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Ghaziabad News: सावन के पावन महीने और कांवड़ यात्रा की शुरुआत से ठीक पहले गाजियाबाद प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है. लाखों श्रद्धालुओं की सेहत और सात्विक खान-पान की पवित्रता बनाए रखने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक शुरू कर दी है. इसी कड़ी में मंगलवार को शालीमार गार्डन की एक सोया चाप फैक्ट्री पर छापेमारी कर भीषण गंदगी के बीच बन रही 200 किलो जहरीली सोया चाप को मौके पर ही नष्ट कराया गया.
Ghaziabad News: सावन शुरू होने से पहले गाजियाबाद में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटी और अस्वच्छ खाद्य पदार्थों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू कर दिया है. सावन और कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु व्रत और सात्विक भोजन करते हैं, ऐसे में उनकी सेहत से किसी तरह का खिलवाड़ न हो, इसे लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है. इसी अभियान के तहत मंगलवार को खाद्य सुरक्षा विभाग ने सूचना के आधार पर शालीमार गार्डन क्षेत्र की एक सोया चाप फैक्ट्री पर छापा मारकर बड़ी कार्रवाई की. जांच में फैक्ट्री में गंदगी के बीच चाप तैयार होती मिली, जिसके बाद मौके पर रखी करीब 200 किलो सोया चाप को नष्ट करा दिया गया. विभाग ने फैक्ट्री का पंजीकरण निलंबित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है.
गणेशपुर भाटी चौक पर अचानक छापा, मिलीं गंभीर अनियमितताएं
गाजियाबाद के शालीमार गार्डन थाना क्षेत्र स्थित गणेशपुर भाटी चौक की एक सोया चाप बनाने वाली फैक्ट्री में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मंगलवार को निरीक्षण किया. विभाग को सूचना मिली थी कि फैक्ट्री में अस्वच्छ माहौल में चाप तैयार की जा रही है. प्रशासन के निर्देश पर पहुंची टीम ने जांच शुरू की तो मौके पर कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं. फैक्ट्री में साफ-सफाई के मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था और खाद्य सामग्री गंदगी के बीच तैयार होती मिली.
3 नमूने जांच के लिए लैब भेजे गए
निरीक्षण के दौरान फैक्ट्री में सोया चाप और अन्य खाद्य पदार्थ बनाए जा रहे थे. जांच के दौरान टीम ने रंगीन सोया चाप, सफेद सोया चाप और मैदा के कुल तीन नमूने लिए. इनमें 50 किलो रंगीन सोया चाप, 150 किलो सफेद सोया चाप और करीब दो क्विंटल मैदा के स्टॉक में से नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं. अब लैब रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
20 हजार रुपये की सोया चाप मौके पर नष्ट
जांच के दौरान फैक्ट्री में मौजूद करीब 200 किलो सोया चाप को खाने योग्य नहीं माना गया. टीम ने पूरी खेप को मौके पर ही नष्ट करा दिया. अधिकारियों के अनुसार नष्ट कराई गई चाप की कीमत करीब 20 हजार रुपये है. इसके अलावा, फैक्ट्री में आवश्यक सुधार होने तक उसका पंजीकरण निलंबित करने की संस्तुति की गई है. संचालक को फिलहाल खाद्य पदार्थों का निर्माण बंद रखने के निर्देश भी दिए गए हैं.
‘फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप’ से श्रद्धालु कर सकेंगे सीधी शिकायत
खाद्य सुरक्षा विभाग के एसीएफ सुरेश मिश्रा ने बताया कि विभाग लगातार सूचना के आधार पर कार्रवाई कर रहा है. सावन और कांवड़ यात्रा को देखते हुए पूरे जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जा रही है. शहर के चार स्थानों पर जांच अभियान चलाया गया है और आगे भी यह कार्रवाई जारी रहेगी. उन्होंने बताया कि कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाले रेस्टोरेंट और भोजनालयों में ‘फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप’ भी लगवाया जा रहा है ताकि श्रद्धालु और आम लोग मिलावटी या खराब गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ मिलने पर तुरंत शिकायत दर्ज करा सकें. विभाग का कहना है कि लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.
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राहुल गोयल न्यूज़ 18 हिंदी में हाइपरलोकल (यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश) के लिए काम कर रहे हैं. मीडिया इंडस्ट्री में उन्हें 16 साल से ज्यादा का अनुभव है, जिसमें उनका फोकस हमेशा न्यू मीडिया और उसके त…
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