DU Convocation 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी के इतिहास में पहली बार होगा ऐसा, पास होने वाले साल में ही मिलेगी डिग्री

DU 103rd Convocation 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) से पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों के लिए इस बार बड़ी खुशखबरी है. अब उन्हें अपनी डिग्री हासिल करने के लिए अगले साल तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा. दिल्ली विश्वविद्यालय अपने इतिहास में पहली बार छात्रों को उसी साल डिग्री देने जा रहा है जिस साल उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की है. विश्वविद्यालय का 103वां दीक्षांत समारोह 20 नवंबर 2026 को आयोजित होगा.

इस समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि होंगे जबकि अध्यक्षता डीयू के कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह करेंगे. इस बार 85,231 ग्रेजुएट और 7,235 पोस्ट ग्रेजुएट स्टूडेंट्स के साथ 400 से ज्यादा PhD स्कॉलर्स को डिग्रियां दी जाएंगी. इसके अलावा 163 छात्रों को गोल्ड मेडल, एक छात्र को सिल्वर मेडल और 34 छात्रों को अलग-अलग पुरस्कार दिए जाएंगे. विश्वविद्यालय का कहना है कि इस बदलाव से खासकर उन छात्रों को फायदा होगा जो पढ़ाई पूरी करते ही विदेश में आगे की पढ़ाई या नौकरी के लिए आवेदन करना चाहते हैं.

DU के इतिहास में पहली बार 

दिल्ली यूनिवर्सिटी के 103वें दीक्षांत समारोह की सबसे खास बात इस बार डिग्री मिलने के समय में किया गया बदलाव है.डीयू के कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह के मुताबिक विश्वविद्यालय के इतिहास में यह पहला मौका होगा जब छात्रों को उनकी डिग्री उसी वर्ष प्रदान की जाएगी.जिस वर्ष उन्होंने अपना कोर्स पूरा किया है.अब तक कई छात्रों को पढ़ाई पूरी करने के बाद औपचारिक डिग्री मिलने का इंतजार करना पड़ता था लेकिन इस बार विश्वविद्यालय ने छात्रों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उसी साल डिग्री देने का फैसला किया है.इस बदलाव का फायदा उन विद्यार्थियों को मिल सकता है जिन्हें पढ़ाई पूरी करने के तुरंत बाद आगे की पढ़ाई या नौकरी के लिए अपनी डिग्री दिखानी होती है.

विदेश में पढ़ाई और नौकरी के लिए छात्रों को क्यों होगी आसानी?

दिल्ली यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह ने इस फैसले के पीछे की वजह भी बताई है.उनके मुताबिक कई छात्र ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद विदेश में आगे की पढ़ाई करना चाहते हैं.इसी तरह बहुत से विद्यार्थी अपनी पढ़ाई पूरी होते ही नौकरी के लिए आवेदन करते हैं.ऐसे मामलों में कई बार उसी साल डिग्री की जरूरत पड़ जाती है जिस साल छात्र ने अपना कोर्स पूरा किया है.अगर औपचारिक डिग्री मिलने में देरी होती है तो छात्रों को आगे की प्रक्रिया पूरी करने में परेशानी हो सकती है. इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय ने फैसला किया है कि छात्रों को उनके कोर्स पूरा करने वाले वर्ष में ही डिग्री प्रदान की जाएगी.कुलपति का कहना है कि यह निर्णय विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखकर लिया गया है.

20 नवंबर को होगा 103वां दीक्षांत समारोह

दिल्ली विश्वविद्यालय का 103वां दीक्षांत समारोह 20 नवंबर 2026 को आयोजित किया जाएगा.यह समारोह विश्वविद्यालय के लिए कई मायनों में खास होगा.एक तरफ डीयू अपने 103वें दीक्षांत समारोह का आयोजन करने जा रहा है वहीं दूसरी तरफ पहली बार छात्रों को पास होने वाले वर्ष में ही डिग्री देने की व्यवस्था लागू की जा रही है.समारोह में बड़ी संख्या में ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन और PhD की पढ़ाई पूरी करने वाले विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की जाएंगी.इसके साथ ही पढ़ाई और दूसरी उपलब्धियों के लिए चयनित छात्रों को मेडल और पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा.

