80 से ज्यादा इंटरनेशनल खिलाड़ी और 8 कप्तान देने वाले 'गुरु' बलदेव सिंह को मिलेगा पद्मश्री, राष्ट्रपति करेंगी सम्मानित

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Baldev Singh Padma Shri: मशहूर हॉकी कोच बलदेव सिंह को 25 मई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू प्रतिष्ठित ‘पद्मश्री’ सम्मान से नवाजेंगी. 75 वर्षीय बलदेव सिंह ने हरियाणा के एक छोटे से शहर ‘शाहाबाद मारकंडा’ को हॉकी के एक बड़े हब के रूप में बदल दिया. उन्होंने अपने शानदार कोचिंग करियर में देश को 80 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और 8 भारतीय कप्तान दिए हैं. वह भारतीय पुरुष टीम के मुख्य कोच भी रहे, जिनकी देखरेख में भारत ने 2004 के एशिया कप में गोल्ड मेडल जीता था. चार दशकों से सुर्खियों से दूर रहकर भारतीय हॉकी की नींव मजबूत करने वाले बलदेव सिंह तीन ओलंपिक (2020, 2024 और 2028) का रोडमैप तैयार करने वाली ओलंपिक टास्क फोर्स के मुख्य सदस्य भी रहे हैं.

दिग्गज हॉकी कोच बलदेव सिंह पद्मश्री से होंगे सम्मानित.

नई दिल्ली. हॉकी कोच बलदेव सिंह को 25 मई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान पद्मश्री से सम्मानित करेंगी. अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी. सिंह, जिनकी उम्र 75 साल है, उन्होंने एनएच 44 पर बसे छोटे शहर शाहाबाद मारकंडा को हॉकी प्रतिभा का बड़ा केंद्र बना दिया. वह 1982 में हरियाणा खेल विभाग में कोच बनकर शाहाबाद मारकंडा आए थे और वहां चार साल तक काम किया.

अधिकारियों ने बताया कि 1993 में वह फिर इस शहर में लौटे और इस हॉकी नर्सरी को सबसे ज्यादा हॉकी खिलाड़ियों को तैयार करने वाले केंद्रों में से एक बना दिया. भैणी साहिब की नामधारी हॉकी टीम से अपने करियर की शुरुआत करने वाले और अस्सी के दशक में बेंगलुरु के राष्ट्रीय खेल संस्थान से हॉकी कोचिंग में डिप्लोमा लेने वाले सिंह ने अपने अनुभव से 80 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और आठ भारतीय कप्तान तैयार किए.

जैसे-जैसे यह अकादमी हॉकी के लिए बड़ा केंद्र बनती गई, सिंह ने हॉकी की प्रतिस्पर्धी व्यवस्था में कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं. उन्होंने 1993 में जूनियर पुरुष टीम के मुख्य कोच और चयनकर्ता के रूप में काम किया. फिर 1996 में मद्रास में चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाली भारतीय टीम के सहायक कोच रहे और बाद में सीनियर राष्ट्रीय टीम के मुख्य कोच बने.

अधिकारियों ने बताया कि 2001 से 2004 तक उन्होंने भारतीय पुरुष टीम के कोच के रूप में काम किया और 2004 के एशिया कप में टीम को गोल्ड मेडल दिलाने में अहम भूमिका निभाई. चार दशकों से ज्यादा समय से सिंह सुर्खियों से दूर रहकर काम करते रहे और भारतीय हॉकी की नींव को मजबूत करने में योगदान दिया. सिंह ने फतेहगढ़ साहिब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब विश्व विश्वविद्यालय और अमृतसर के खालसा कॉलेज में हॉकी कोच के रूप में भी काम किया. उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा 2020 टोक्यो, 2024 पेरिस और 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए रोडमैप तैयार करने वाली ओलंपिक कार्य बल के मुख्य सदस्य के रूप में भी काम किया है.

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Shivam Upadhyay

शिवम उपाध्याय उभरते हुए खेल पत्रकार हैं, जो नवंबर 2025 से देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान नेटवर्क 18 ग्रुप में बतौर सब एडिटर कार्यरत हैं. क्रिकेट विशेषज्ञता का मुख्य क्षेत्र है, लेकिन इसके अलावा हॉकी और बैडमिं…और पढ़ें

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