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Property Buying Tips: एक्सपर्ट इकोनॉमिस्ट आकाश जिंदल के मुताबिक प्रॉपर्टी खरीदने से पहले यह पता करना बेहद जरूरी है कि जिस व्यक्ति से आप सौदा कर रहे है. वह उसका असली कानूनी मालिक है भी या नहीं. प्रॉपर्टी के टाइटल यानी मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेजों की अच्छे से जांच करें. यह भी देखें कि संपत्ति पर किसी तरह का विवाद, दावा या कानूनी रोक तो नहीं है. सिर्फ विक्रेता (सेलर) की बातों पर भरोसा करके लाखों रुपये का भुगतान करना समझदारी नहीं है.
घर खरीदना हर किसी के जीवन का एक बहुत बड़ा सपना होता है. लोग अपनी सालों की मेहनत की कमाई और बचत लगाकर आशियाना बनाते है. ताकि अपने परिवार के साथ सुकून भरी जिंदगी बिता सके. लेकिन इस बड़े फैसले में थोड़ी सी भी जल्दबाजी भारी पड़ सकती है. प्रॉपर्टी के दस्तावेजों में गड़बड़ी, मालिकाना हक (ओनरशिप) को लेकर विवाद या बिना मंजूरी के किया गया निर्माण भविष्य में बड़ी कानूनी परेशानी की वजह बन सकता है. इसलिए घर खरीदने से पहले कम से कम 1 सप्ताह का समय रिसर्च और कागजातों की जांच के लिए जरूर निकालना चाहिए.
एक्सपर्ट इकोनॉमिस्ट आकाश जिंदल के मुताबिक प्रॉपर्टी खरीदने से पहले यह पता करना बेहद जरूरी है कि जिस व्यक्ति से आप सौदा कर रहे है. वह उसका असली कानूनी मालिक है भी या नहीं. प्रॉपर्टी के टाइटल यानी मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेजों की अच्छे से जांच करें. यह भी देखें कि संपत्ति पर किसी तरह का विवाद, दावा या कानूनी रोक तो नहीं है. सिर्फ विक्रेता (सेलर) की बातों पर भरोसा करके लाखों रुपये का भुगतान करना समझदारी नहीं है.
प्रॉपर्टी अधिकृत है या नहीं, जरूर पता करें
दूसरा सबसे जरूरी पहलू यह है कि घर या फ्लैट संबंधित प्राधिकरण (अथॉरिटी) के नियमों के मुताबिक स्वीकृत है या नहीं. जिस इलाके में प्रॉपर्टी है, वहां के नियमों के अनुसार उसके नक्शे और निर्माण की मंजूरी की जांच जरूर करें. इसके साथ ही यह देखना भी जरूरी है कि मकान में कोई अवैध निर्माण तो नहीं किया गया है. बिना अनुमति के बना हुआ हिस्सा आगे चलकर कानूनी कार्रवाई या अन्य विवादों का कारण बन सकता है.
रजिस्ट्री और नाम ट्रांसफर के कागजों पर दें ध्यान
घर खरीदते समय केवल एग्रीमेंट या पेमेंट की रसीद अपने पास रख लेना काफी नहीं है. यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि बिक्री से जुड़े सभी दस्तावेज सही है और प्रॉपर्टी का ट्रांसफर नियमानुसार हो रहा है. रजिस्ट्री की प्रक्रिया, संबंधित रिकॉर्ड और खरीदार के नाम पर दर्ज होने वाले कागजातों की जांच करें. किसी भी कागज पर साइन करने या बड़ी रकम देने से पहले किसी अच्छे वकील से सलाह लेना हमेशा बेहतर होता है.
1 हफ्ते की रिसर्च से बच सकती है बड़ी परेशानी
प्रॉपर्टी खरीदने के लिए अगर नौकरी से छुट्टी भी लेनी पड़े या बिजनेस से समय निकालना पड़े, तब भी दस्तावेजों की जांच के काम को टालें नहीं. इस दौरान मालिकाना हक, प्रॉपर्टी की मंजूरी, निर्माण की वैधता और ट्रांसफर से जुड़े सभी पहलुओं को अच्छी तरह समझें. जरूरत पड़ने पर प्रॉपर्टी के कागजात किसी अनुभवी वकील को दिखाएं, ताकि समय रहते कमियों का पता लगाया जा सके.
भावनाओं में नहीं, पूरी जानकारी के बाद लें फैसला
घर सिर्फ ईंट और सीमेंट से बनी इमारत नहीं होती. यह परिवार के सपनों, बच्चों के भविष्य और बुजुर्गों के साथ बिताए जाने वाले सुकून भरे पलों से जुड़ा होता है. इसलिए घर खरीदने के फैसले में भावनाओं के साथ-साथ प्रैक्टिकल सोच रखना भी उतना ही जरूरी है. रियल एस्टेट में धोखाधड़ी और दस्तावेजों से जुड़े विवादों के खतरे को देखते हुए हर जानकारी की अपने स्तर पर पुष्टि जरूर करे.
