जेल में कैसे बीता वक्त? अभिजीत दिपके ने छूटते ही दिया जवाब, जानकर हंसी नहीं रोक पाएंगे आप

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जेल में कैसी कटी? अभिजीत दिपके ने छूटते ही दिया जवाब, हंसी नहीं रोक पाएंगे आप

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कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके शनिवार शाम दिल्ली पुलिस की हिरासत से रिहा हो गए. उन्हें शुक्रवार को कनॉट प्लेस में पार्टी के ‘लहरा दो तिरंगा’ अभियान से पहले हिरासत में लिया गया था. हालांकि दिल्ली की अदालत ने 50000 के बॉन्ड पर उन्हें जमानत दे दी. रिहाई के बाद दिपके ने X पर एक मीम शेयर किया है, जिसे देखकर आप भी अपनी हंसी नहीं रोक पाएंगे.

कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके शनिवार शाम जेल से रिहा हो गए.

कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके शनिवार शाम जेल से रिहा हो गए. उन्हें एक दिन पहले ही नई दिल्ली के कनॉट प्लेस में ‘लहरा दो तिरंगा’ अभियान के दौरान दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था. हालांकि दिल्ली की सब-डिविजनल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट अदालत (SEM कोर्ट) ने 50000 रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दिया. इस निजी बॉन्ड के तहत दिपके को साल भर ऐसी किसी भी गतिविधि से दूर रहना होगा, जिससे शांति भंग होने हो.

जेल से रिहाई के बाद, दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बॉलीवुड सुपरस्टार शाहरुख खान की एक तस्वीर के साथ पोस्ट किया, ’24 घंटे तक बिना वाईफाई और फोन के जेल से बाहर आने पर कैसा लगता है.’

दिपके को शुक्रवार को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में CJP के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिया गया था. सीजेपी ने चुनाव सुधारों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर अपने विरोध प्रदर्शन के हिस्से के रूप में ‘लहरा दो तिरंगा’ अभियान की घोषणा की थी.

दिल्ली पुलिस ने ‘भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता’ (BNSS) की धारा 163 के तहत पाबंदियों का हवाला देते हुए कहा कि इस प्रस्तावित कार्यक्रम के लिए नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) से जरूरी अनुमति नहीं ली गई थी.

हिरासत में लिए जाने से पहले, दिपके ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा था कि वह अकेले चल रहे थे और उनके हाथ में राष्ट्रीय ध्वज था. उन्होंने कहा था, ‘आप मुझे क्यों रोक रहे हैं? मैं बिल्कुल अकेला चल रहा हूं; मेरे साथ कोई भीड़ नहीं है. क्या इस देश में तिरंगा लहराना कोई अपराध है?’

सीजेपी का कहना था कि यह अभियान शांतिपूर्ण तरीके से चलाया जाना था. उन्होंने अपने समर्थकों से अपील की थी कि वे बड़ी भीड़ न जुटाएं, बल्कि छोटे समूहों में चलें, राष्ट्रीय ध्वज थामें और फिर वहां से चले जाएं.

दिपके की रिहाई ऐसे समय में हुई है, जब एक दिन पहले ही पुलिस ने कनॉट प्लेस के आसपास लगी पाबंदियों के बीच दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों से कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया था. पुलिस ने बताया कि बाद में कनॉट प्लेस के इनर सर्कल में तिरंगे के साथ एक संक्षिप्त मार्च निकालने की अनुमति दे दी गई थी.

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साद बिन उमर

साद बिन उमर मीडिया इंडस्ट्री में 15 साल से अधिक के अनुभव वाले सीनियर पत्रकार हैं. वह अभी News18 Hindi (hindi.news18.com) से जुड़े हैं, जहां वे होम पेज डेस्क पर काम करते हैं.

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