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Congress Ramlila Maidan Rally: रामलीला मैदान में 1 नवंबर को होने वाली कांग्रेस की महारैली ने दिल्ली के थोक कारोबारियों की धड़कनें बढ़ा दी हैं. पुरानी दिल्ली के सदर बाजार, चांदनी चौक और आसपास के प्रमुख थोक मंडियों के व्यापारियों ने आशंका जताई है कि ऐन दिवाली से पहले सियासी जुटान से पूरी सप्लाई चेन पटरी से उतर सकती है.
CTI ने कांग्रेस से दिवाली के बाद रैली करने की अपील की है.
Delhi Traders Ramlila Maidan Rally: दिल्ली में 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली कांग्रेस की रैली को लेकर राजधानी के थोक बाजारों के व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है. त्योहारों के सीजन में होने वाली इस रैली से कारोबार प्रभावित होने की आशंका जताते हुए व्यापारियों ने कांग्रेस से रैली दिवाली के बाद आयोजित करने की अपील की है. न्यूज़18 इंडिया की टीम जब रामलीला मैदान से करीब 4 किलोमीटर दूर स्थित पुराने थोक बाजारों में पहुंची, तो व्यापारियों ने बताया कि रैली से सिर्फ दुकानों पर आने वाले ग्राहकों की संख्या ही प्रभावित नहीं होती, बल्कि पूरा सप्लाई चेन और कारोबार का सिस्टम प्रभावित होता है.
व्यापारियों के मुताबिक, रैली के एक दिन के आयोजन का असर सिर्फ उसी दिन तक सीमित नहीं रहता. पहले के दो दिन और बाद के दो दिन तक बाजारों में इसी तरह की स्थिति बनी रह सकती है. दूर-दराज से खरीदारी करने आने वाले ग्राहक फोन करके पूछ रहे हैं कि 31 अक्टूबर को बाजार खुलेंगे या नहीं और मेट्रो सेवाएं चालू रहेंगी या बंद.
चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री यानी CTI के अध्यक्ष बृजेश गोयल ने कहा कि व्यापारियों को कांग्रेस या बीजेपी, किसी की भी रैली से परेशानी नहीं है. चिंता त्योहार से ठीक पहले आयोजन की तारीख को लेकर है. उन्होंने सुझाव दिया कि रैली के लिए रामलीला मैदान के बजाय बुराड़ी में जगह दी जाए ताकि दिल्ली के बीच स्थित थोक बाजारों का कारोबार प्रभावित न हो. बृजेश गोयल ने यह भी कहा कि आने वाले दिनों में त्योहारों के साथ शादी का सीजन भी है. व्यापारियों को अपने कर्मचारियों को दिवाली बोनस देना है. अगर बिक्री प्रभावित होती है, तो दुकानदारों के सामने कर्मचारियों को बोनस देने और कारोबार का खर्च निकालने की चुनौती खड़ी हो सकती है.
व्यापारियों का कहना है कि पहले जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान भी कारोबार को नुकसान पहुंचा था. अब उन्हें आशंका है कि रामलीला मैदान में प्रस्तावित रैली का असर आसपास के बाजारों और यहां से जुड़े पूरे सप्लाई नेटवर्क पर पड़ सकता है. इसी चिंता को लेकर व्यापारियों ने पत्र लिखकर रैली दिवाली के बाद कराने की अपील की है. इस तरीके के प्रदर्शन और रैली से व्यापार पर थोड़ा असर पड़ता ही है बाजार में खरीदारी करने आने से महिलाएं डर जाती है क्योंकि अराजक तत्व एक्टिव हो जाते हैं जो कहीं ना कहीं महिलाओं को नुकसान भी पहुंचते हैं.
सालों से इस बाजार में दुकान चला रहे लोगों ने कहा कि यह दुकान मुगलकालीन समय से बनी हुई है और सालों से यहां व्यापार हो रहा है कोई 40 साल से कोई 36 साल से कोई 15 साल से तो कोई 10 साल से और कोई दादा पर दादा के जमाने से बड़ा बाजार कश्मीरी गेट में व्यापार कर रहा है, लेकिन इस तरीके की स्थितियां अब देखने के लिए मिल रही है जो व्यापारियों की चिंता और उनके व्यापार पर असर डाल रही है.
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राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…
