Last Updated:
GRAP-2 in Delhi-NCR: दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर पहुंचने के बाद CAQM ने GRAP-2 लागू कर दिया है. बढ़ते प्रदूषण और दमघोंटू माहौल को देखते हुए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं. इसके तहत डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर रोक, पार्किंग दरों में बढ़ोतरी और कई अन्य सख्त पाबंदियां लगाई गई हैं ताकि बढ़ते प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित किया जा सके और लोगों को राहत मिल सके.
दिल्ली एनसीआर में प्रदूषण बेकाबू हो चला है. (PTI)
दिल्ली-एनसीआर वालों, फेफड़ों को थोड़ा कस लो, क्योंकि हवा अब सांस लेने लायक नहीं बल्कि सीधे जहर का घूंट बन चुकी है. जैसे ही AQI 324 के आंकड़े को पार कर हवा ‘बेहद खराब’ कैटेगरी में पहुंची, CAQM ने बिना कोई ढील दिए तुरंत प्रभाव से GRAP-2 का हथौड़ा चला दिया है. पूरे शहर पर काली धुंध और दमघोंटू प्रदूषण की ऐसी चादर तन चुकी है कि बाहर निकलते ही गला छिलने लगा है. प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में है. डीजल जनरेटरों के इस्तेमाल पर कड़ा ब्रेक लग चुका है, पार्किंग की दरें बढ़ा दी गई हैं ताकि गाड़ियों का काफिला सड़कों पर कम दिखे, और खुले में तंदूर या लकड़ी जलाने वालों पर सीधा शिकंजा कसा जा रहा है. लापरवाही का वक्त खत्म हो चुका है, अगर अब भी नहीं संभले तो यह जहरीली हवा अस्पताल का रास्ता तय करा देगी.
हवा हुई जहरीली, AQI 324 पहुंचते ही CAQM का कड़ा एक्शन
दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता एक बार फिर बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है. मौसम संबंधी प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण 2 नवंबर 2026 को दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) बढ़कर 324 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है. हालात की गंभीरता को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) की उप-समिति ने तत्काल प्रभाव से पूरे एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के चरण-II (Stage-II) को लागू कर दिया है.
सड़कों की मशीनी सफाई और पानी का छिड़काव तेज
प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने के लिए सभी संबंधित एजेंसियों को कड़े निर्देश जारी किए गए हैं. इसके तहत निम्नलिखित कदम उठाए जा रहे हैं:
• चिन्हित सड़कों पर रोजाना मैकेनिकल या वैक्यूम स्वीपिंग की जाएगी, जो मुख्य रूप से रात या तड़के सुबह के समय होगी.
• धूल को दबाने वाले केमिकल्स के साथ भारी ट्रैफिक कॉरिडोर्स और कंजेशन पॉइंट्स पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव किया जाएगा.
• निर्माण स्थलों और धूल पैदा करने वाली गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी ताकि प्रदूषण में और इजाफा न हो.
किन चीजों पर GRAP-2 में बैन?
1. कोयला और लकड़ी के इस्तेमाल पर रोक: होटलों, रेस्तरां और खुले ढाबों में कोयले या लकड़ी (जैसे तंदूर में) के इस्तेमाल पर पूरी तरह पाबंदी रहती है. केवल गैस या बिजली आधारित तंदूर व उपकरण ही चलाए जा सकते हैं.
2. डीजल जनरेटर (DG Sets) पर बैन: आपातकालीन और आवश्यक सेवाओं (जैसे अस्पताल, लिफ्ट, रेलवे, मेट्रो सेवा) को छोड़कर डीजल जनरेटर चलाने पर सख्त रोक रहती है.
3. खुले में कचरा व बॉयोमास जलाना बंद: खुले में किसी भी तरह का कचरा, पत्तियां या लकड़ी जलाने पर सख्त मनाही और चालान का प्रावधान है.
नागरिकों से सख्त सहयोग की अपील
प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे इस स्थिति से निपटने में सहयोग करें:
• नागरिक निजी वाहनों का कम से कम इस्तेमाल करें और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दें.
• ट्रैफिक जाम से बचने के लिए कम भीड़भाड़ वाले रास्तों का चयन करें.
• खुले में कचरा या बायोमास जलाने जैसी गतिविधियों से पूरी तरह परहेज करें.
About the Author
पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…
