रील के बहाने जासूसी, पैसे के लालच में देश से गद्दारी, कैसे बने पाकिस्तानी एजेंट? गाजियाबाद कांड पर खुलासा

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Ghaziabad Spy News: गाजियाबाद के कौशांबी इलाके से हाल ही में पाकिस्तान के लिए काम करने वाला जासूसी नेटवर्क पकड़ा गया. गिरफ्तार आरोपी सुहेल मलिक उर्फ रोमियो, साने करम उर्फ महक, प्रवीन, राज वाल्मीकि, शिवा वाल्मीकि और रितिक गंगवार है. नेटवर्क का टारगेट सैन्य ठिकानों, सैनिक गतिविधियों और धार्मिक स्थलों की जानकारी जुटाना था.

गाजियाबाद से पकड़े गए संदिग्धों ने खोला राज. (सांकेतिक तस्वीर)

गाजियाबादः उत्तर प्रदेश का गाजियाबाद आजकल काफी सुर्खियों में है. वजह है खुफिया और जांच एजेंसियों का एक के बाद एक टेटर कनेक्शन का भांडाफोड़ करना. देश की जासूसी करने वालों की लगातार गिरफ्तारी की जा रही है. सूत्रों के मुताबिक एजेंसियों ने गाजियाबाद के अलग-अलग जिलों से अब तक कुल 15 लोगों को जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया है. इस मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. बताया जा रहा है कि आरोपी गरीब लड़कों को पैसों का लालच देकर टास्क सौंपता था. फिर वो रील बनाने की आड़ में वीडियो, फोटो और लोकेशन की जानकारी जुटाते थे. आइए जानते हैं सबकुछ…

सूत्रों के मुताबिक आरोपी सुहैल लगातार हैंडलर के संपर्क में था. उसे निर्देश दिए गए थे कि वो गरीब तबके के लड़कों को तलाशे और उन्हें पैसों का लालच देकर टास्क सौंपे. उसने उन लड़कों को तलाशना शुरू किया जो गरीबी की वजह से उसके जाल में फंस सके. उसने पांचवीं से 12वीं पास तक के उन लड़कों को टारगेट किया. इतना ही नहीं, पाकिस्तान में बैठे हैंडलर ने देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए दिहाड़ी के मजदूर और रेहड़ी पटरी लगाने वालों को अपने झांसे में लिया और मौजमस्ती की आड़ में पैसे देने लगा.

ये अधिकतर लड़के गाजियाबाद के कौशांबी इलाके के रहने वाले हैं, जो कम पढ़े लिखे भी थे या 5वीं से 12वीं तक ही पढ़े थे. आरोपी सुहैल, महक, राज, शिवा, प्रवीण और रितिक नौवीं से 12वीं पास थे. वहीं शुक्रवार को गिरफ्तार हुआ आरोपी गणेश 5वीं, विवेक अशिक्षित, गगन 12वीं और दुर्गेश 9वीं पास है. ये सभी मोबाइल मैकेनिक, दिहाड़ी मजदूरी, फास्ट फूड और फल का ठेला लगाने का काम कर रहे थे. सभी को मोबाइल चलाने की आदतें थीं और उस खर्च को करने के लिए पैसों की जरूरत होती है इसलिए सुहैल ने इसका फायदा उठाया.

ये सभी नाबालिग और बालिग आरोपी रील बनाने का ड्रामा करते थे और उसी आड़ में संवेदनशील लोकेशनों की वीडियो फोटो खींच लेते थे एरिया की लोकेशन देते थे ताकि कोई इन पर शक न करे. सूत्रों के मुताबिक गाजियाबाद जासूसी नेटवर्क में गिरफ्तार आरोपियों ने खुलासा किया कि वो कई महीनों से ग्रुप बनाकर जानकारियां इकट्ठा कर रहे थे, जहां भी जाते ग्रुप बनाकर निकलते थे. दिल्ली के कनॉट प्लेस और पहाड़गंज समेत इजरायली लोगों के होटल और वीवीआईपी की जानकारी इकट्ठा करके भेजी गई थी.

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काव्‍या मिश्रा

Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें

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