Ground Report: 'CJP को प्रोटेस्ट का हक तो हमें भी रोटी कमाने का हक'; अभिजीत दिपके को काराबोरियों ने खूब सुनाया

कॉकरोच जनता पार्टी आज दिल्ली के कनॉट प्लेस में तिरंगा मार्च निकालने जा रही है. सुप्रीम कोर्ट ने भी दिपके को राहत दे दी है. इसके चलते इनर सर्कल पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है. हर तरफ पुलिस बल और बेरिकेड लगे हैं. पूरा सीपी आज छावनी में तब्दील हो गया है. इससे पहले दिल्ली ट्रैफिक पुलिस 21 रूटों पर यातायात प्रभावित होने और डायवर्जन को लेकर ट्रैफिक एडवाइजरी भी जारी कर चुकी है. हालांकि इस विरोध प्रदर्शन को लेकर अब सीपी का कारोबारी समाज नाराज हो गया है. कनॉट प्लेस में दुकानें और व्यवसाय चलाने वाले कारोबारियों ने विरोध प्रदर्शन किया है और अभिजीत दिपके को खूब खरी-खोटी सुनाई है. न्यूज18 ने इसे लेकर व्यवसायियों से बात की है.

दरअसल, दिल्ली के कनॉट प्लेस में सीजेपी की ओर से घोषित ‘लहरा दो तिरंगा मार्च’ के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में कारोबारियों की ओर से एक याचिका दायर की गई थी. शुक्रवार को वकील जय अनंत देहादराय ने कारोबारियों को होने वाले नुकसान को लेकर चिंता जताई. उनका तर्क था कि सीजेपी प्रोटेस्ट के चलते उनके कारोबार को नुकसान हो रहा है लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने कारोबारियों को झटका देते हुए कोई निर्देश जारी करने से मना कर दिया. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने सीजेपी को नसीहत देते हुए उम्मीद जताई कि समझदारी से काम लिया जाएगा और लोगों को कोई परेशानी नहीं होगी.

सुप्रीम कोर्ट के इस निर्देशों के बाद न्यू दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन के कारोबारियों ने विरोध प्रदर्शन किया है. उनका कहना है कि अगर सीजेपी को प्रदर्शन करने का हक है तो उन्हें भी तो रोजी रोटी कमाने का हक है.क्या वे अपने बाल-बच्चों को भूखा मार दें. त्यौहारी सीजन का वे पूरे साल इंतजार करते हैं, लेकिन सीजेपी के इन प्रदर्शनों के चलते महीनों से उनका कारोबार ठप्प पड़ा है. उनका आरोप है कि लोग अब सीपी में शॉपिंग के लिए आने से कतरा रहे हैं.

इस दौरान विरोध कर रहे कारोबारियों से जब न्यूज18 ने बात की तो उन्होंने खुलकर अपना दर्द बयां किया. आइए जानते हैं उन्होंने क्या-क्या कहा?

इनको प्रोटेस्‍ट का हक क्‍या हमें रोजी रोटी कमाने का नहीं? 

कारोबारी विक्रम सिंह ने कहा, ‘इनको प्रोटेस्ट का हक है तो हमें भी रोटी कमाने का हक है. पिछले कुछ दिनों से लगातार बिजनेस ठप्प पड़ा है. जबकि त्योहारों का सीजन चल रहा है.इसी समय की कारोबारी आस लगाता है.’

हर बार सीपी ही क्‍यों? 

व्यवसाई अमित गुप्ता ने कहा, ‘ हर बार सीपी ही क्यों? राहगीरी का कार्यक्रम हो तो सीपी, नेता को लंच करना हो तो सीपी , तिरंगा यात्रा करनी हो तो सीपी, ये कोई प्रोटेस्ट साईट नहीं है. प्लीज हमे काम करने दीजिए.’

थोड़ी सुरक्षा कम करें 

गौरवजीत कोचर ने कहा,’रिक्वेस्ट है थोड़ी सिक्योरिटी कम करें, हम समझते हैं कि यह जरूरी है लेकिन लोग लगातार ऐसी एनाउंसमेंट सुनेंगे तो कैसे सेफ महसूस करेंगे.’

अरे जहां जगह दी है वहां प्रदर्शन करो न

प्रेम शर्मा बोले-‘हद हाल है, मुश्किल से मुश्किल वक्त में भी हमने ये बाजार बंद नहीं किया, लेकिन अब हालात ये हैं कि लोग कॉल करके पूछते हैं. सीपी खुला है या नहीं. अरे खूब विरोध प्रदर्शन करो, लेकिन जहां जगह दी है वहां करो प्रोटेस्ट.’

सीपी आना छोड़ रहे लोग

तरुण अग्रवाल ने कहा, ‘लोगो ने सीपी आना ही छोड़ दिया है. आज हालात ये हैं कि कही और पहुचने में आधा घंटा लगता है तो यहां पहुंचने में दो घंटे लग रहे हैं. फिर ये भी नहीं पता कि वापस कब आयेंगे. त्योहार का मौसम है. हम आस लगाये बैठे हैं, लेकिन बहुत बुरा हाल है.’

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