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Neeraj Yadav: एशियाई पैरा खेलों के स्वर्ण पदक विजेता नीरज यादव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की पुलिस जांच कर रही है. पुलिस के मुताबिक, घटना से पहले उनकी एक महिला मित्र से मुलाकात हुई थी हालांकि, मौत के कारणों की पुष्टि नहीं हुई है. 42 वर्षीय पैरा एथलीट चार साल के डोपिंग प्रतिबंध का सामना कर रहे थे. नीरज ने 2018 और 2023 में एशियाई पैरा खेलों में स्वर्ण पदक जीते थे.
एशियाई पैरा खेलों के स्वर्ण पदक विजेता नीरज यादव ने कथित तौर पर अपने घर पर जहर खाकर आत्महत्या कर ली है. बताया जा रहा है कि डोपिंग के लिए निलंबित किए जाने के कारण आईची-नागोया में हुए एशियाई पैरा खेलों में भाग नहीं ले पाने और एक महिला के साथ उनकी दोस्ती टूटने के बाद वह भावनात्मक तनाव में थे.
नीरज यादव के शव को पोस्टमार्टम के लिए दिल्ली के जीटीबी अस्पताल ले जाया गया, उनके आत्महत्या करने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है. भारतीय पैरा-एथलेटिक्स टीम के मुख्य कोच एस सत्यनारायण ने कहा कि 2023 के हांगझोऊ एशियाई पैरा खेलों के बाद डोपिंग मामला सामने आने के बाद से वह यादव के संपर्क में थे.
जाफराबाद पुलिस स्टेशन इस मामले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 194 के तहत जांच कर रहा है. यादव को अस्पताल ले जाने वाली महिला ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि दिसंबर 2025 से उसकी यादव के साथ ‘दोस्ती’ थी. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि महिला मंगलवार को यादव से मिलने के लिए हरियाणा के सोनीपत गई थी और उसने यादव से कहा था कि वह अब उसके संपर्क में नहीं रह सकती है.
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इसके बाद नीरज यादव ने महिला को अपनी स्कॉर्पियो में बिठाकर दिल्ली के मौजपुर में छोड़ दिया. रात करीब नौ बजे महिला को शक हुआ और वह मौजपुर मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर एक के पास पहुंची, जहां उसने यादव को अपनी कार की बगल में सड़क पर पड़ा पाया, वह उन्हें अस्पताल ले गई, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. यादव सोनीपत में अंशनीर स्पोर्ट्स अकादमी के नाम से एक ऑनलाइन खेल अकादमी चला रहे थे. वह विवाहित थे और उनके परिवार में उनकी पत्नी और तीन साल की बेटी हैं.
नीरज को सात साल की उम्र में पोलियो हो गया था, उन्होंने पहले व्हीलचेयर टेनिस खेलना शुरू किया और फिर पैरा एथलेटिक्स में हाथ आजमाए और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई. एफ55 वर्ग में प्रतिस्पर्धा करने वाले 42 वर्षीय यादव प्रतिबंधित पदार्थ के सेवन के लिए दोषी पाए जाने के बाद चार साल का निलंबन झेल रहे थे.
यादव ने एशियाई पैरा खेलों में तीन स्वर्ण पदक जीते, उन्होंने 2018 में जकार्ता में भाला फेंक में खिताब तथा 2023 में हांगझोऊ में भाला फेंक और चक्का फेंक में स्वर्ण पदक जीता था. बाद में 2023 में जीते गए उनके दोनों स्वर्ण पदक छीन लिए गए थे. इस कारण उन्हें सरकार से मिलने वाली पुरस्कार राशि और सरकारी नौकरी से भी हाथ धोना पड़ा था.
नीरज यादव डोपिंग मामले के बाद वह काफी तनाव में थे. उन्हें चार साल के लिए निलंबित किया गया था. कोच ने कहा कि डोपिंग मामले ने यादव के करियर को करारा झटका लगा और इससे उनकी आर्थिक स्थिति भी कमजोर हो गई थी.
