हॉलीवुड से हिमाचल तक: मौत को छूकर टक से वापस आए 'डेडपूल 3' के सिनेमैटोग्राफर, कैसे बची जॉर्ज रिचमंड की जान?

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हॉलीवुड की कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों को अपने कैमरे से शानदार विजुअल्स देने वाले जॉर्ज रिचमंड इन दिनों चर्चा में हैं. ‘डेडपूल’, ‘रॉकेटमैन’ और ‘फ्री गाय’ जैसी फिल्मों के सिनेमैटोग्राफर जॉर्ज रिचमंड हिमाचल प्रदेश में पैराग्लाइडिंग के दौरान हुए एक गंभीर हादसे में घायल हो गए. कैसे इस दर्दनाक हादसे में जॉर्ज मौत को मात देकर लौटे, उन्हें कितनी चोट आई है और अभी कैसी है उनकी तबीयत और चलिए बताते हैं.

हिमाचल में पैराग्लाइडिंग हादसे में जॉर्ज रिचमंड गंभीर रूप से घायल हो गए थे.

नई दिल्ली. हॉलीवुड की चमक-दमक से हजारों किलोमीटर दूर हिमाचल प्रदेश की ऊंची पहाड़ियों में एक ऐसा हादसा हुआ, जिसने फिल्म इंडस्ट्री और एडवेंचर स्पोर्ट्स की दुनिया दोनों को चौंका दिया. मार्वल की सुपरहिट फिल्म डेडपूल के सिनेमैटोग्राफर जॉर्ज रिचमंड पैराग्लाइडिंग के दौरान गंभीर हादसे का शिकार हो गए. कुछ समय के लिए उनकी जान पर बन आई थी, लेकिन भारतीय वायुसेना और रेस्क्यू टीमों की मुस्तैदी ने उन्हें मौत के मुंह से वापस खींच लाया.

54 साल के जॉर्ज रिचमंड हॉलीवुड के सबसे चर्चित सिनेमैटोग्राफरों में गिने जाते हैं. अपने कैमरे के जरिए उन्होंने कई बड़ी फिल्मों को यादगार विजुअल्स दिए हैं. लेकिन इस बार कैमरे के पीछे रहने वाला यह शख्स खुद एक ऐसी कहानी का हिस्सा बन गया, जिसे सुनकर हर कोई हैरान है.

8 जून को हुआ दर्दनाक हादसा

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जॉर्ज रिचमंड पांच सदस्यीय टीम के साथ हिमाचल प्रदेश के बीड़-बिलिंग सेकुल्लू के देव टिब्बा क्षेत्र तक क्रॉस-कंट्री पैराग्लाइडिंग उड़ान पर निकले थे. 8 जून को उड़ान के दौरान उनका पैराग्लाइडर दुर्गम पहाड़ी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया. हादसा ऐसे स्थान पर हुआ जहां पहुंचना भी बेहद मुश्किल था. हादसे के बाद रिचमंड का संपर्क टूट गया. पहाड़ों के बीच उनका सटीक लोकेशन पता लगाना चुनौती बन गया. खराब भौगोलिक परिस्थितियों और ऊंचाई वाले क्षेत्र के कारण बचाव का काम भी आसान नहीं था. जैसे-जैसे समय बीत रहा था, उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती जा रही थी.

कैसे बाल-बाल बची जान

इसके बाद स्थानीय प्रशासन, पर्वतीय बचाव दल और भारतीय वायुसेना ने संयुक्त अभियान शुरू किया. कई घंटों तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद रेस्क्यू टीमों ने उन्हें खोज निकाला. घायल अवस्था में मिले रिचमंड को तत्काल प्राथमिक सहायता दी गई. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारतीय वायुसेना के हेलिकॉप्टर से उन्हें एयरलिफ्ट किया गया. पहले कुल्लू पहुंचाया गया. इसके बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए 9 जून की सुबह उन्हें चंडीगढ़ के पीजीआईएमईआर अस्पताल के एडवांस ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया.

चंडीगढ़ में हुई स्पाइन सर्जरी

पीजीआई चंडीगढ़ के डॉक्टरों के मुताबिक, ऊंचाई से गिरने के कारण रिचमंड की गर्दन और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें आई थीं. उनकी सी-1 वर्टिब्रा (गर्दन की हड्डी) फ्रैक्चर हो गई थी और सी-5 तथा सी-6 का जोड़ अपनी जगह से खिसक गया था. इस गंभीर चोट के कारण उनके हाथ-पैरों ने काम करना बंद कर दिया था और सांस लेने वाली नसों पर भी गहरा दबाव था. 11 जून को डॉक्टरों ने करीब डेढ़ घंटे तक एक बेहद जटिल स्पाइन सर्जरी को अंजाम दिया. डॉक्टरों ने क्षतिग्रस्त डिस्क को हटाकर रीढ़ को फिर से स्थिर किया है. जॉर्ज रिचमंड अब पूरी तरह होश में हैं, बातचीत कर रहे हैं और उनकी स्थिति स्थिर है. उन्हें फिलहाल 48 से 72 घंटों के लिए कड़ी निगरानी में रखा गया है और जल्द ही व्हीलचेयर रिहैबिलिटेशन शुरू किया जाएगा.

कौन हैं जॉर्ज रिचमंड?

जॉर रिचमंड हॉलीवुड के सबसे सम्मानित सिनेमैटोग्राफर्स में से एक हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1990 के दशक में कैमरा ऑपरेटर के रूप में की थी और साल 2008 में फिल्म ‘द हाइड’ से बतौर मुख्य सिनेमैटोग्राफर डेब्यू किया. हाल ही में साल 2024 में आई मार्वल की 1.3 बिलियन डॉलर कमाने वाली ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘डेडपूल एंड वूल्वरिन’ में कैमरे का करिश्मा उन्हीं का था. इसके अलावा उन्होंने ‘फ्री गाय’, ‘रॉकेटमैन’,  ‘किंग्समैन: द गोल्डन सर्कल’, ‘टॉम्ब रेडर’ और ‘फैंटास्टिक बीस्ट्स’ जैसी कई बेहतरीन फिल्मों के लिए सिनेमैटोग्राफी की है. वे अपनी अगली बड़ी फिल्म ‘नाउ यू सी मी 3’ पर भी काम कर रहे थे.

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Shikha Pandey

शिखा पाण्डेय पिछले 15 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में एक्टिव हैं. शिखा दिसंबर 2019 से न्यूज 18 हिंदी के साथ हैं और बतौर चीफ सब एडिटर के पद काम कर रही हैं. पिछले 6 सालों से वह एंटरटेनमेंट डेस्क पर काम कर रही …और पढ़ें

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