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दिल्ली में 1 नवंबर से विंटर एक्शन प्लान लागू होने जा रहा है. इस दौरान धूल उड़ाने वाले निर्माण और तोड़-फोड़ पर रोक रहेगी. हालांकि घर के अंदर की रंगाई-पुताई पर प्रतिबंध नहीं है. बीएस-6 से कम मानक वाले वाहनों की एंट्री बैन होगी.
क्या 1 नवंबर से घर पर रंगाई-पुताई भी बैन होगी? दिल्ली के विंटर एक्शन प्लान में क्या है?
दिल्ली में एक नवंबर से विंटर एक्शन प्लान लागू हो रहा है. इसमें कई तरह की पाबंदियां लगाई गई हैं. इसे लेकर कई भ्रांतियां भी चल रही हैं कि क्या काम किए जाएं और क्या काम 31 अक्टूबर तक ही निपटा लें. इसी को लेकर लोगों का सवाल है कि क्या 1 नवंबर से घर पर रंगाई-पुताई करना भी बैन हो जाएगा?
विंटर एक्शन प्लान के मुताबिक दिल्ली में 1 नवंबर से धूल उड़ाने वाले तोड़-फोड़ और खुले में होने वाले सिविल निर्माण कार्यों पर रोक लगेगी. इससे पहले घर की मरम्मत, तोड़-फोड़ या निर्माण का काम करवाने वाले परेशान हैं. वे पूछ रहे हैं कि क्या 1 नवंबर के बाद वे अपने घरों की मरम्मत भी नहीं करा सकेंगे?
इस बारे में विशेषज्ञों का कहना है कि रंग-रोगन, प्लास्टर और दूसरे काम प्रभावित हो सकते हैं. हालांकि घरों के अंतर लिपाई-पुताई पर रोक नहीं है लेकिन अगर उसके साथ घर में तोड़फोड़ या मरम्मत कराई जाती है, जिसमें धूल उड़ती है और उससे वातावरण पर प्रभाव पड़ता है तो वह बैन है.
बता दें कि दिल्ली सरकार का विंटर एक्शन प्लान 1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक लागू रहेगा. इसका मुख्य उद्देश्य सर्दियों में बढ़ने वाले वायु प्रदूषण को नियंत्रित करना है. इस प्लान में निर्माण और तोड़-फोड़ संबंधी गतिविधियों पर सख्ती बरती गई है.
क्या निर्माण पर रोक है?
1 नवंबर से 31 जनवरी तक धूल उड़ाने वाली तोड़-फोड़ (demolition) और बाहरी सिविल निर्माण कार्यों पर रोक रहेगी. यानी बड़े निर्माण स्थलों पर खुले में होने वाले धूल वाले काम बंद रहेंगे. 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक सभी तरह के निर्माण और तोड़-फोड़ कार्यों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा हालांकि जरूरी सरकारी परियोजनाओं पर सरकार फैसला लेगी. ये नियम मुख्य रूप से बड़े निर्माण स्थलों, बिल्डिंग प्रोजेक्ट्स और सड़क कार्यों पर लागू होंगे. घर के अंदर दीवारों की रंगाई, पुताई, प्लास्टरिंग या छोटी मरम्मत जैसे काम इन प्रतिबंधों में शामिल नहीं हैं.
और किन चीजों पर रहेगा प्रतिबंध?
- दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड बीएस-6 से कम मानक वाले वाहनों पर 1 नवंबर से 31 जनवरी तक एंट्री बैन.
- ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ नियम सख्ती से लागू होगा. वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र के बिना पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा.
- सरकारी और निजी कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे.
पार्किंग शुल्क दोगुना किया जाएगा.
निर्माण स्थलों की एआई कैमरों से निगरानी की जाएगी.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि ये कदम साफ हवा और स्वस्थ दिल्ली के लिए उठाए जा रहे हैं. लोगों को सलाह दी गई है कि वे गलत अफवाहों से बचें और आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें. घर की साधारण रंगाई-पुताई बेखौफ जारी रख सकते हैं.
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Priya Gautam is an accomplished journalist currently working with Hindi.News18.com with over 14 years of extensive field reporting experience. Previously worked with Hindustan times group (Hindustan Hindi) and …
