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Ghaziabad Three New Bridges: गाजियाबाद के लिए बड़ी सौगात! शासन ने हिंडन नदी पर तीन नए पुलों के निर्माण को मंजूरी दे दी है. ये पुल मोदीनगर के मतौर, मुरादनगर के भदौली और लोनी के फरुखनगर में बनेंगे. इससे गाजियाबाद और बागपत के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी और 20 से ज्यादा गांवों के हजारों लोगों को नाव के जोखिम भरे सफर और लंबे जाम से मुक्ति मिलेगी. सेतु निगम जल्द ही इन पुलों का निर्माण कार्य शुरू करेगा, जिससे क्षेत्रीय विकास को नई रफ्तार मिलेगी.
Ghaziabad Three New Bridges: गाजियाबाद और आसपास के जिलों में रहने वाले लोगों के लिए योगी सरकार ने बड़ी खुशखबरी दी है. जिले में हिंडन नदी पर तीन नए पुल बनाने के प्रस्ताव को शासन ने मंजूरी दे दी है. यह फैसला न केवल गाजियाबाद के शहरी और ग्रामीण इलाकों की कनेक्टिविटी सुधारेगा, बल्कि बागपत जिले से आने-जाने वाले हजारों लोगों का समय और मेहनत भी बचाएगा. उत्तर प्रदेश सेतु निगम इन तीनों पुलों का निर्माण कराएगा. खास बात यह है कि ये तीनों पुल गाजियाबाद की तीन अलग-अलग विधानसभा सीटों मोदीनगर, लोनी और मुरादनगर में बनाए जाएंगे.
इन इलाकों में बनेंगे नए पुल
सेतु निगम के मुताबिक, हिंडन नदी पर पुल बनाने की योजना काफी समय से पाइपलाइन में थी. अब जिन तीन जगहों पर पुल निर्माण को हरी झंडी मिली है, वे इस प्रकार हैं:
- मोदीनगर विधानसभा: मतौर गांव के पास.
- मुरादनगर विधानसभा: भदौली गांव के पास.
- लोनी विधानसभा: फरुखनगर क्षेत्र में.
इन पुलों के लिए स्थानीय विधायकों मंजू सिवाच (मोदीनगर), अजीतपाल त्यागी (मुरादनगर) और नंदकिशोर गुर्जर (लोनी) ने शासन को प्रस्ताव भेजे थे, जिसे अब स्वीकार कर लिया गया है.
नाव के सफर और लंबी दूरी से मिलेगा छुटकारा
वर्तमान में हिंडन नदी के किनारे बसे गांवों की स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण है. मोदीनगर के मतौर और बागपत के डौलचा गांव के बीच कोई पक्का रास्ता न होने की वजह से लोग जान जोखिम में डालकर नाव से नदी पार करते हैं. जिन्हें नाव से नहीं जाना होता, उन्हें सड़क मार्ग से कई किलोमीटर का लंबा चक्कर काटकर दूसरे जिले में प्रवेश करना पड़ता है.
नए पुल बनने के बाद निवाड़ी, सुहाना, भनेड़ा, महमदपुर समेत करीब 20 गांवों के हजारों लोगों को सीधा फायदा होगा. अब किसान अपनी फसलें आसानी से मंडी ले जा सकेंगे और छात्रों व नौकरीपेशा लोगों को भी आवाजाही में आसानी होगी.
विधायकों ने जताई खुशी
मोदीनगर की विधायक डॉ. मंजू सिवाच ने बताया कि मतौर गांव के पास पुल की मांग दशकों पुरानी थी. इसके बनने से गाजियाबाद और बागपत के बीच की दूरी सिमट जाएगी. वहीं, मुरादनगर विधायक अजीतपाल त्यागी ने कहा कि भदौली में पुल बनने से इलाके के विकास को रफ्तार मिलेगी और ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा.
हिंडन नदी का भूगोल
आपको बता दें कि हिंडन नदी गाजियाबाद में लगभग 37 किलोमीटर का सफर तय करती है. यह नदी सहारनपुर से निकलकर मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत और गाजियाबाद होते हुए नोएडा तक जाती है. करीब 400 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद नोएडा में यह यमुना नदी में मिल जाती है. गाजियाबाद के बीचों-बीच बहने के कारण यहां पुलों की संख्या बढ़ना शहर की लाइफलाइन के लिए बेहद जरूरी था.
| विवरण | जानकारी |
| कुल नए पुल | 03 |
| निर्माण एजेंसी | उत्तर प्रदेश सेतु निगम |
| प्रभावित जिले | गाजियाबाद और बागपत |
| लाभान्वित गांव | 20 से ज्यादा |
| प्रमुख क्षेत्र | मतौर, भदौली और फरुखनगर |
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…और पढ़ें
