जिंदा जलने से बचना है? तो इस सर्टिफिकेट के बिना न लें फ्लैट का पजेशन

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Noida Latest News: नोएडा की अरण्या सोसाइटी में सामने आए एक मामले ने फ्लैट खरीदने वालों की चिंता बढ़ा दी है. आरोप है कि बिल्डर ने ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) लिए बिना ही करीब 1000 खरीदारों को फ्लैट का पजेशन दे दिया. इसी सोसाइटी में हाल ही में 21वीं मंजिल पर एक फ्लैट में एसी में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की घटना भी हुई थी. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर OC सर्टिफिकेट क्या होता है, यह क्यों जरूरी है और फ्लैट का पजेशन लेने से पहले इसे देखना क्यों बेहद अहम माना जाता है.

अरण्या सोसाइटी में बिल्डर ने बिना OC सर्टिफिकेट के दिया करीब 1000 खरीदारों को फ्लैट का पजेशन.

नोएडा: उत्तर प्रदेश के नोएडा से एक बड़ी खबर सामने आ रही है. जहां अरण्या सोसाइटी के बिल्‍डर ने बिना ऑक्‍यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) प्राप्‍त किए 1000 बायर्स को पजेशन दे दिया है. हैरान कर देने वाली बात यह है कि अथॉरिटी के नाक के नीचे यह सब हो गया लेकिन उन्हें भनक तक नहीं हुई. यह वहीं सोसाइटी है जहां बीते कुछ दिन पहले 21वीं मंजिल पर बने फ्लैट नंबर 2105 में AC में हुए शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लग गई थी.

तो ध्यान रखे बिना ऑक्‍यूपेंसी सर्टिफिकेट के फ्लैट का पजेशन न लें. अगर बिल्डर ने अथॉरिटी से पार्सियल OC सर्टिफिकेट लिया होता तो नोएडा सेक्टर-119 की अरण्या सोसाइटी में रहने वाले सुरेश कुमार महाजन का करोड़ों का फ्लैट न जलता. ऐसे में बिल्डर और अथॉरिटी की लापरवाही की वजह से बिना OC के 1000 लोग अपनी जान को खतरा में डालकर यहां रह रहे हैं.

कैसा है सोसाइटी का हाल
इस सोसाइटी में बैसिक सुविधाओं तक का बुरा हाल है. दूसरी तरफ यह प्रोजेक्ट भी फंस चुका है. वहीं ईडी जांच कर रही है. फिलहाल अरण्या प्रोजेक्ट से जुड़े हुए बिल्डर जेल में है. अब उन फ्लैट मालिकों की मुश्किलें बढ़ गई है, जो सालों से वैध दस्तावेज मिलने का इंतजार कर रहे थे अब उनकी सुरक्षा से जुड़ी हुई चिंता और बढ़ गई है.

OC सर्टिफिकेट क्‍या होता है, क्‍यों मकान खरीदारों के लिए यह जरूरी
जब कोई बिल्डिंग बनकर पूरी हो जाती है, तो उसे लोगों को देने से पहले संबंधित विकास प्राधिकरण, नगर निगम या दूसरी सरकारी एजेंसी से ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) लेना जरूरी होता है. यह एक सरकारी प्रमाणपत्र है, जो बताता है कि बिल्डिंग तय नियमों के मुताबिक बनाई गई है और उसमें सभी जरूरी सुरक्षा मानकों का पालन किया गया है. सरकार की मंजूरी मिलने के बाद ही बिल्डर को फ्लैट या मकान का पजेशन खरीदारों को देना चाहिए. लेकिन कई बार कुछ बिल्डर बिना OC सर्टिफिकेट लिए ही फ्लैट का पजेशन दे देते हैं. बाद में अगर कोई कानूनी या सुरक्षा संबंधी समस्या सामने आती है, तो सबसे ज्यादा परेशानी फ्लैट खरीदने वाले लोगों को उठानी पड़ती है.

  • ओसी डॉक्‍यूमेंट यह सुनिश्चित करता है कि बिल्डिंग को सरकारी एजेंसी की ओर से स्‍वीकृत कराए गए प्‍लान के हिसाब से बनाया गया है.
  • इसके निर्माण में नेशनल बिल्डिंग कोड, सुरक्षा मानक जैसे फायर सेफ्टी और निर्माण से जुड़ी सुरक्षा का भी ख्‍याल रखा गया है.
  • बिल्डिंग के निर्माण में पर्यावरण के नियमों, ड्रेनेज और सीवरेज सिस्‍टम सहित अन्‍य सभी मंजूरियां भी ली गई हैं.
  • आखिर में यह सर्टिफिकेट सुनिश्चित करता है कि संबंधित मकान या बिल्डिंग पूरी तरह सुरक्षित है और यह लोगों के रहने लायक बन गई है.

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Abhijeet ChauhanSub-Editor

अभिजीत चौहान, News18 Hindi के डिजिटल विंग में सब-एडिटर हैं. वर्तमान में अभिजीत उत्तर प्रदेश की राजनीति, सामाजिक मुद्दों, क्राइम, ब्रेकिंग न्यूज और वायरल ख़बरें कवरेज कर रहे हैं. AAFT कॉलेज से पत्रकारिता की मास्…और पढ़ें

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