Ghaziabad News: क्या आपने कभी सोचा है कि जिस फ्लाईओवर के नीचे कूड़े के ढेर, बेतरतीब गाड़ियां और गंदगी का अंबार रहता है, वहां बच्चे क्रिकेट और बास्केटबॉल खेलेंगे? जी हां, उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में यह सपना अब हकीकत में बदलने जा रहा है. गाजियाबाद नगर निगम ‘संजय नगर फ्लाईओवर’ के नीचे एक वर्ल्ड क्लास ‘स्पोर्ट्स प्लाजा’ बनाने जा रहा है. करीब 1.5 करोड़ की लागत से बनने वाला यह प्रोजेक्ट न केवल शहर की तस्वीर बदलेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने के लिए एक आधुनिक प्लेटफॉर्म भी देगा.
अवैध कब्जे और गंदगी से मिलेगी मुक्ति
संजय नगर फ्लाईओवर के नीचे की स्थिति अब तक काफी खराब रही है. इस जगह पर वर्तमान में अवैध डेयरियों का कब्जा है, जहां लोग अपनी भैंसें बांधते हैं और चारा (भूसा) रखते हैं. इसके अलावा, यहां वहां बेतरतीब तरीके से गाड़ियां खड़ी रहती हैं, जिससे आसपास के निवासियों को काफी परेशानी होती है और इलाके में गंदगी फैली रहती है.
नगर निगम ने अब इस गंदगी और अव्यवस्था को जड़ से खत्म करने का फैसला लिया है. इस जगह को अब पूरी तरह साफ कर स्पोर्ट्स हब के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे न केवल अतिक्रमण हटेगा बल्कि शहर की सुंदरता में भी चार चांद लग जाएंगे.
1.5 करोड़ की लागत और स्पोर्ट्स अंडर द ब्रिज पहल
नगर निगम के मुख्य अभियंता एनके चौधरी के अनुसार, यह प्रोजेक्ट ‘स्पोर्ट्स अंडर द ब्रिज’ पहल के तहत तैयार किया जा रहा है. इसकी कुल लागत लगभग 1 करोड़ 5 लाख रुपये आंकी गई है. इस पहल का मुख्य उद्देश्य शहर के खाली और उपेक्षित पड़े हिस्सों का सदुपयोग करना है.
संजय नगर फ्लाईओवर के नीचे बनने वाला यह स्पोर्ट्स प्लाजा गाजियाबाद का दूसरा ऐसा प्रोजेक्ट होगा. इससे पहले राजनगर डिस्ट्रिक्ट सेंटर (RDC) फ्लाईओवर के नीचे सफलतापूर्वक ऐसा ही प्लाजा बनाया जा चुका है, जो युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय है.
एक ही छत (पुल) के नीचे मिलेंगी ये खेल सुविधाएं
खेल प्रेमियों को अब अलग-अलग खेलों के लिए शहर के अलग-अलग कोनों में भटकने की जरूरत नहीं होगी. इस स्पोर्ट्स प्लाजा में कई तरह के इनडोर और आउटडोर खेलों की व्यवस्था होगी. इसमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- वॉलीबॉल और बास्केटबॉल कोर्ट
- बैडमिंटन और टेनिस एरिया
- स्केटिंग रिंक
- पिकल बॉल और पैडल खेल
- हैंडबॉल कोर्ट
इन सुविधाओं के होने से संजय नगर और आसपास के इलाकों के बच्चों और युवाओं को एक सुरक्षित और आधुनिक खेल परिसर मिल सकेगा.
सुरक्षा और आधुनिकता का संगम: मल्टी-लेयर रबर कोटिंग
खिलाड़ियों की सुरक्षा का इस प्रोजेक्ट में खास ख्याल रखा गया है. अक्सर फ्लाईओवर के नीचे खेलते वक्त गेंद सड़क पर जाने और दुर्घटना होने का डर रहता है, इसलिए पूरे खेल क्षेत्र को मजबूत जाली से कवर किया जाएगा. इसके अलावा, फर्श पर मल्टी-लेयर रबर कोटिंग की जाएगी. यह आधुनिक तकनीक खिलाड़ियों को चोट लगने के खतरे को काफी कम कर देती है और दौड़ते समय पैरों को अच्छी ग्रिप प्रदान करती है. ठीक ऐसी ही व्यवस्था RDC के सफल प्रोजेक्ट में भी देखी गई है.
PPP मॉडल पर होगा संचालन: कितनी होगी फीस?
गाजियाबाद नगर निगम इस स्पोर्ट्स प्लाजा का संचालन PPP मॉडल के तहत करेगा. इसका मतलब है कि निर्माण के बाद इसके रखरखाव और संचालन की जिम्मेदारी किसी निजी कंपनी या एजेंसी को दी जाएगी. इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए खिलाड़ियों को एक मासिक शुल्क देना होगा. शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह फीस खेल की श्रेणी के हिसाब से 500 रुपये से लेकर 1500 रुपये के बीच हो सकती है. इससे मिलने वाले राजस्व का उपयोग प्लाजा की साफ-सफाई और सुरक्षा के लिए किया जाएगा.
मेरठ रोड तिराहे का भी होगा कायाकल्प: 1.29 करोड़ का बजट
सिर्फ संजय नगर ही नहीं, बल्कि मेरठ रोड तिराहे की सूरत भी जल्द ही बदली हुई नजर आएगी. नगर निगम ने इसके सौंदर्यीकरण के लिए 1.29 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है.
- आकर्षक डिजाइन: मेट्रो पिलर और फ्लाईओवर की दीवारों पर शानदार ‘3D पेंटिंग’ की जाएगी.
- ग्रीनरी और सिटिंग एरिया: यहां बैठने के लिए आधुनिक शेड्स लगाए जाएंगे और हरियाली का खास ध्यान रखा जाएगा.
- ओपन स्पेस और वॉकवे: लोगों के टहलने के लिए वॉकवे और खाली समय बिताने के लिए आकर्षक ओपन स्पेस बनाया जाएगा.
- पर्यावरण अनुकूल सामग्री: इस प्रोजेक्ट में स्क्रैप मेटल, रीयूज्ड वुड, ग्रास पावर और ब्रिक जाली जैसी चीजों का इस्तेमाल किया जाएगा, जो इसे इको-फ्रेंडली बनाएंगे.
नगर आयुक्त का संदेश
नगर आयुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक ने कहा कि इस तरह के प्रोजेक्ट्स से युवाओं को खेलों की ओर आकर्षित होने के लिए एक बेहतर माहौल मिलेगा. इससे शहर न केवल साफ-सुथरा बनेगा, बल्कि अतिक्रमण मुक्त भी रहेगा. उन्होंने उम्मीद जताई कि संजय नगर और मेरठ रोड तिराहे के ये प्रोजेक्ट गाजियाबाद को एक नई और आधुनिक पहचान देंगे.
