Last Updated:
Jamia Millia Islamia News: जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों के क्लास ग्रुप अब सिर्फ पढ़ाई और अकादमिक जानकारी तक सीमित रहेंगे. विश्वविद्यालय ने अनऑफिशियल क्लास ग्रुप से बचने की सलाह देते हुए हर आधिकारिक ग्रुप में एक नामित शिक्षक को शामिल करना जरूरी किया है. शिक्षक यह देखेंगे कि ग्रुप में केवल जरूरी जानकारी शेयर हो और आपत्तिजनक, अश्लील या अभद्र कंटेंट पोस्ट न किया जाए.
Jamia Millia Islamia,Jamia Millia Islamia News: जामिया मिल्लिया इस्मालिया में ग्रुप को लेकर नोटिस.
Jamia Millia Islamia News: जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने छात्रों के क्लास ग्रुप को लेकर नई व्यवस्था पर जोर दिया है.विश्वविद्यालय ने छात्रों से कहा है कि वे अनऑफिशियल क्लास ग्रुप से बचें. साथ ही डीन, विभागाध्यक्ष और सेंटर के निदेशकों को निर्देश दिया गया है कि छात्रों तक शैक्षणिक यानी पढ़ाई से जुड़ी जानकारी केवल आधिकारिक क्लास ग्रुप के जरिए ही पहुंचाई जाए.
विश्वविद्यालय की इस व्यवस्था के तहत हर क्लास या बैच के लिए बनाए गए आधिकारिक ग्रुप में एक नामित शिक्षक को शामिल करना जरूरी होगा. इन ग्रुप को क्लास रिप्रेजेंटेटिव यानी कक्षा प्रतिनिधि एडमिन के तौर पर संभालेगा जबकि शिक्षक की जिम्मेदारी ग्रुप में साझा होने वाली सामग्री पर नजर रखने की होगी.
अनऑफिशियल क्लास ग्रुप से बचने की सलाह
जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने छात्रों को सलाह दी है कि वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बनाए गए अनऑफिशियल क्लास ग्रुप का इस्तेमाल करने से बचें. विश्वविद्यालय का कहना है कि ऐसे ग्रुप कई बार विवाद का कारण बन चुके हैं.विश्वविद्यालय की ओर से सोमवार को जारी नोटिस में पहले से लागू एक नीति को दोहराया गया है. यह नीति 15 सितंबर 2025 को जारी की गई थी. उस समय भी विश्वविद्यालय ने छात्रों की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बनाए जाने वाले अनऑफिशियल क्लास ग्रुप को लेकर चिंता जताई थी.
ग्रुप में आपत्तिजनक सामग्री पर चिंता
15 सितंबर 2025 की नीति में कहा गया था कि छात्रों की ओर से बनाए गए अनऑफिशियल क्लास ग्रुप कई मामलों में विवाद का कारण बने हैं. इन ग्रुप का इस्तेमाल केवल पढ़ाई से जुड़ी जानकारी साझा करने के बजाय निजी मुद्दों के लिए भी किया गया है.विश्वविद्यालय ने यह भी कहा था कि कुछ मामलों में इन ग्रुप में आपत्तिजनक और अश्लील सामग्री तक पोस्ट की गई. इसी वजह से जामिया ने आधिकारिक क्लास ग्रुप के जरिए ही शैक्षणिक जानकारी साझा करने की व्यवस्था पर जोर दिया है.नई सूचना में भी यह साफ किया गया है कि आधिकारिक क्लास ग्रुप का इस्तेमाल पढ़ाई और अकादमिक गतिविधियों से जुड़ी जानकारी के लिए किया जाना चाहिए.
