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दिल्ली के जनकपुरी दिल्ली हाट में 3 जुलाई से मैंगो फेस्टिवल शुरू हो रहा है. इस साल प्रदर्शनी में ‘पूसा अरुणिमा’ आम सबसे खास आकर्षण होगा. यह एक बेहद आकर्षक, रंगीन और स्वादिष्ट वैरायटी है. पकने के बाद यह आम दो हफ्ते तक खराब नहीं होता है. देर से आने के कारण बाजार में इसकी भारी डिमांड रहती है.
नई दिल्लीः राजधानी दिल्ली में मैंगो फेस्टिवल का आगाज होने जा रहा है. इसका आयोजन 3 जुलाई से 5 जुलाई तक जनकपुरी स्थित दिल्ली हाट में किया जाएगा. इस फेस्टिवल में देशभर से आमों की बेहतरीन वैरायटी की प्रदर्शनी लगाई जाएगी. हालांकि, इस साल सभी आमों पर ‘पूसा अरुणिमा’ भारी पड़ने वाला है। पूसा अरुणिमा आज देश ही नहीं, बल्कि विदेशों तक अपनी खास पहचान बना चुका है. भारत के उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, कर्नाटक, त्रिपुरा, असम, बंगाल और ओडिशा जैसे राज्यों से इस आम को लेकर बेहतरीन फीडबैक मिल रहे हैं.
आखिर पूसा अरुणिमा क्यों हर जगह डिमांड में है? यह जानने के लिए जब भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के फ्रूट एंड हॉर्टिकल्चर टेक्नोलॉजी डिवीजन के प्रिंसिपल साइंटिस्ट डॉ. जयप्रकाश से बात की गई, तो उन्होंने इसकी कई दिलचस्प खूबियां बताईं.
जुलाई के अंतिम सप्ताह तक पककर होगा तैयार
प्रिंसिपल साइंटिस्ट डॉ. जयप्रकाश ने बताया कि पूसा अरुणिमा आम जुलाई के आखिरी हफ्ते तक पककर पूरी तरह तैयार होता है। अभी इस आम में खूबसूरत रंग आना शुरू हो गया है. जुलाई के अंत में जब यह बाजार में आएगा, तब तक लंगड़ा, चौसा और दशहरी जैसे पारंपरिक आमों का सीजन खत्म हो चुका होगा. उस समय बाजार में यह आम लोगों की पहली पसंद बनेगा. देर से पकने के कारण इसका स्वाद बेहद मीठा और लाजवाब होता है.
दो हफ्ते तक नहीं होता खराब, एक्सपोर्ट के लिए है बेस्ट
पूसा अरुणिमा का छिलका थोड़ा मोटा होता है. इस वजह से यह आम काफी टिकाऊ होता है. पकने के बाद भी इसे कमरे के सामान्य और सही तापमान पर लगभग दो सप्ताह (14 दिन) तक आराम से सुरक्षित रखा जा सकता है. यह जल्दी खराब नहीं होता, इसीलिए विदेशों में एक्सपोर्ट करने के लिए यह सबसे बेहतरीन वैरायटी मानी जा रही है. आकार की बात करें तो इसके एक फल का वजन करीब 500 से 600 ग्राम तक होता है.
किसान होंगे मालामाल, एक आम की कीमत ₹90 तक
डॉ. जयप्रकाश के मुताबिक, सामान्य दिनों में यह आम बाजार में ₹70 से ₹80 प्रति किलो तक बिकता है. लेकिन जिन राज्यों में यह अगस्त और सितंबर के महीने में पककर तैयार होता है. वहां इसके सिर्फ एक आम की कीमत ही ₹70 से ₹90 तक मिल जाती है. ऐसे में यह आम किसानों को बंपर मुनाफा देने वाला है.
पौधा खरीदते समय बरतें सावधानी
अगर किसान भाई पूसा अरुणिमा का पौधा लगाना चाहते हैं, तो उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. डॉ. जयप्रकाश ने सलाह दी है कि इसका पौधा केवल भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (पूसा) या फिर उत्तराखंड, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के प्रमाणित सरकारी केंद्रों से ही खरीदें. संस्थान ने कुछ चुनिंदा प्राइवेट नर्सरियों को भी इसका लाइसेंस दिया है. बाजार में धोखाधड़ी से बचने के लिए हमेशा आधिकारिक सेंटर्स से ही पौधा लें, क्योंकि कुछ लोग पूसा अरुणिमा के नाम पर नकली पौधे भी बेच देते हैं.
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मीडिया में 6 साल का अनुभव है. करियर की शुरुआत ETV Bharat (बिहार) से बतौर कंटेंट एडिटर की थी, जहां 3 साल तक काम किया. पिछले 3 सालों से Network 18 के साथ हूं. यहां बिहार और झारखंड से जुड़ी खबरें पब्लिश करता हूं.
