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CBSE 10th Result Dubai: धमाकों की गूंज और ड्रोन हमलों के खौफ के बीच भी आरव का हौसला नहीं डगमगाया. आरव की मां ने एक सीख दी थी. कहा था कि चाहे दुनिया खत्म हो जाए, पढ़ाई नहीं रुकनी चाहिए. आरव को युद्ध जैसे हालातों में भी डटे रहने की शक्ति दी. दो पेपर छूटने के बावजूद आरव ने CBSE 10वीं में 84.5% अंक हासिल कर मिसाल पेश की है. जानें आरव की कहानी.
दिल्ली: CBSE के रिजल्ट को आए हुए अभी कुछ ही दिन हुए हैं. ऐसे में 10th और 12th के CBSE रिजल्ट आने के बाद टॉपर्स की अलग-अलग प्रेरणादायक कहानियां सामने आ रही हैं. लेकिन इन सब के बीच एक कहानी ऐसी भी है जो अपने आप में प्रेरणादायक भी है. लेकिन साहस से भरी हुई और चौकाने वाली भी है. दरअसल यह कहानी आरव की है जो दुबई में अपने माता-पिता के साथ कई सालों से रह रहे हैं. वह अपनी सारी पढ़ाई दुबई CBSE बोर्ड से ही कर रहे हैं. वहीं आरव जब वह इस CBSE के 10th क्लास के बोर्ड के एग्जाम दे रहे थे, तो तब ही ईरान और इजरायल के बीच में युद्ध शुरू हो गया था. जिसका असर पूरे मिडल ईस्ट और खासकर दुबई पर भी पड़ा था. इसी बीच इन्होंने यह एग्जाम भी दिए थे. इस तनाव भरे पूरे माहौल में उन्होंने किस तरह अपने एग्जाम दिए जब हमने उनसे बात की तो आइए आपको बताते हैं कि उन्होंने क्या कुछ कहा.
तनाव, डर और धमाकों के बीच भी हासिल किए 84.5%
आरव ने हमें बताया कि जब वह एग्जाम की तैयारी कर रहा था. तभी लगातार दुबई में कुछ मिसाइल हमले हो रहे थे. जो की इंटरसेप्ट भी हो रहे थे. लेकिन उन धमाकों की काफी ज्यादा आवाज थी. जिससे वह डर भी गया था. वह काफी ज्यादा तनाव में भी था. मगर उनका कहना था कि फिर भी वह लगातार पढ़ रहे थे क्योंकि एग्जाम में अच्छे अंक लाना है. उनका एक मात्र लक्ष्य था. उन्होंने हमें आगे यह भी बताया कि उनके मात्र चार इंग्लिश, मैथ्स, साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के पेपर ही हुए.
वहीं एसएसटी और फ्रेंच यह दो पेपर इस युद्ध के तनाव के कारण नहीं हो पाए. फिर उनके द्वारा दिए गए चार पेपर के मार्क्स ही काउंट करके और उनकी परसेंटेज ही निकालकर उनका यह रिजल्ट CBSE ने बनाया है. जिसमें उनके 10th के CBSE बोर्ड के रिजल्ट में 84.5% मार्क्स आए हैं. उन्होंने यह सब बताते हुए यह दुख भी जताया कि वह दो पेपर नहीं दे पाए जिनकी उन्होंने काफी अच्छी तैयारी की थी. उनका कहना था कि सभी छात्र-छात्राएं बोर्ड एग्जाम्स की अच्छे से तैयारी करते हैं. उन्होंने तो हर एक चीज पड़ी थी और इसलिए उन्हें दुख है कि युद्ध के कारण वर्ष वह यह पेपर नहीं दे पाए.
मां ने कहा-दुनिया चाहे खत्म हो जाए, पढ़ाई करनी है
आरव ने हमें यह भी बताया कि उनकी मां उन्हें शुरुआत से ही पढ़ाई के लिए मोटिवेट भी करती रहीं हैं. कभी कभार उन्हे तोड़ी बहुत डांट भी लगती हैं. इसी बात को आगे बढ़ते हुए आरव का कहना था कि जिस तरह से दुबई में तनाव बढ़ रहा था. उसे देखते हुए मैं वह डर रहे थे. तभी उनकी मां अचानक उनके कमरे में आई. उन्होंने साफ कहा कि चाहे बाहर बमबारी हो रही हो या फिर दुनिया खत्म हो जाए आरव तुम्हें पढ़ाई करते रहना है. हमें यह बात बताते हुए आरव से भी और उन्होंने कहा कि उनकी मां यह उन्हें तब से बोल रहे हैं. जब वह छोटे हुआ करते थे. उनका कहना था कि इस बात से ही मोटिवेट होकर और थोड़ा बहुत डर कर उन्होंने सब कुछ भूल कर केवल पढ़ाई पर ध्यान दिया. तभी फिर उन्होंने ऐसे तनाव भरे माहौल में भी इतनी अच्छी परसेंटेज लाई.
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