जंतर मंतर CJP प्रोटेस्ट में खाना बांटने वाले जुनैद कहां गए? आखिर घर का गेट खोलने में क्यों लग रहा डर, जानें सब

Last Updated:

Junaid CJP Protest News : जंतर-मतर पर छात्रों के आंदोलन में भोजन और पानी उपलब्ध कराने वाले गाजियाबाद के मोहम्मद जुनैद मालिक बीते कई दिनों से चर्चा में बने हुए हैं. सोशल मीडिया में जुनैद को लेकर लगातार कई तरह की अफवाहें और वीडियो सामने आ रहे हैं. सच जानने के लिए जब न्यूज 18 की टीम उनके घर पहुंची तो किसी ने गेट ही नहीं खोला. यहां तक कि जुनैद तो घर पर मौजूद तक नहीं था.

सीजेपी प्रोटेस्ट में खाना बांटने वाले जुनैद.

गाजियाबाद : दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान सेवादार बनकर भोजन और पानी बांटने वाले गाजियाबाद के मोहम्मद जुनैद इन दिनों काफी चर्चा में है. प्रदर्शन तो खत्म हो गया, पर उनकी मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं. हर दिन दो से तीन टाइम 7 से 8 हजार लोगों को वह खाना खिला रहे थे. इसमें करीब 8 लाख का खर्चा हो रहा था. ऐसे में सवाल खड़े हो गए हैं कि आखिर जुनैद पर इतना पैसा कैसे और कहां से आया. सारा सच जानने के लिए न्यूज 18 की टीम उनके घर पहुंची, लेकिन किसी ने घर का गेट तक नहीं खोला.

गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र के नाहल गांव निवासी जुनैद के परिवार का आरोप है कि उनके बेटे की सेवा भावना की वजह से अब पूरा परिवार पुलिस पूछताछ का सामना कर रहा है. 23 जुलाई को गाजियाबाद मसूरी पुलिस ने पूछताछ की. उसके बाद 24 जुलाई को भी बुलाया गया. लगातार पूछताछ से घर का माहौल तनावपूर्ण हो गया है.

दिल्ली के जंतर-मंतर पर सीजेपी और छात्रों के प्रदर्शन के दौरान लगातार सेवादार के रूप में भोजन और पानी उपलब्ध कराने वाले मोहम्मद जुनैद मलिक जो दिल्ली में मोबाइल दुकान चलाते हैं, उनके पिता मुस्तफा का कहना है कि उनका बेटा कोई गैरकानूनी काम नहीं कर रहा, बल्कि जरूरतमंदों की सेवा कर रहा है. इसके बावजूद पुलिस लगातार परिवार और रिश्तेदारों से पूछताछ कर रही है.

उनसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक समेत कई दस्तावेजों के बारे में जानकारी ली गई. परिवार का दावा है कि 24 जुलाई की सुबह पुलिस मेरठ स्थित जुनैद की बड़ी बहन के ससुराल भी पहुंची और वहां भी पूछताछ की. उनका परिवार खेती किसानी से जुड़ा हुआ है.

जब न्यूज 18 की टीम मसूरी के नाहल गांव मोहम्मद जुनैद के घर पहुंची तो काफी देर तक घर के बाहर खड़ी रही. गेट भी बजाया, लेकिन परिवार के सदस्य निकल कर नहीं आए. हालांकि, जुनैद की एक वीडियो भी सामने आई, जिसमें उन्होंने साफ कहा कि मैंने सिर्फ सेवादार बनके सेवा की. मेरे पास कोई फंडिंग नहीं आई. मैंने बस भोजन बांटा है.

फिलहाल परिवार ने जो पुलिस पर आरोप लगाए हैं, उस पर कोई बात करने के लिए बाहर निकल कर नहीं आया. जुनैद भी अपने घर पर मौजूद नहीं है. बताया जा रहा है वह अब इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे हैं. गाजियाबाद पुलिस ने जो उनके परिवार को पूछताछ के लिए बुलाया था. वही जुनैद के परिवार की गांव में एक डेयरी भी है. फिलहाल परिवार कुछ भी बताने के लिए घर के अंदर से नहीं आया है. उनके पड़ोसी का कहना है कि जुनैद का व्यवहार ठीक है. खेती में ही परिवार के साथ लगा है.

वहीं दूसरे पड़ोसी ने बताया कि परिवार थोड़ा डरा हुआ है इसलिए बाहर नहीं आया है. फिलहाल उसने सेवा की है. जुनैद के घर की स्थिति ऐसी नहीं है कि वो इतने लोगों को खाना खिला दे, जो खाना पहुंचा था उसने बस वहां पर बांटा है वो गुनाह नहीं है.

About the Author

काव्‍या मिश्रा

Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…

और पढ़ें

Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *