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लैंड पूलिंग एरिया और ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) जोन जैसी कई महत्वपूर्ण थीमैटिक लेयर्स एक साथ उपलब्ध कराई गई हैं.
• विशेष प्रोजेक्ट्स का डेटा: इसके अलावा, द्वारका सब-सिटी, रोहिणी प्रोजेक्ट लेआउट, पीएम-उदय (PM-UDAY) कॉलोनियां और डीडीए पार्कों से जुड़ी सभी अहम जानकारियां अलग-अलग लेयर्स के माध्यम से आसानी से देखी जा सकती हैं.
• रंगों के आधार पर वर्गीकरण: बेहतर समझ के लिए 9 प्रमुख लैंड यूज कैटेगरी को अलग-अलग रंगों से दर्शाया गया है, जिनमें मुख्य रूप से रिहायशी, व्यावसायिक, औद्योगिक, मनोरंजन, परिवहन, यूटिलिटी, सरकारी, पब्लिक एंड सेमी-पब्लिक फैसिलिटीज और कृषि एवं जल निकाय शामिल हैं.

डाइमेंशन जांचने की विशेष तकनीक
इस इंटरैक्टिव मैप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें सिर्फ जमीन का उपयोग देखने तक की सीमा नहीं है बल्कि उपयोगकर्ता इसके जरिए दूरी और आयाम (डाइमेंशन) भी माप सकते हैं. यूजर मैप पर अपनी जरूरत के हिसाब से कोई भी ड्राइंग या स्केच तैयार कर सकते हैं, जिससे किसी भी सड़क या प्लॉट की लंबाई-चौड़ाई का प्राथमिक स्तर पर सटीक आकलन करना बेहद आसान हो जाता है. डीडीए के अनुसार, इस जीआईएस मैप को उपलब्ध डेटा के आधार पर लगातार अपडेट किया जाएगा, ताकि दिल्ली के अर्बन प्लानिंग से जुड़ी जानकारी हमेशा अप-टू-डेट बनी रहे.

स्टेकहोल्डर्स को मिलेंगे बड़े फायदे
यह नई डिजिटल व्यवस्था आम जनता के अलावा प्लानर्स, आर्किटेक्ट्स, सरकारी एजेंसियों और तमाम स्टेकहोल्डर्स के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी. इससे प्लानिंग और डेवलपमेंट से जुड़ी शुरुआती जांच में तेजी आएगी, सिस्टम में पारदर्शिता आएगी और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को भी बढ़ावा मिलेगा. आने वाले समय में यह जीआईएस आधारित व्यवस्था अलग-अलग विभागों के स्थानिक डेटा को एक साथ जोड़ने में मदद करेगी और अमृत (AMRUT) व पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान जैसी राष्ट्रीय पहलों के साथ मजबूत तालमेल की आधारशिला भी तैयार करेगी.

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Sandeep GuptaChief Sub Editor

पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्‍मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…

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