Noida Safe City Project: शहर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रस्तावित सेफ सिटी परियोजना की प्रक्रिया में तेजी लाने की तैयारी है. इस परियोजना के तहत इच्छुक एजेंसियां अब 6 नवंबर तक आवेदन कर सकेंगी. पहले आवेदन करने की अंतिम तारीख 25 अक्टूबर निर्धारित की गई थी, लेकिन रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) में संशोधन किए जाने के बाद समय-सीमा बढ़ा दी गई है. परियोजना के लिए तीसरी बार आरएफपी जारी की गई है. प्राधिकरण की योजना अगले महीने तक कंपनी का चयन करने की है. इसके बाद परियोजना पर काम शुरू होने की उम्मीद है. सब कुछ तय योजना के अनुसार रहा तो अगले साल की शुरुआत से शहर में कैमरे लगाने का काम शुरू हो सकता है.
217 करोड़ की लागत से लगेंगे 2,200 कैमरे
करीब 217 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के तहत नोएडा के अलग-अलग इलाकों में लगभग 2,200 कैमरे लगाए जाने प्रस्तावित हैं. इन कैमरों की मदद से शहर के प्रमुख मार्गों, संवेदनशील स्थानों और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों की निगरानी की जाएगी. परियोजना का उद्देश्य आपराधिक गतिविधियों पर नजर रखना, संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करना और किसी भी आपात स्थिति में पुलिस एवं संबंधित विभागों तक सूचना तेजी से पहुंचाना है.
आरएफपी में संशोधन के बाद बढ़ाई गई आवेदन की समय-सीमा
प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक, सेफ सिटी परियोजना के लिए जारी आरएफपी को लेकर पिछले महीने 17 सितंबर को इच्छुक एजेंसियों के साथ बैठक आयोजित की गई थी. बैठक में एजेंसियों की ओर से परियोजना और निविदा प्रक्रिया से जुड़े कई सुझाव दिए गए थे. इन सुझावों पर विचार करने के बाद कुछ बिंदुओं को आरएफपी में शामिल किया गया. इसके लिए शुद्धिपत्र जारी कर दस्तावेज में आवश्यक संशोधन किए गए.
संशोधन के चलते आवेदन की समय-सीमा पहले बढ़ाकर 25 अक्टूबर की गई थी. अब इसे आगे बढ़ाकर 6 नवंबर कर दिया गया है. आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद एजेंसियों के प्रस्तावों का मूल्यांकन किया जाएगा और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कंपनी का चयन किया जाएगा. प्राधिकरण का लक्ष्य अगले महीने तक चयन प्रक्रिया पूरी करने का है, ताकि परियोजना को धरातल पर उतारने की दिशा में आगे बढ़ा जा सके.
सेक्टर-94 में बनेगा नया कंट्रोल रूम
सेफ सिटी परियोजना के तहत सेक्टर-94 में स्थित इंटीग्रेटेड सिक्योरिटी ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईएसटीएमएस) के ऊपर एक नया कंट्रोल रूम बनाया जाएगा. इस कंट्रोल रूम को मौजूदा निगरानी व्यवस्था से भी जोड़ा जाएगा, जिससे शहर में सुरक्षा और यातायात प्रबंधन से संबंधित गतिविधियों पर बेहतर तरीके से नजर रखी जा सकेगी.
प्रस्तावित व्यवस्था में ग्रेटर नोएडा और यमुना क्षेत्र को भी भविष्य में इस सिस्टम से जोड़ने की सुविधा रखी गई है. इससे अलग-अलग क्षेत्रों में लगे कैमरों की निगरानी और संबंधित सूचनाओं के समन्वय में मदद मिल सकेगी. इसके अलावा, नया कंट्रोल रूम पुलिस मुख्यालय के कंट्रोल रूम से सीधे जुड़ा रहेगा.
घटना की सूचना पर तुरंत सक्रिय होंगी पुलिस इकाइयां
परियोजना की एक प्रमुख विशेषता यह होगी कि किसी घटना की जानकारी मिलने पर संबंधित पुलिस थाना, चौकी, पीआरवी और डायल-112 को तत्काल सूचना भेजने की व्यवस्था की जाएगी. इससे आपात स्थिति में संबंधित पुलिस इकाइयों तक जानकारी पहुंचाने और कार्रवाई शुरू करने में लगने वाला समय कम करने में मदद मिल सकती है.
अंतिम चरण में टेंडर प्रक्रिया, आधुनिक निगरानी तंत्र की ओर कदम
फिलहाल सेफ सिटी परियोजना की प्रक्रिया निविदा और एजेंसी चयन के चरण में है. आवेदन की नई समय-सीमा 6 नवंबर निर्धारित होने के बाद अब एजेंसियों के प्रस्तावों और चयन प्रक्रिया पर नजर रहेगी. करीब 217 करोड़ रुपये की इस योजना के लागू होने पर नोएडा में निगरानी व्यवस्था को आधुनिक बनाने और सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकेगा.
