दिल्ली में यहां मिल रहे ₹2,500 से ₹2.25 लाख तक के दुपट्टे, 720 ग्राम चांदी से तैयार हुआ सबसे महंगा पीस

दिल्ली. दिल्ली में चल रहे भारतीय व्यापार महोत्सव में देशभर के कई ब्रांड अपने खास प्रोडक्ट लेकर पहुंचे हैं. इसी महोत्सव में चांदनी चौक के एक ऐसे ब्रांड का कलेक्शन भी देखने को मिल रहा है, जिसने अपने दुपट्टों से लोगों का ध्यान खींचा है. यहां दुपट्टों की कीमत 2,500 रुपये से शुरू होकर 2.25 लाख रुपये तक जाती है. लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा उस दुपट्टे की है, जिसमें 720 ग्राम चांदी का इस्तेमाल किया गया है.

चांदनी चौक की पराठे वाली गली में मौजूद विजय कुमार विमल कुमार ब्रांड के मोनू भाई बताते हैं कि उनके यहां खास तरह के प्रीमियम दुपट्टे तैयार किए जाते हैं. इनमें से एक दुपट्टे में चांदी के 36 सिक्के लगाए गए हैं. हर सिक्के का वजन करीब 20 ग्राम है. यानी पूरे दुपट्टे में करीब 720 ग्राम चांदी लगी है.

720 ग्राम चांदी और करीब डेढ़ किलो का दुपट्टा
इस खास दुपट्टे का कुल वजन करीब डेढ़ किलो है. चांदी के सिक्कों को खास तरीके से तैयार करके दुपट्टे पर लगाया गया है. मोनू भाई के मुताबिक, सिक्कों को लैमिनेट भी किया गया है, ताकि समय के साथ उन पर कालापन न आए. इसके अलावा हर सिक्के को दुपट्टे पर सिलकर लगाया गया है.

इस दुपट्टे को तैयार करना भी आसान नहीं है. इसे बनाने में करीब 45 से 60 दिन का समय लगता है और करीब 6 कारीगर मिलकर इसे तैयार करते हैं. दुपट्टे में चिनॉन कपड़े का इस्तेमाल किया गया है और इस पर हाथ से काम किया जाता है.

कम सिक्कों वाला दुपट्टा भी मौजूद
अगर 36 सिक्कों वाला दुपट्टा आपके बजट से बाहर है, तो ब्रांड के पास कम सिक्कों वाला कलेक्शन भी है. करीब 13 चांदी के सिक्कों से तैयार एक दुपट्टे की कीमत लगभग 1.38 लाख रुपये है. यानी सिक्कों की संख्या के हिसाब से इसकी कीमत में भी फर्क आता है.

सिर्फ चांदी वाले दुपट्टे ही नहीं, इस ब्रांड के पास धार्मिक और शादी-ब्याह से जुड़े कई खास डिजाइन भी हैं. भगवान गणेश, विनायक और श्रीनाथ जी की आकृतियों वाले करीब ढाई मीटर लंबे दुपट्टे भी यहां देखने को मिल रहे हैं. श्रीनाथ जी वाले एक खास दुपट्टे की कीमत करीब 68 हजार रुपये है और इसे तैयार करने में 28 से 30 दिन का समय लगता है.

शादी के लिए भी यहां खास दुपट्टे मौजूद हैं. कुछ दुपट्टों पर वरमाला और दूल्हा-दुल्हन की थीम दिखाई देती है. इन्हें साड़ी के साथ भी पहना जा सकता है और लहंगे के साथ भी. यानी एक ही दुपट्टा कई तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है.

तीसरी पीढ़ी संभाल रही कारोबार
मोनू भाई बताते हैं कि यह कारोबार उनके परिवार में कई सालों से चल रहा है. उनके दादा और पिता के बाद अब तीसरी पीढ़ी इस काम को आगे बढ़ा रही है. इनका स्टोर दिल्ली के चांदनी चौक की पराठे वाली गली में है. खास बात यह है कि ग्राहक अगर दुकान तक नहीं पहुंच पाते, तो ऑनलाइन वीडियो कॉल के जरिए भी कलेक्शन देख सकते हैं. ब्रांड के मुताबिक, जरूरत के हिसाब से ग्राहक के लिए खास दुपट्टा भी तैयार करवाया जा सकता है.

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