क्लास ग्रुप में शिक्षक की होगी मौजूदगी
जामिया की नीति के मुताबिक प्रत्येक आधिकारिक क्लास ग्रुप को क्लास रिप्रेजेंटेटिव एडमिन के तौर पर मैनेज करेगा.इसके साथ ही ग्रुप में विश्वविद्यालय की ओर से नामित एक फैकल्टी मेंबर को भी शामिल किया जाएगा.नामित शिक्षक की भूमिका सिर्फ ग्रुप का हिस्सा बनने तक सीमित नहीं होगी. उन्हें यह देखना होगा कि ग्रुप में केवल जरूरी जानकारी ही साझा की जाए. साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि ग्रुप में किसी तरह की आपत्तिजनक, अश्लील या अभद्र सामग्री पोस्ट न हो.इस व्यवस्था का मकसद क्लास ग्रुप को पढ़ाई और अकादमिक जानकारी के लिए एक व्यवस्थित और आधिकारिक माध्यम बनाना है.
जानकारी आधिकारिक ग्रुप से ही मिलेगी
विश्वविद्यालय ने डीन, फैकल्टी के प्रमुखों और सेंटर के निदेशकों को भी इस व्यवस्था को लागू कराने के निर्देश दिए हैं. उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि छात्रों को अकादमिक जानकारी प्रत्येक बैच के लिए बनाए गए आधिकारिक क्लास ग्रुप के माध्यम से ही दी जाए.इसका मतलब है कि कक्षा, पढ़ाई, शैक्षणिक गतिविधियों और दूसरी अकादमिक सूचनाओं के लिए छात्रों को अनऑफिशियल ग्रुप पर निर्भर नहीं रहना होगा. विश्वविद्यालय की ओर से दी जाने वाली जानकारी आधिकारिक क्लास ग्रुप के जरिए साझा की जाएगी.
छात्रों के प्रदर्शन के बीच आया नोटिस
जामिया की ओर से यह नोटिस ऐसे समय आया है जब कुछ दिन पहले विश्वविद्यालय के छात्रों ने 2026-27 के स्पॉट एडमिशन प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रदर्शन किया था.प्रदर्शन के दौरान छात्र संगठनों ने मामले की पारदर्शी जांच की मांग की थी. छात्र संगठनों ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लगाए गए निलंबन और कैंपस में प्रवेश पर लगाई गई रोक को लेकर भी सवाल उठाए थे.ऐसे समय में विश्वविद्यालय की ओर से क्लास ग्रुप को लेकर यह निर्देश जारी किया गया है हालांकि विश्वविद्यालय की ओर से जारी नोटिस में इन प्रदर्शनों को इस नई व्यवस्था का कारण नहीं बताया गया है.नोटिस में मुख्य रूप से आधिकारिक और अनऑफिशियल क्लास ग्रुप से जुड़ी पहले से लागू नीति को दोहराया गया है.
क्यों जरूरी मानी जा रही है यह व्यवस्था?
जामिया की इस व्यवस्था के पीछे मुख्य उद्देश्य छात्रों तक सही और आधिकारिक शैक्षणिक जानकारी पहुंचाना है. अनऑफिशियल ग्रुप में अलग-अलग तरह की सामग्री साझा होने की वजह से पढ़ाई से जुड़ी जानकारी और दूसरी पोस्ट के बीच अंतर करना मुश्किल हो सकता है.आधिकारिक क्लास ग्रुप में फैकल्टी मेंबर की मौजूदगी से विश्वविद्यालय यह सुनिश्चित करना चाहता है कि ग्रुप का इस्तेमाल मुख्य रूप से अकादमिक जानकारी के लिए हो. साथ ही आपत्तिजनक, अश्लील या अभद्र सामग्री को साझा किए जाने पर भी नजर रखी जा सके.इस तरह विश्वविद्यालय ने क्लास ग्रुप को लेकर जिम्मेदारी भी तय कर दी है.क्लास रिप्रेजेंटेटिव ग्रुप को एडमिन के तौर पर संभालेगा और नामित फैकल्टी मेंबर यह देखेगा कि ग्रुप में केवल जरूरी अकादमिक जानकारी साझा हो.
About the Author
वर्तमान में न्यूज़18 हिंदी (Network18 Digital)में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पिछले 16 वर्षों से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. इस दौरान प्रिंट, डिजिटल और टेलीविजन मीडिया में काम कर…
और पढ़ें
