Last Updated:
Jewar Airport News: दिल्ली-एनसीआर के लोगों के लिए बहुत अच्छी खबर है. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट 15 जून यानी परसों से शुरू होने वाला है. अब आप भी यहां से उड़ान भर सकते हैं. आइए जानते हैं यहां आपके लिए क्या कुछ खास है.
जेवर एयरपोर्ट.
ग्रेटर नोएडा: दिल्ली-एनसीआर के लाखों यात्रियों का लंबा इंतजार अब खत्म होने वाला है. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से 15 जून 2026 को कमर्शियल उड़ानें शुरू होंगी और पहली फ्लाइट इंडिगो ऑपरेट करेगी. जेवर, गौतमबुद्ध नगर में बना यह एयरपोर्ट अब दिल्ली-एनसीआर का दूसरा इंटरनेशनल गेटवे बन जाएगा. आइए जानते हैं यात्रियों के लिए क्या कुछ खास होगा.
15 जून को क्या-क्या होगा?
पहली इनॉगरल फ्लाइट लखनऊ से नोएडा के लिए होगी, जो लखनऊ से सुबह 7 बजकर 5 मिनट पर उड़ेगी और 8 बजकर 5 मिनट पर नोएडा पहुंचेगी. 16 जून से बेंगलुरु और जुलाई 2026 से नवी मुंबई, भोपाल, देहरादून, जोधपुर और बरेली के लिए भी उड़ानें शुरू होंगी. इंडिगो के बाद अकासा एयर और एयर इंडिया एक्सप्रेस भी जल्द सेवा शुरू करेंगी. अंतराष्ट्रीय उड़ान साल के अंत में शुरू करने की तैयारी चल रही है.
यात्री के नजरिए से क्या है खास?
यात्री सेल्फ चेक-इन कियोस्क, DigiYatra के तहत बायोमेट्रिक बोर्डिंग, ऑटोमेटेड बैगेज ड्रॉप काउंटर और पेपरलेस ट्रैवल सिस्टम का इस्तेमाल कर सकेंगे. इससे कतार और इंतजार दोनों कम होंगे. टर्मिनल में स्पेशियस वेटिंग लाउंज, बिजनेस और फर्स्ट क्लास के लिए प्रीमियम लाउंज, ड्यूटी फ्री शॉपिंग जोन, रेस्टोरेंट और फूड कोर्ट भी होंगे. इसके अलावा, 3,900 मीटर के रनवे पर एडवांस्ड नेविगेशन सिस्टम और आधुनिक एयरफील्ड लाइटिंग लगी है. ये उत्तर भारत की घनी सर्दियों की धुंध में भी उड़ान संचालन सुनिश्चित करेगी.
नोएडा-ग्रेटर नोएडा के यात्रियों को सबसे बड़ा फायदा
यह एयरपोर्ट IGI से करीब 72 किलोमीटर, नोएडा से 40 किलोमीटर और ग्रेटर नोएडा से सिर्फ 28 किलोमीटर दूर है. यानी जिन यात्रियों को पहले दिल्ली एयरपोर्ट जाने में घंटों लगते थे, वे अब बहुत कम समय में फ्लाइट पकड़ सकेंगे. यमुना एक्सप्रेसवे, वेस्टर्न और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से भी एयरपोर्ट जुड़ा होगा. दिल्ली और नोएडा से मेट्रो कनेक्टिविटी भी आएगी.
CEO नीतू सामरा की अगुआई में तैयारी
एयरपोर्ट की अंतरिम CEO नीतू सामरा अक्टूबर 2021 से CFO के पद पर थीं और अब इस पूरे ऑपरेशनल लॉन्च की अगुआई वही कर रही हैं. उन्होंने साफ किया है कि लक्ष्य सिर्फ उड़ान शुरू करना नहीं बल्कि यात्रियों को एक बेहतर और तेज अनुभव देना है.
क्षमता और भविष्य
फेज-1 में एयरपोर्ट सालाना 1.2 करोड़ यात्रियों को हैंडल करेगा और पूरी तरह विकसित होने पर यह क्षमता 7 करोड़ तक पहुंचेगी. करीब 11,200 करोड़ रुपये की लागत से बना यह एयरपोर्ट net-zero emissions facility के रूप में संचालित होने का लक्ष्य रखता है. 15 जून वह तारीख है जब जेवर की जमीन सच में आसमान से जुड़ जाएगी और पश्चिमी यूपी से लेकर एनसीआर तक के करोड़ों यात्रियों को एक नया सुविधाजनक रास्ता मिल जाएगा.
About the Author
Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें
