इंसान से भी तेज निकला रोबोट, हाफ मैराथन में तोड़ डाला वर्ल्ड रिकॉर्ड

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humanoid robot broke humans world record: चीन की तकनीकी प्रगति का एक शानदार नमूना पेश करते हुए बीजिंग में रोबोट्स की ‘हाफ-मैराथन’ रेस आयोजित की गई. इस रेस में एक ह्यूमनॉइड रोबोट ने जीत हासिल की और इंसानों के वर्ल्ड रिकॉर्ड से भी तेज दौड़कर सबको हैरान कर दिया. चीनी स्मार्टफोन कंपनी Honor द्वारा बनाए गए इस रोबोट ने 21 किलोमीटर की रेस को मात्र 50 मिनट 26 सेकंड में पूरा कर लिया.

रोबोट ने तोड़ा इंसान का वर्ल्ड रिकॉर्ड.

बीजिंग. चीन की एक कंपनी के बनाए हुए ‘ह्यूमनॉइड रोबोट’ ने शौकिया धावकों के साथ हुई रेस में 50 मिनट 26 सेकंड में इंसानों का वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ दिया. चीन की ‘शेन्जेन ऑनर स्मार्ट टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड’ के ‘ह्यूमनॉइड रोबोट’ ‘फ्लैश’ ने 2026 बीजिंग ई-टाउन हाफ मैराथन में ऑटोनॉमस नेविगेशन कैटेगरी में जीत हासिल की. यहां की सरकारी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ‘फ्लैश’ ने इंसानों के 57:20 के वर्ल्ड रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया.

पुरुषों की हाफ मैराथन का वर्ल्ड रिकॉर्ड पिछले महीने पुर्तगाल में लिस्बन हाफ मैराथन में युगांडा के स्टार लंबी दूरी के धावक जैकब किप्लिमो ने बनाया था. चीन, जर्मनी, फ्रांस और ब्राजील की 100 से ज्यादा टीमों ने इंसानी धावकों के साथ इस दौड़ में हिस्सा लिया. प्रतियोगिता के नियमों के मुताबिक रोबोट और इंसानी धावकों ने 21 किलोमीटर का एक ही रास्ता तय किया, लेकिन सुरक्षा के लिए अलग-अलग लेन का इस्तेमाल किया. सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक रोबोट के लिए कट-ऑफ टाइम तीन घंटे 40 मिनट तय किया गया था.

रोबोट ने तोड़ा इंसान का वर्ल्ड रिकॉर्ड.

Honor के इंजीनियर डू शियाओदी ने बताया कि रोबोट की टांगें 90 से 95 सेंटीमीटर लंबी बनाई गई थीं, ताकि वे इंसानी धावकों की तरह कदम उठा सकें. रोबोट को गर्म होने से बचाने के लिए वही ‘लिक्विड कूलिंग’ तकनीक इस्तेमाल की गई, जो Honor के स्मार्टफोन्स में होती है. हालांकि, अभी यह शुरुआत है, लेकिन इंजीनियरों का मानना है कि दौड़ने वाली इस तकनीक का इस्तेमाल भविष्य में कारखानों और भारी उद्योगों में किया जाएगा. मैराथन देखने आए लोग चीनी रोबोट्स की फुर्ती देखकर हैरान थे.

बीजिंग यूनिवर्सिटी के एक छात्र ने कहा कि AI ने बहुत कम समय में इतनी तरक्की कर ली है. अब भविष्य AI का ही है, और जो इसे नहीं सीखेगा, वह पीछे रह जाएगा. एक 11 साल के स्कूली छात्र ने बताया कि वह अभी से रोबोटिक्स की पढ़ाई कर रहा है और आगे चलकर इसी क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहता है. भले ही रोबोट ने तेज दौड़कर अपनी ताकत दिखा दी है, लेकिन उन्हें कारखानों में इंसानों की तरह काम करने के लिए अभी और सुधार की जरूरत है. विशेषज्ञ कहते हैं कि दौड़ना एक बात है, लेकिन फैक्ट्री में बारीकी वाले काम करना अलग बात है. इसके लिए रोबोट के ‘सॉफ्टवेयर’ को और समझदार बनाना होगा. चीन की सरकार इस क्षेत्र में दुनिया का लीडर बनना चाहती है. इसके लिए वे कंपनियों को काफी पैसा (सब्सिडी) और सुविधाएं दे रहे हैं.

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Shivam Upadhyay

नवंबर 2025 से नेटवर्क 18 ग्रुप में सब एडिटर के पद पर कार्यरत. पत्रकारिता में 3 साल का अनुभव. जी न्यूज से खेल पत्रकारिता में डेब्यू किया. क्रिकेट के साथ-साथ हॉकी और बैडमिंटन के बारे में भी लिखने में दिलचस्पी. मा…और पढ़ें

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