Last Updated:
Cancer Early Symptoms: सर गंगा राम हॉस्पिटल ट्रस्ट सोसाइटी के चेयरमैन डॉ. डीएस राणा ने कहा कि सर गंगा राम अस्पताल और ‘द क्रिस्टी’ के बीच यह अंतरराष्ट्रीय सहयोग, कैंसर के इलाज में मेडिकल जानकारी और आपसी साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है. ऑर्गेनाइजिंग चेयरपर्सन और सर गंगा राम अस्पताल में मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के चेयरमैन डॉ. श्याम अग्रवाल ने कहा कि अब कैंसर से बचाव पर केवल तंबाकू, खान-पान और जीवनशैली तक सीमित रहकर बात नहीं की जा सकती.
नई दिल्ली: अक्सर कैंसर के मामलों में मरीजों को तब बीमारी का पता चलता है. जब वह अंतिम स्टेज पर पहुंच चुकी होती है और तब तक बहुत देर हो चुकी होती है. ऐसे में कोई भी दवा या इलाज मरीज के शरीर पर असर नहीं करता. हालांकि, अगर आपको कुछ सामान्य लक्षणों के बारे में जानकारी हो तो कैंसर को पहली स्टेज पर ही पकड़कर पूरी तरह ठीक किया जा सकता है. इस बारे में जब देश के जाने-माने डॉक्टर और पद्मश्री से सम्मानित डॉ. सौमित्र रावत से बात की गई तो उन्होंने 2 बेहद आम लक्षण बताए.
नई दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल में सर्जिकल गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी, जीआई और एचपीबी ऑन्को-सर्जरी और लिवर ट्रांसप्लांटेशन विभाग के चेयरमैन डॉ. सौमित्र रावत ने बताया कि अगर किसी का वजन लगातार कम हो रहा है और उसे अत्यधिक कमजोरी या थकान महसूस हो रही है तो यह कैंसर के शुरुआती संकेत हो सकते है. अगर बिना किसी वजह के आपका वजन घट रहा है और हर वक्त थकान बनी रहती है तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
प्रदूषण से भी बढ़ रहा है कैंसर का खतरा
हवा में बढ़ता प्रदूषण, खासकर बारीक कण (PM2.5) और जमीन के पास मौजूद ओजोन ने भारत में कैंसर को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी है. यह बात कैंसर विशेषज्ञों ने सर गंगा राम अस्पताल, नई दिल्ली और यूरोप के प्रमुख कैंसर स्पेशलिस्ट सेंटर ‘द क्रिस्टी एनएचएस फाउंडेशन ट्रस्ट (यूके)’ के संयुक्त इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस के दौरान कही. इस कॉन्फ्रेंस में इस बात पर भी चर्चा हुई कि कोलोरेक्टल और अन्य गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कैंसर के इलाज में भारत कैसे तेजी से आगे बढ़ रहा है. इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की सचिव और आईएएस अधिकारी पुण्य सलिला श्रीवास्तव मौजूद रही.
सर गंगा राम हॉस्पिटल ट्रस्ट सोसाइटी के चेयरमैन डॉ. डीएस राणा ने कहा कि सर गंगा राम अस्पताल और ‘द क्रिस्टी’ के बीच यह अंतरराष्ट्रीय सहयोग, कैंसर के इलाज में मेडिकल जानकारी और आपसी साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम है. ऑर्गेनाइजिंग चेयरपर्सन और सर गंगा राम अस्पताल में मेडिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के चेयरमैन डॉ. श्याम अग्रवाल ने कहा कि अब कैंसर से बचाव पर केवल तंबाकू, खान-पान और जीवनशैली तक सीमित रहकर बात नहीं की जा सकती.
उन्होंने बताया कि अब ओपीडी में 15 साल तक की कम उम्र के जीआई कैंसर के मरीज भी आ रहे हैं, जो 5 साल पहले आम बात नहीं थी. उन्होंने कहा कि हाल की अंतरराष्ट्रीय स्टडीज़ ने वायु प्रदूषण और कैंसर के गहरे संबंध को साबित किया है. हमें ओजोन पर खास ध्यान देने की जरूरत है, क्योंकि अक्सर लोगों का ध्यान सिर्फ PM2.5 और PM10 पर होता है, जबकि जमीन के स्तर पर मौजूद ओजोन एक गंभीर लेकिन कम पहचानी जाने वाली समस्या है.
इन वजहों से भी हो रहा है कैंसर
डॉ. सौमित्र रावत ने बताया कि सिगरेट और शराब पीने से कैंसर का खतरा काफी बढ़ जाता है. इसके अलावा, प्रदूषण से फेफड़ों और पेट का कैंसर होने की आशंका रहती है. मोटापा भी कैंसर के बड़े जोखिमों में से एक है. जो लोग बिल्कुल एक्सरसाइज नहीं करते उनमें कैंसर का खतरा सबसे ज्यादा होता है. इसके अलावा अत्यधिक फास्ट फूड खाने वाले लोग भी इसकी चपेट में आ सकते है. आजकल कई हरी सब्जियों और फलों को जल्दी पकाने या उगाने के लिए केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है. इसलिए जरूरी है कि जब भी आप फल और सब्जियां खरीदें, तो कोशिश करें कि वे ऑर्गेनिक हों और उनमें केमिकल का इस्तेमाल न किया गया हो. घर लाने के बाद फल और सब्जियों को हमेशा अच्छी तरह और देर तक पानी से धोने के बाद ही पकाएं या खाएं.
