'श्रीकृष्ण' बन पर्दे पर अमर हुआ एक्टर, भगवान मान पूजने लगे थे लोग, पर उथल-पुथल भरी रही निजी जिंदगी

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नीतीश भारद्वाज टीवी के उन चुनिंदा कलाकारों में हैं, जिन्हें दर्शक आज भी उनके सबसे लोकप्रिय किरदार भगवान श्रीकृष्ण के रूप में याद करते हैं. उन्होंने अपने किरदार को पर्दे पर कुछ ऐसे जीवंत किया था कि दर्शक उन्हें सच में भगवान मानने लगे थे. उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ तब आया, जब उन्हें बी.आर. चोपड़ा के चर्चित धारावाहिक ‘महाभारत’ में श्रीकृष्ण की भूमिका निभाने का अवसर मिला. इस किरदार ने उन्हें रातोंरात घर-घर में पहचान दिला दी. आज एक्टर के जन्मदिन के मौके पर उनकी जिंदगी के बारे में बताने जा रहे हैं-

आज एक्टर का जन्मदिन है.

नई दिल्ली. भारतीय टेलीविजन के इतिहास में कुछ किरदार ऐसे हैं, जिन्हें समय बीतने के बाद भी दर्शक भूल नहीं पाते हैं. भगवान श्रीकृष्ण का किरदार निभाने वाले अभिनेता नीतीश भारद्वाज उन्हीं चुनिंदा कलाकारों में शामिल हैं. 2 जून 1963 को मुंबई में जन्मे नीतीश भारद्वाज ने अपने अभिनय और व्यक्तित्व के दम पर ऐसी पहचान बनाई कि आज भी करोड़ों लोग उन्हें उनके असली नाम से नहीं बल्कि ‘भगवान कृष्ण’ के रूप में याद करते हैं.

एक साधारण मराठी ब्राह्मण परिवार में जन्मे नीतीश का शुरुआती जीवन अभिनय की दुनिया से काफी अलग था. उन्होंने अपनी स्कूल की पढ़ाई मुंबई के प्रतिष्ठित स्कूलों में पूरी की और बाद में बॉम्बे वेटरनरी कॉलेज से वेटरनरी साइंस एंड एनिमल हसबैंड्री की पढ़ाई की. इसके अलावा उन्होंने साइंस में आगे की पढ़ाई की. उस समय शायद ही किसी ने सोचा होगा कि पशु चिकित्सा की पढ़ाई करने वाला यह यंग लड़का आगे चलकर भारतीय टेलीविजन का सबसे लोकप्रिय चेहरा बन जाएगा.

थिएटर से की थी करियर की शुरुआत

हालांकि पढ़ाई के साथ-साथ नीतीश की रुचि अभिनय में भी थी. इसी जुनून ने उन्हें मराठी थिएटर की ओर आकर्षित किया. थिएटर में काम करते हुए उन्होंने अभिनय की बारीकियां सीखीं और धीरे-धीरे मनोरंजन जगत में अपनी जगह बनानी शुरू की. उनकी मेहनत का सबसे बड़ा फल उन्हें तब मिला, जब उन्हें बी.आर. चोपड़ा के चर्चित धारावाहिक ‘महाभारत’ में भगवान श्रीकृष्ण की भूमिका निभाने का अवसर मिला.

नितीश भारद्वाज

24 साल में पर्दे पर अमर हुआ एक्टर

उस समय नीतीश की उम्र महज 23-24 साल थी, लेकिन उन्होंने जिस आत्मविश्वास और सहजता के साथ श्रीकृष्ण के किरदार को पर्दे पर उतारा, उसने दर्शकों का दिल जीत लिया. उनकी मुस्कान, संवाद अदायगी और शांत व्यक्तित्व ने इस किरदार को अमर बना दिया. हालत यह हो गई कि लोग उन्हें सिर्फ अभिनेता नहीं, बल्कि भगवान कृष्ण के रूप में देखने लगे. आज भी जब ‘महाभारत’ का जिक्र होता है, तो नीतीश भारद्वाज का चेहरा सबसे पहले याद आता है.

‘महाभारत’ ने नीतीश भारद्वाज को घर-घर में दिलाई पहचान

‘महाभारत’ की सफलता के बाद उन्होंने कई अन्य पौराणिक और धार्मिक परियोजनाओं में काम किया. विष्णुपुराण जैसे सीरियल्स में भी उन्होंने भगवान विष्णु के विभिन्न रूपों को पर्दे पर जीवित किया और दर्शकों की सराहना हासिल की. इसके अलावा उन्होंने मराठी, हिंदी और मलयालम फिल्मों में भी अपनी अभिनय प्रतिभा का परिचय दिया.

फिल्मों में भी जमाई धाक

सीरियल्स के साथ ही एक्टर फिल्मों में भी अहम किरदारों में नजर आ चुके हैं. वो ऋतिक रोशन की ‘मोहनजो दारो’ और सुशांत सिंह राजपूत की ‘केदारनाथ’ जैसी फिल्मों में भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आए. इन फिल्मों में उन्होंने अपने किरदार से सबकी खूब वाहवाही बटोरी थी.

दो बार झेला तलाक का दर्द

अब अगर नीतीश भारद्वाज की पर्सनल लाइफ की बात करें तो उन्होंने दो शादियां कीं. उनकी पहली शादी मोनिषा पाटिल से हुई थी, जो सफल नहीं हो पाई. एक्टर की पहली शादी टूट गई थी. एक्टर ने मोनिषा पाटिल से साल 1991 में शादी की थी, लेकिन 2005 में कपल का रिश्ता खत्म हो गया.पहले तलाक के बाद एक्टर ने साल 2009 में स्मिता गेट से दूसरी शादी की.

दोनों ने कई साल खुशहाल जिंदगी बिताई और कई साल के रिश्ते के बाद साल 2022 में दोनों ने तलाक ले लिया. अभिनय के अलावा नीतीश ने राजनीति में भी अपनी किस्मत आजमाई. वर्ष 1996 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा और सांसद बने. बाद में उन्होंने एक और चुनाव भी लड़ा, हालांकि इस बार उन्हें सफलता नहीं मिली.

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Pranjul SinghSub-Editor

From the precision of chemistry labs to the vibrant chaos of a newsroom, my journey has been about finding the perfect formula for a great story. A graduate in Chemistry Honours from the historic Scottish Churc…और पढ़ें

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