Last Updated:
Noida International Airport: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के वाइस चेयरमैन क्रिस्टोफ श्नेलमैन ने बताया कि फिलहाल सीमित उड़ानों के जरिए सिस्टम को स्थिर किया गया और अब बड़े स्तर पर विस्तार के लिए एयरपोर्ट पूरी तरह तैयार है. आने वाले समय में तीन गुना फ्लाइट्स बढ़ेंगी. साथ ही यात्रियों को जो परेशानी हो रही हैं, उन्हें दूर करने की कोशिश की जाएगी.
नोएडा एयरपोर्ट को लेकर खुशखबरी.
Jewar Airport / Noida International Airport: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अब यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है. 1 जुलाई से एयरपोर्ट अपने नेटवर्क और उड़ानों का बड़े स्तर पर विस्तार करने जा रहा है. अभी जहां एयरपोर्ट से केवल 12 उड़ानें रोजाना संचालित हो रही हैं. वहीं अगले महीने से यह संख्या बढ़कर 40 से 45 दैनिक उड़ानों तक पहुंच जाएगी. इसके साथ ही एयरपोर्ट का नेटवर्क 5 शहरों से बढ़कर 16-17 शहरों तक फैल जाएगा.
अब इन शहरों के लिए मिलेगी सीधी उड़ान
फिलहाल नोएडा एयरपोर्ट से नवी मुंबई, जम्मू, अमृतसर, हैदराबाद और बेंगलुरु के लिए उड़ानें संचालित हो रही हैं. 1 जुलाई से इसमें मुंबई, श्रीनगर, बरेली, भोपाल, देहरादून, धर्मशाला, चंडीगढ़, जयपुर, जोधपुर, किशनगढ़, लखनऊ और पंतनगर जैसे शहर भी जुड़ जाएंगे.
पहले 10 दिन रहे सफल, अब विस्तार की तैयारी
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के वाइस चेयरमैन क्रिस्टोफ श्नेलमैन ने बताया कि शुरुआती 10 दिनों में एयरपोर्ट संचालन सफल रहा. सीमित उड़ानों के जरिए सिस्टम को स्थिर किया गया और अब बड़े स्तर पर विस्तार के लिए एयरपोर्ट पूरी तरह तैयार है. उन्होंने कहा कि 1 जुलाई से एयरपोर्ट 16-17 गंतव्यों से जुड़ जाएगा और रोजाना 40-45 उड़ानों का संचालन होगा.
कनेक्टिविटी बनी सबसे बड़ी चुनौती
हालांकि, यात्रियों ने एयरपोर्ट तक पहुंचने में दिक्कत और महंगे कैब किराए की शिकायत की है. एयरपोर्ट प्रबंधन का कहना है कि यह सरकारी एजेंसियों के दायरे का विषय है. फिलहाल यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) की ओर से नोएडा तक एसी ई-बस सेवा चलाई जा रही है, जिसका किराया 50 रुपये रखा गया है. वहीं ऐप आधारित टैक्सी का किराया नोएडा के बॉटनिकल गार्डन तक करीब 600 रुपये से शुरू हो रहा है.
टर्मिनल पर काम अभी भी जारी
एयरपोर्ट प्रबंधन का कहना है कि टर्मिनल का विकास लगातार होता रहेगा. आने वाले कई हफ्तों और महीनों तक कुछ कार्य जारी रहेंगे. शुरुआती दिनों में ई-गेट, डिजीयात्रा और एयर कंडीशनिंग सिस्टम जैसी तकनीकी समस्याएं सामने आई थीं, जिन्हें धीरे-धीरे दूर किया जा रहा है. नोएडा एयरपोर्ट का लक्ष्य इस साल के अंत तक कस्टम और इमिग्रेशन सुविधाएं तैयार कर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की शुरुआत करना है. फिलहाल एयरपोर्ट पर 7 फूड एंड बेवरेज आउटलेट और कई रिटेल स्टोर यात्रियों के लिए शुरू हो चुके हैं.
भविष्य में होगा बड़ा विस्तार
वर्तमान टर्मिनल की क्षमता 1.2 करोड़ यात्रियों प्रतिवर्ष की है. जब यह क्षमता 80 प्रतिशत यानी करीब 96 लाख यात्रियों तक पहुंच जाएगी, तब एयरपोर्ट का विस्तार कर इसे 3 करोड़ यात्रियों की वार्षिक क्षमता वाला बनाया जाएगा. हालांकि वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए प्रबंधन ने इसके लिए कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई है.
About the Author
Kavya Mishra is working with News18 Hindi as a Senior Sub Editor in the regional section (Uttar Pradesh, Uttarakhand, Haryana and Himachal Pradesh). Active in Journalism for more than 7 years. She started her j…और पढ़ें
