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Malviya Nagar Fire Case:मालवीय नगर का मालिक बड़ा ही शातिर निकला. जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ कि हादसे के एक घंटे बाद लाइसेंस रिन्यूअल के लिए आवेदन किया है. हालांकि एमसीडी ने बाद में कैंसिल कर दिया था. करीब आठ महीने पहले एमसीडी की एक टीम ने परिसर का सर्वे किया था. पाया गया कि लाइसेंस नियमों के उल्लंघन के बावजूद वहां एक रेस्तरां चलाया जा रहा है. इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई.
सुबह 9.35 बजे लाइसेंस के रिन्यूवल के लिए शुल्क भी जमा कराया गया था.
नई दिल्ली. दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित हौज रानी बेड एंड ब्रेकफास्ट (बीएंडबी) में लगी भीषण आग के मामले में नए खुलासे सामने आए हैं. दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के अधिकारियों के अनुसार आग लगने की घटना के करीब एक घंटे बाद ही बीएंडबी के मालिक लवकेश बजाज ने ग्राउंड फ्लोर पर चल रहे प्रतिष्ठान के लाइसेंस रिन्यूवल के लिए आवेदन किया गया था. हालांकि एमसीडी ने इसे कैंसिल कर दिया था.
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार संबंधित लाइसेंस 31 मार्च 2026 को खत्म हो चुका था. अधिकारियों ने बताया कि यह लाइसेंस केवल ‘चाय और नाश्ता स्टॉल’ श्रेणी के लिए जारी किया गया था, जहां बैठने की व्यवस्था की अनुमति नहीं होती है. पर जांच में पता चला कि लंबे समय से रेस्तरां चलाया जा रहा था.
एमसीडी अधिकारियों के अनुसार 3 जून को सुबह 9.35 बजे लाइसेंस के रिन्यूवल के लिए आवेदन और शुल्क जमा कराया गया था. हालांकि विभाग ने बाद में इस आवेदन को खारिज कर दिया. यह मामला इसलिए भी सवालों के घेरे में है क्योंकि हाल ही में एमसीडी ने इस श्रेणी के लाइसेंस को रेगुलेट दायरे से बाहर कर दिया था और संबंधित पोर्टल को निष्क्रिय करने की प्रक्रिया चल रही थी.
प्रत्येक फ्लोर में थी किचन
अधिकारियों ने बताया कि बीएंडबी ऑपरेशन के लिए अलग लाइसेंस जय मिश्रा के नाम पर किसी अन्य एजेंसी द्वारा जारी किया गया था, जबकि चाय और नाश्ता स्टॉल का लाइसेंस लवकेश बजाज के नाम था. भवन की प्रत्येक मंजिल पर निजी रसोई थी.
8 महीने पहले होटल में गड़बड़ी पाए जाने के बावजूद एमसीडी टीम ने नहीं की थी कोई कार्रवाई.
गड़बड़ी के बाद भी एमसीडी ने नहीं की कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार करीब आठ महीने पहले एमसीडी की एक टीम ने परिसर का सर्वे किया था. उस दौरान पाया गया था कि लाइसेंस नियमों के उल्लंघन के बावजूद वहां एक बड़ा रेस्तरां चलाया जा रहा है. इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई.
12 होटलों गड़बड़ी पायी गयी
आग की घटना के बाद एमसीडी ने क्षेत्र का प्रारंभिक सर्वे किया, जिसमें 12 होटल ऐसे पाए गए जो लाइसेंस के नियमों का उल्लंघन कर रहे थे. अधिकारियों का कहना है कि इनमें से कई इमारतें लाल डोरा क्षेत्र में स्थित हैं, जिसके कारण कार्रवाई करना जटिल हो जाता है.
फायर एनओसी भी नहीं थी
भवन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि विशेष प्रावधान कानून के तहत केवल आवासीय भवनों को ही संरक्षण मिलता है. जांच में यह भी सामने आया कि संबंधित इमारत का कमर्शियल उपयोग किया जा रहा था, इसकी ऊंचाई निर्धारित सीमा से अधिक थी और इसके पास अग्निशमन विभाग की फायर एनओसी भी नहीं थी.
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करीब 20 साल का पत्रकारिता का अनुभव है. नेटवर्क 18 से जुड़ने से पहले कई अखबारों के नेशनल ब्यूरो में काम कर चुके हैं. रेलवे, एविएशन, रोड ट्रांसपोर्ट और एग्रीकल्चर जैसी महत्वपूर्ण बीट्स पर रिपोर्टिंग की. कैंब्रिज…और पढ़ें
