दिल्‍ली में LPG सिलेंडर को लेकर चल रहा था बड़ा खेल, दिल्‍ली पुलिस की टीम ने किया पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार

होमताजा खबरDelhi

दिल्‍ली में LPG सिलेंडर की जमाखोरी, पुलिस ने बड़े रैकेट का किया पर्दाफाश

Last Updated:

ईरान जंग के बीच एनर्जी क्राइसिस की स्थिति बन गई. जमाखोरों ने मौका का फायदा उठाते हुए एलपीजी सिलेंडरों की जमाखोरी शुरू कर दी. इसे खुदरा में काफी ऊंचे दामों पर बेचा जा जाने लगा. दिल्‍ली पुलिस को जब इसकी सूचना मिली तो एक स्‍पेशल टीम गठित की गई. कार्रवाई से जमाखोरों में खलबली मची हुई है.

दिल्‍ली पुलिस की स्‍पेशल टीम ने एलपीजी सिलेंडर की कालाबजारी पर प्रहार करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

नई दिल्‍ली. दक्षिण-पश्चिम जिले की एंटी ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (AATS) ने महिपालपुर इलाके में एलपीजी जमाखोरी और कालाबाजारी के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 74 गैस सिलेंडर, एक वाहन और गैस ट्रांसफर से जुड़े उपकरण बरामद किए हैं. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कृष्णा (33), दिनेश साहू (46) और मिथिलेश (39) के रूप में हुई है. तीनों पिछले कई वर्षों से दिल्ली में रह रहे थे और महिपालपुर क्षेत्र में अवैध रूप से एलपीजी सिलेंडरों की सप्लाई कर रहे थे.

दिल्‍ली पुलिस के अनुसार, 21 मार्च को एएटीएस की टीम को महिपालपुर स्थित एक मकान (K-845) में अवैध रूप से एलपीजी सिलेंडरों की जमाखोरी की गुप्त सूचना मिली थी. सूचना के आधार पर इंस्पेक्टर राम कुमार के नेतृत्व में टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मौके पर छापा मारा. छापेमारी के दौरान तीनों आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया. तलाशी के दौरान पुलिस को 70 घरेलू और 4 वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर, एक इलेक्ट्रॉनिक कांटा, दो लटकने वाले तराजू, गैस ट्रांसफर के लिए इस्तेमाल होने वाली धातु पाइप और एक टाटा ऐस गोल्ड वाहन बरामद हुआ. आरोपी इन सिलेंडरों के भंडारण और बिक्री के लिए कोई वैध लाइसेंस या दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके.

गजब की कालाबजारी

पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे बिना बिल के स्थानीय लोगों को गैस सिलेंडर ऊंचे दामों पर बेचते थे. मुनाफा बढ़ाने के लिए वे भरे हुए सिलेंडरों से गैस निकालकर खाली सिलेंडरों में भरते थे. इस प्रक्रिया में धातु पाइप का इस्तेमाल किया जाता था, जो सुरक्षा मानकों के खिलाफ है और गंभीर हादसे का कारण बन सकता है. पुलिस ने बताया कि आरोपी इस अवैध कारोबार के लिए किराए पर लिए गए एक परिसर का इस्तेमाल करते थे और गैस सिलेंडरों की ढुलाई के लिए टाटा ऐस गोल्ड वाहन का उपयोग करते थे. यह गिरोह पिछले करीब तीन वर्षों से इस गतिविधि में संलिप्त था.

सख्‍ता धाराओं में मामला दर्ज

इस मामले में थाना वसंत कुंज नॉर्थ में आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 7 तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है. दक्षिण-पश्चिम जिले के पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि यह कार्रवाई आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि इस तरह की अवैध गतिविधियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी. पुलिस अब इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की पहचान और नेटवर्क के विस्तार की जांच कर रही है.

About the Author

Manish Kumar

बिहार, उत्‍तर प्रदेश और दिल्‍ली से प्रारंभिक के साथ उच्‍च शिक्षा हासिल की. झांसी से ग्रैजुएशन करने के बाद दिल्‍ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में PG डिप्‍लोमा किया. Hindustan Times ग्रुप से प्रोफेशनल कॅरियर की शु…और पढ़ें

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *