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Kal Ka Mausam 30 July Weather: मौसम विभाग ने दिल्ली-एनसीआर में भारी बारिश और तूफान का येलो अलर्ट जारी किया है. 29 और 30 जुलाई को राजधानी में हालात बहुत ज्यादा खराब हो सकते हैं. लगातार हो रही बारिश के कारण जलभराव और ट्रैफिक जाम ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. सड़कों पर पानी भरने से गाड़ियां रेंग रही हैं. वहीं दूसरी तरफ ओडिशा और छत्तीसगढ़ के ऊपर एक खतरनाक डीप डिप्रेशन सिस्टम बना हुआ है. यह मौसमी सिस्टम अब काफी तेजी से मध्य प्रदेश की तरफ बढ़ रहा है. पहाड़ों पर भी कुदरत का भारी कहर जारी है. जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में मूसलाधार बारिश हो रही है. इन हालात को देखते हुए डोडा और किश्तवाड़ में स्कूलों को पूरी तरह बंद कर दिया गया है. इसके अलावा जम्मू में फ्लैश फ्लड और भूस्खलन की गंभीर चेतावनी दी गई है. दक्षिण भारत में भी मौसम के दोहरे तेवर देखने को मिल रहे हैं. तमिलनाडु के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश हो रही है. जबकि मैदानी इलाकों में भयंकर गर्मी अपना असर दिखा रही है. (Photos : PTI)
Delhi Kal Ka Mausam 30 July: आईएमडी ने दिल्ली और पूरे एनसीआर के लिए येलो अलर्ट जारी कर दिया है. 29 और 30 जुलाई को भारी बारिश और तेज तूफान आने की आशंका है. मंगलवार को हुई बारिश से पहले ही दिल्ली का सिस्टम चरमरा गया है. जगह-जगह जलभराव से ट्रैफिक पूरी तरह रुक गया है. लोगों को ऑफिस और स्कूल जाने में भारी दिक्कत हो रही है.
Kal Ka Mausam 30 July: मौसम विभाग के अनुसार 30 जुलाई को आंधी-तूफान के साथ बिजली चमकने की ज्यादा संभावना है. इन दो दिनों में अधिकतम तापमान 32 डिग्री के आसपास रहेगा. उमस का स्तर 100 प्रतिशत तक जा सकता है. इससे चिपचिपी गर्मी भी लोगों को परेशान करेगी. मौसम की अस्थिरता को देखते हुए नागरिकों को बिना वजह यात्रा न करने की सलाह दी गई है. 31 जुलाई से मौसम थोड़ा सामान्य हो सकता है.
Kal Ka Mausam 30 July: उत्तर-आंतरिक ओडिशा और दक्षिण झारखंड के ऊपर बना डीप डिप्रेशन अब पश्चिम की ओर बढ़ रहा है. इसकी रफ्तार 15 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई है. यह सिस्टम फिलहाल छत्तीसगढ़ के मध्य हिस्सों में एक्टिव है. यह रायगढ़, चांपा, संबलपुर और बिलासपुर के बेहद करीब से गुजर रहा है. रायपुर से यह सिस्टम 180 किलोमीटर की दूरी पर है. मौसम विभाग का कहना है कि यह डीप डिप्रेशन अगले 24 घंटों में मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में प्रवेश कर जाएगा. इसके प्रभाव से इन राज्यों में मूसलाधार बारिश होने की पूरी संभावना है. प्रशासन ने इन इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है. लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने के लिए कहा गया है.
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Kal Ka Mausam 30 July: पहाड़ी राज्य जम्मू-कश्मीर में मौसम बेहद खतरनाक हो चुका है. डोडा और किश्तवाड़ जिलों में खराब मौसम के चलते सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल बंद कर दिए गए हैं. हालांकि छात्रों की पढ़ाई के लिए ऑनलाइन क्लास जारी रखने को कहा गया है. किश्तवाड़ में भारी बारिश और सड़क पर पत्थर गिरने का डर बना हुआ है. चिनाब घाटी के कई इलाकों में सुबह से ही लगातार बारिश हो रही है. इसके साथ ही जम्मू संभाग के लिए अगले तीन दिनों तक बड़ा अलर्ट जारी हुआ है. मौसम विभाग ने बादल फटने, फ्लैश फ्लड और भूस्खलन की गंभीर चेतावनी दी है. लोगों से नदी-नालों और तेज बहाव वाले इलाकों से दूर रहने की अपील की गई है. जम्मू-श्रीनगर हाईवे फिलहाल खुला है लेकिन सफर में खतरा बना हुआ है.
Kal Ka Mausam 30 July: दक्षिण भारत में मौसम का बिल्कुल अलग मिजाज देखने को मिल रहा है. तमिलनाडु के पश्चिमी घाट वाले जिलों में अगले सात दिन मध्यम बारिश का पूर्वानुमान है. नीलगिरि, कोयंबटूर और थेनी जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है. यह बारिश पहाड़ी इलाकों के लिए तो अच्छी है. लेकिन मैदानी और तटीय इलाकों में भयंकर गर्मी पड़ने वाली है. चेन्नई और आसपास के हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य से 4 डिग्री तक ऊपर जा सकता है. पारा 39 डिग्री सेल्सियस को पार कर सकता है. मौसम विभाग ने बताया है कि निचले स्तर पर एक ट्रफ लाइन बनी है. इसकी वजह से मौसम का ऐसा हाल है. लोगों को हीट स्ट्रेस से बचने और ज्यादा पानी पीने की सलाह दी गई है.
Kal Ka Mausam 30 July: लगातार बदलते इस मौसम में खुद को सुरक्षित रखना सबसे जरूरी है. अगर आप दिल्ली-एनसीआर में हैं तो बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें. जलभराव वाले रास्तों और अंडरपास से पूरी तरह बचें. अगर आप पहाड़ी इलाकों जैसे जम्मू-कश्मीर या पश्चिमी घाट में रहते हैं तो ज्यादा सतर्क रहें. नदियों और पानी के तेज बहाव वाले इलाकों में बिल्कुल न जाएं. किसी भी यात्रा पर निकलने से पहले मौसम का ताजा अपडेट जरूर चेक करें.
Kal Ka Mausam 30 July: तमिलनाडु के मैदानी इलाकों में रहने वाले लोग खुद को हाइड्रेटेड रखें. गर्मी से बचने के लिए बाहर जाते समय छाते का इस्तेमाल करें. किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी हेल्पलाइन नंबरों का ही उपयोग करें. मौसम विभाग की चेतावनी को हल्के में बिल्कुल न लें.
