दिल्ली में 'No PUC, No Fuel' का असर: बोतल में पेट्रोल लेने पहुंचे चालकों को किया गया वापस, जानें नए नियम

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दिल्ली में ‘No PUC, No Fuel’ का असर: चालकों को किया गया वापस, जानें नए नियम

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Delhi No PUC No Fuel Rule Ground report: दिल्ली में नो PUC, नो फ्यूल नियम का सख्ती से पालन शुरू हो गया है. वैध प्रदूषण प्रमाणपत्र के बिना वाहनों को ईंधन नहीं मिल रहा है, जिससे PUCC सेंटरों पर भारी भीड़ बढ़ गई है.

नई दिल्ली: दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए लागू किए गए ‘नो PUC, नो फ्यूल’ नियम का असर अब पेट्रोल पंपों पर दिखाई देने लगा है. 1 नवंबर 2026 से लागू इस नियम के तहत बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) के वाहनों को पेट्रोल, डीजल और सीएनजी नहीं दिया जा रहा है. सोमवार को दिल्ली के पेट्रोल पंपों पर इस नियम का सख्ती से पालन किया गया. इस बीच कुछ ग्राहक बिना PUCC के छोटे-छोटे डब्बों में पेट्रोल लेने पहुंचे, लेकिन कर्मचारियों ने उन्हें भी वापस भेज दिया. पहले प्रदूषण प्रमाणपत्र बनवाने की सलाह दी.

पेट्रोल पंपों पर सख्ती, बिना PUCC लौट रहे ग्राहक
दिल्ली के पेट्रोल पंपों पर बिना प्रदूषण प्रमाणपत्र वाले वाहन चालकों को ईंधन नहीं दिया जा रहा है. पेट्रोल पंप कर्मचारी एकता ने बतलाया कि सोमवार को करीब 10 से 15 वाहन ऐसे पहुंचे, जिनके पास वैध PUCC नहीं था. कर्मचारियों ने उन्हें पहले प्रदूषण प्रमाणपत्र बनवाने के लिए भेजा. प्रमाणपत्र बनवाकर लौटने के बाद ही उन्हें ईंधन दिया गया. एकता ने बताया कि कुछ लोग छोटे-छोटे डब्बे लेकर पेट्रोल लेने भी पहुंच रहे हैं. ऐसे लोगों को भी पेट्रोल देने से मना किया जा रहा है. क्योंकि आशंका है कि वे बिना प्रदूषण प्रमाणपत्र के वाहन चलाना चाहते हैं.

PUCC सेंटर पर बढ़ी भीड़, 15 से 20 की जगह 100 से ज्यादा प्रमाणपत्र
PUCC सेंटर संचालक हेमंत सैनी ने बतलाया कि ठंड के मौसम में दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगता है. इसे देखते हुए सरकार ने ‘नो PUC, नो फ्यूल’ नियम के तहत वाहनों की जांच सख्त कर दी है. उन्होंने बताया कि पहले उनके सेंटर पर रोजाना 15 से 20 प्रदूषण प्रमाणपत्र बनाए जाते थे, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 100 से ज्यादा हो गई है. सुबह से ही लोग अपनी गाड़ियों का PUCC बनवाने पहुंच रहे हैं. लोगों में प्रदूषण प्रमाणपत्र को लेकर जागरूकता बढ़ी है. कई वाहन चालक प्रमाणपत्र बनवाने के बाद ही पेट्रोल पंप पहुंच रहे हैं.

ग्राहकों ने बताया सरकार का अच्छा कदम
पेट्रोल पंप पर पहुंचे साजिद ने दिल्ली सरकार के इस नियम को अच्छा कदम बताया. उनका कहना है कि जब तक वाहन का प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं है, तब तक उसे सड़क पर नहीं चलाना चाहिए. सभी वाहन चालकों को पहले PUCC बनवाना चाहिए और उसके बाद ही गाड़ी लेकर बाहर निकलना चाहिए. वहीं संतोष कुमार ने कहा कि वाहन चालकों को अपने सभी जरूरी दस्तावेज साथ रखने चाहिए. प्रदूषण प्रमाणपत्र भी गाड़ी के जरूरी दस्तावेजों में शामिल है. मोहम्मद मुनीर ने भी नियम का समर्थन करते हुए कहा कि प्रदूषण रोकने के लिए इसकी सख्ती से पालना जरूरी है. इससे दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को कम करने में मदद मिल सकती है.

दिल्ली में प्रदूषण रोकने के लिए कई और प्रतिबंध लागू
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सरकार ने कई अन्य कदम भी उठाए हैं. सरकारी कार्यालयों और निजी दफ्तरों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था लागू की गई है. इसके अलावा निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करने के लिए अधिकृत पार्किंग स्थलों पर शुल्क दोगुना किया जा रहा है. पार्किंग शुल्क में यह बढ़ोतरी 1 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक लागू रहेगी. दिल्ली मेट्रो के पार्किंग स्थलों को इससे छूट दी गई है. वहीं वर्क फ्रॉम होम और शीतकालीन प्रतिबंध 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक प्रभावी रहेंगे. दिल्ली सरकार की इन कोशिशों का उद्देश्य वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करना और राजधानी की हवा को साफ बनाना है.

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Amit Ranjan

अमित रंजन वर्तमान में News18 में बिहार, झारखंड और दिल्ली से जुड़ी खबरों के समन्वय और संपादन का कार्य देख रहे हैं. खोजी पत्रकारिता उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है. राजनीति, शिक्षा, खेल, क्राईम और मौसम जैसे विषयों …

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