बीजिंग/नई दिल्ली: चीन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की वजह से छिनने वाली नौकरियों को बचाने के लिए 18 सूत्रीय प्लान लागू किया है. स्टेट काउंसिल के जनरल ऑफिस ने सभी कंपनियों के लिए सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं. इसके तहत कंपनियों को एआई अपनाने से पहले कर्मचारियों पर पड़ने वाले असर का पूरा असेसमेंट करना होगा. कंपनियों को पाबंद किया गया है कि वे प्रभावित वर्कर्स को पहले से नोटिस दें. इसके साथ ही उन्हें नए काम की ट्रेनिंग देकर दूसरी जॉब्स में शिफ्ट करने में पूरी मदद करें. सरकार का मकसद देश के ग्रोथ मॉडल को रोजगार के अनुकूल बनाना है ताकि टेक बूम के बीच आम आदमी बेरोजगार न हो. यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब फैक्ट्रियों और दफ्तरों में इंसानों की जगह तेजी से ऑटोमेशन ले रहा है.
क्या है कंपनियों के लिए अनइम्प्लॉयमेंट बफर पीरियड का नया नियम?
इस 18 सूत्रीय प्लान का सबसे अहम हिस्सा ‘अनइम्प्लॉयमेंट बफर पीरियड’ की व्यवस्था है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार ने कहा है कि जब भी कोई कंपनी बड़े पैमाने पर एआई सिस्टम लागू करेगी, उसे यह बफर पीरियड देना अनिवार्य होगा. इस दौरान मैनेजमेंट को अपने कर्मचारियों को समय रहते आगाह करना होगा.
कंपनी को अचानक किसी को नौकरी से निकालने की इजाजत नहीं होगी. इस पीरियड में कर्मचारियों को नई टेक्नोलॉजी सीखने का मौका दिया जाएगा. उन्हें कंपनी के भीतर ही दूसरे डिपार्टमेंट्स में ट्रांसफर करने की योजना बनानी होगी. अगर कंपनी में जगह नहीं है तो दूसरी जगह नौकरी तलाशने में वर्कर की मदद करनी होगी.
किन सेक्टर्स में एआई लगाने पर लगाई गई है रोक?
गाइडलाइंस के मुताबिक ज्यादा लेबर वाले सेक्टर्स में एआई लागू करने को लेकर बेहद सतर्क रुख अपनाने को कहा गया है. टेक्सटाइल, मैन्युफैक्चरिंग और कंस्ट्रक्शन जैसे फील्ड्स में अंधाधुंध ऑटोमेशन पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं. सरकार ने कहा है कि इन सेक्टर्स में तकनीक लागू करने की रफ्तार और पैमाना तय होना चाहिए ताकि एक झटके में बड़ी आबादी बेरोजगार न हो जाए.
जिन प्रोजेक्ट्स से नौकरियों पर बड़ा असर पड़ सकता है, वहां पहले इम्प्लॉयमेंट रिस्क असेसमेंट कराना होगा. संबंधित सरकारी विभाग इन कंपनियों की पूरी निगरानी करेंगे. इसके उलट खतरनाक काम वाली जगहों और जहां मजदूरों की भारी किल्लत है, वहां एआई को प्राथमिकता देने की छूट दी गई है.
युवाओं और कामगारों की रीस्किलिंग के लिए क्या है सरकारी तैयारी?
जो लोग अपनी जॉब गंवा चुके हैं, उन्हें नई नौकरी दिलाने, करियर गाइडेंस देने और खुद का बिजनेस शुरू करने के लिए आर्थिक मदद दी जाएगी.