गृह मंत्री अमित शाह होंगे मुख्य अतिथि

दिल्ली यूनिवर्सिटी के इस दीक्षांत समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे.समारोह की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह करेंगे.इस दौरान विश्वविद्यालय की ओर से डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों और मेडल तथा पुरस्कार के लिए चयनित छात्रों को सम्मानित किया जाएगा.डीयू के 103वें दीक्षांत समारोह की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं.विश्वविद्यालय प्रशासन आयोजन से जुड़ी अलग-अलग व्यवस्थाओं पर काम कर रहा है.

85,231 ग्रेजुएट और 7,235 पोस्ट ग्रेजुएट स्टूडेंट्स 

इस बार दिल्ली विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में डिग्री पाने वाले विद्यार्थियों की संख्या काफी बड़ी है.कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह के मुताबिक 85,231 ग्रेजुएशन के विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की जाएंगी.इसके अलावा 7,235 पोस्ट ग्रेजुएशन के विद्यार्थियों को भी डिग्रियां दी जाएंगी.इस तरह केवल UG और PG को मिलाकर 92,466 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की जाएंगी.इनके अलावा PhD की पढ़ाई पूरी करने वाले विद्यार्थियों को भी डिग्रियां मिलेंगी.

PhD स्कॉलर्स को भी मिलेगी डिग्री

डीयू के 103वें दीक्षांत समारोह में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन के विद्यार्थियों के साथ PhD स्कॉलर्स को भी डिग्रियां दी जाएंगी.विश्वविद्यालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक इस बार 400 से अधिक PhD विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की जाएगी.अगर UG, PG और PhD के आंकड़ों को एक साथ देखें तो समारोह में डिग्री पाने वाले विद्यार्थियों की कुल संख्या 92,866 से अधिक होगी हालांकि PhD विद्यार्थियों की सटीक संख्या 400 से अधिक बताई गई है. इसलिए सभी कोर्स मिलाकर डिग्री पाने वालों का अंतिम आंकड़ा इससे ज्यादा होगा.

163 छात्रों को गोल्ड मेडल

दिल्ली यूनिवर्सिटी के 103वें दीक्षांत समारोह में डिग्रियों के अलावा मेडल भी प्रदान किए जाएंगे.इस बार 163 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल दिए जाएंगे.इसके साथ ही एक विद्यार्थी को सिल्वर मेडल प्रदान किया जाएगा.विश्वविद्यालय ने यह जानकारी भी दी है कि 34 विद्यार्थियों को पुरस्कार दिए जाएंगे.इस तरह समारोह में डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों के साथ अलग-अलग उपलब्धियों के लिए चयनित छात्रों को भी सम्मानित किया जाएगा.

अधिकारियों के साथ की बैठक

दीक्षांत समारोह की तैयारियों को लेकर दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह ने संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की.उपलब्ध सूचना के अनुसार यह बैठक 21 अक्टूबर को आयोजित की गई.बैठक में 20 नवंबर को होने वाले दीक्षांत समारोह की व्यवस्थाओं को लेकर विस्तार से चर्चा की गई. कुलपति ने अधिकारियों से आयोजन की तैयारियों और अलग-अलग जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी ली.इस दौरान विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों और कमेटियों से जुड़े अधिकारी मौजूद रहे.

 क्यों खास है इस बार का दीक्षांत समारोह?

दिल्ली यूनिवर्सिटी का 103वां दीक्षांत समारोह इस बार केवल डिग्री और मेडल बांटने तक सीमित नहीं रहेगा.इस आयोजन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि विश्वविद्यालय छात्रों को पढ़ाई पूरी करने वाले वर्ष में ही डिग्री देने की शुरुआत कर रहा है.इससे उन विद्यार्थियों को सुविधा मिल सकती है जिन्हें विदेश में एडमिशन, आगे की पढ़ाई या नौकरी के लिए जल्द डिग्री की जरूरत होती है.विश्वविद्यालय के अनुसार इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए डिग्री प्रदान करने की व्यवस्था में यह बदलाव किया गया है.कुल मिलाकर 20 नवंबर को होने वाला दिल्ली विश्वविद्यालय का 103वां दीक्षांत समारोह दो वजहों से खास होगा. पहली विश्वविद्यालय के इतिहास में पहली बार छात्रों को उसी साल डिग्री दी जाएगी जिस साल उन्होंने अपना कोर्स पूरा किया है. दूसरी इस समारोह में 92 हजार से ज्यादा UG-PG विद्यार्थियों और 400 से अधिक PhD स्कॉलर्स को डिग्रियां प्रदान की जाएंगी.

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