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दिल्ली के रामकृष्ण आश्रम की लाइब्रेरी में बच्चों के लिए एक विशेष सेक्शन है. यहां रामायण, महाभारत और योग की किताबें बेहद सरल भाषा में उपलब्ध हैं. इन पुस्तकों में कार्टून और चित्रों के जरिए संदेश समझाए गए हैं. यहां अंग्रेजी वर्णमाला को भी भारतीय संस्कृति से जोड़ा गया है. यह सेक्शन बच्चों और अभिभावकों को बहुत पसंद आ रहा है.
देश की राजधानी दिल्ली में एक बहुत बड़ा आश्रम है. जिसका नाम ‘रामकृष्ण आश्रम’ है. यहां एक पुस्तकालय (लाइब्रेरी) संचालित होता है. जहां स्वामी विवेकानंद के साहित्य के साथ-साथ कई प्रेरणादायक किताबें उपलब्ध हैं. इस पुस्तकालय में बच्चों के लिए एक विशेष सेक्शन (अलग क्षेत्र) भी बनाया गया है. इस सेक्शन में रामायण और महाभारत से लेकर ऐसी तमाम किताबें मौजूद हैं, जो बच्चों को भारत की संस्कृति और उसके गौरवशाली इतिहास से परिचित कराती हैं.
इस पुस्तकालय में ‘विक्रम-बेताल’, ‘रामायण’ और ‘महाभारत’ जैसे ग्रंथों को क्लिष्ट संस्कृत के बजाय बेहद रोचक कहानियों के रूप में प्रस्तुत किया गया है. बच्चों के लिए किताबों को सरल भाषा में तैयार किया गया है, ताकि वे इन्हें आसानी से पढ़ और समझ सकें. बच्चों के लिए पूरी लाइब्रेरी का सबसे पसंदीदा सेक्शन यही है.
अगर आप बच्चों के साथ दिल्ली के रामकृष्ण आश्रम आ रहे हैं, तो उन्हें इस लाइब्रेरी में जरूर लेकर जाएं. यहां महाभारत और रामायण के अलावा भगवान श्रीकृष्ण के गीता के संदेशों को भी किताबों के माध्यम से पढ़ाया जाता है, जिन्हें बच्चे पढ़ना बहुत पसंद करते हैं. हर किताब में कार्टून और चित्रों के जरिए कहानियों का अर्थ समझाया गया है. जिससे ये किताबें और भी अधिक रोचक हो गई हैं.
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यही नहीं, यहाँ अंग्रेजी वर्णमाला (ABCD) को भी भारतीय ग्रंथों, इतिहास और सभ्यता के साथ जोड़कर बेहद रोचक तरीके से किताबों में पिरोया गया है. इन किताबों को इस तरह तैयार किया गया है कि यदि बच्चे इन्हें पढ़ेंगे, तो यकीनन कभी बोर नहीं होंगे. सबसे अच्छी बात यह है कि इन पुस्तकों की कीमत भी बहुत ज्यादा नहीं रखी गई है.
यहां ग्रंथों के अलावा योग (योगा) की किताबें भी उपलब्ध हैं, जिन्हें हिंदी में प्रस्तुत किया गया है. हर योग आसन के साथ उसका चित्र भी बनाया गया है, ताकि बच्चे देख सकें कि आसन कैसे करना है. बच्चों के लिए योग की इन किताबों को बेहद रोचक तरीके से खास तौर पर तैयार किया गया है, ताकि वे बचपन से ही जंक फूड की आदत छोड़कर योग पर ध्यान दें और अपनी फिटनेस के प्रति जागरूक रहें.
इसके अलावा यहाँ बच्चों को ऐसी किताबें भी उपलब्ध कराई जाती हैं, जो आपसी सहयोग (एक-दूसरे की मदद करने) की भावना के साथ-साथ समाज में महिलाओं के योगदान को रेखांकित करती हैं. भारत का इतिहास, यहां की सभ्यता और समृद्ध संस्कृति से जुड़ी पुस्तकें भी बेहद रोचक अंदाज़ में प्रस्तुत की गई हैं. यही वजह है कि माता-पिता यहां आते हैं और अपने बच्चों के लिए इन किताबों को बड़े चाव से खरीदते हैं.
