Smart Meter Problem Ghaziabad: ‘स्मार्ट मीटर’ यानी वह तकनीक जिससे उम्मीद थी कि सब कुछ उंगलियों पर होगा, लेकिन गाजियाबाद और मुरादनगर में यही तकनीक जनता के लिए सिरदर्द बन गई है. सोचिए, आपने अपने प्रीपेड मीटर में पैसे डाल दिए, मोबाइल पर मैसेज भी आ गया कि रिचार्ज सफल रहा, लेकिन घर में पंखा तक नहीं चला! घंटों नहीं, बल्कि तीन-तीन दिनों तक लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं. दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर पैर घिस गए हैं, लेकिन विभाग का जवाब है ‘इंतजार कीजिए’. आखिर ये कैसा ‘स्मार्ट’ सिस्टम है जो पैसे लेने के बाद भी बत्ती गुल रखे हुए है?
ये कैसे स्मार्ट मीटर? रिचार्ज के बाद भी अंधेरे में डूबे सैंकड़ों घर
गाजियाबाद के कविनगर बिजली दफ्तर पर इन दिनों भारी भीड़ उमड़ रही है. यह भीड़ नए कनेक्शन के लिए नहीं, बल्कि उन लोगों की है जिन्होंने अपना बिजली का बिल या प्रीपेड मीटर रिचार्ज तो कर दिया है, लेकिन उनके घर की बिजली अभी तक नहीं जुड़ी है. रोजाना 500 से 600 उपभोक्ता शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं. रविवार की छुट्टी होने के बावजूद बिजली घर पर शिकायतों का अंबार लगा रहा, जिसमें 200 से ज्यादा शिकायतें सिर्फ प्रीपेड मीटर के ठप होने की थीं.
24 घंटे बीत गए, पर नहीं आई बिजली
लोगों का आरोप है कि मीटर रिचार्ज करने के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी आपूर्ति बहाल नहीं हो रही है. उपभोक्ता एक दफ्तर से दूसरे दफ्तर के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अधिकारी सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं. इन इलाकों में सबसे ज्यादा बुरा हाल:
- महेंद्रा एन्क्लेव, मधुबन बापूधाम, विवेकानंद नगर.
- घूकना मोड़, पटेल नगर, कविनगर, गोविंदपुरम.
- राजनगर, गांधी नगर और आसपास के अन्य क्षेत्र.
उपभोक्ताओं की आपबीती: ‘पैसे दिए पर बत्ती नहीं मिली’
मधुबन बापूधाम के निवासी सुभाष तिवारी का दर्द छलक उठा. उन्होंने बताया कि उनके घर की बिजली 3 दिन से कटी है. मीटर में 521 रुपये का बिल दिख रहा था, उन्होंने 628 रुपये का रिचार्ज किया, लेकिन बिजली नहीं आई. हेल्पलाइन नंबर 1912 पर कॉल किया, मेल किया, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ. वहीं, वसुंधरा के मनीष शंकर की कहानी भी ऐसी ही है. 1000 रुपये का बिल दिखने पर उन्होंने 1253 रुपये जमा किए, लेकिन शनिवार सुबह से उनके घर में अंधेरा पसरा है. विभाग के चक्कर काटते-काटते लोग अब आक्रोशित हो रहे हैं.
मुरादनगर का भी यही हाल: यूपीआई पेमेंट बना जी का जंजाल?
यही स्थिति मुरादनगर में भी देखने को मिल रही है. नई डिफेंस कॉलोनी के सोमेंद्र कुमार ने बताया कि बिजली कटने के बाद उन्होंने तुरंत ऐप से भुगतान किया, लेकिन 3 दिन बीत जाने के बाद भी कनेक्शन नहीं जुड़ा. राधे श्याम विहार के डॉ. सुमित के क्लीनिक की बिजली बिना किसी सूचना के काट दी गई. भुगतान के बाद भी उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ रहा है. इस मामले में बिजली विभाग के एसडीओ एसपी यादव का तर्क है कि जो लोग यूपीआई के जरिए भुगतान कर रहे हैं, उनकी सूचना विभाग के सिस्टम तक पहुंचने में देरी हो रही है. हालांकि, उनका दावा है कि अब स्थिति में सुधार हो रहा है और आधे घंटे के भीतर कनेक्शन जुड़ रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इस दावे से कोसों दूर है.
घंटों की घोषित और अघोषित बिजली कटौती
स्मार्ट मीटर की समस्या तो एक तरफ है, दूसरी तरफ मेंटेनेंस के नाम पर होने वाली कटौती ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. ट्रांस हिंडन के कई इलाकों में 33/11 केवी सब-स्टेशनों पर लाइन मेंटेनेंस और पेड़ों की छंटाई के कारण घंटों बिजली गुल रही. आज कहां-कहां रहेगी कटौती:
- फीडर संख्या-3: इंदिरापुरम के कई प्लॉट और नीति खंड-प्रथम में सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक.
- फीडर संख्या-4: क्षेत्र संख्या 378 से 916 तक दोपहर 12 से 2 बजे तक.
- फीडर संख्या-7: स्ट्रीट नंबर 592 से 872 और आसपास के इलाकों में दोपहर 2 से 4 बजे तक.
- अन्य क्षेत्र: अनुकंपा सोसायटी, अभय खंड-1, मिलन विहार, सिद्धि विनायक और वर्धन अपार्टमेंट में भी अलग-अलग समय पर बिजली गुल रहेगी.
अधिकारियों का क्या कहना है?
अधीक्षण अभियंता अनिल कुमार के मुताबिक, विभाग की ओर से उपभोक्ताओं के बिलों का रिव्यू किया जा रहा है. तकनीकी खामियों को दूर करने की कोशिश जारी है. लेकिन सवाल यह उठता है कि जब उपभोक्ता समय पर भुगतान कर रहा है, तो विभाग का ‘स्मार्ट’ सिस्टम उसे सजा क्यों दे रहा है?
