दिल्ली. आजकल सोशल मीडिया पर स्किनकेयर की बात हो और रेटिनॉल का नाम न आए, ऐसा शायद ही होता है. कोई इसे झुर्रियां कम करने के लिए इस्तेमाल कर रहा है, तो कोई मुंहासों और दाग-धब्बों से छुटकारा पाने के लिए. लेकिन क्या रेटिनॉल हर किसी की त्वचा के लिए सही है? एस्थेटिक फिजिशियन डॉ. शालिनी का कहना है कि रेटिनॉल एक असरदार इंग्रीडिएंट है, लेकिन इसे सही तरीके से इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है.
रेटिनॉल क्या है
रेटिनॉल एक स्किनकेयर इंग्रीडिएंट है, जो विटामिन A से मिलता है. यह पुरानी डेड स्किन सेल्स को हटाने और नई, हेल्दी स्किन की ग्रोथ को बढ़ावा देने में मदद करता है. इससे फाइन लाइन्स, झुर्रियां, मुंहासे, मुंहासों के निशान और अनइवन स्किन टोन में सुधार हो सकता है. हालांकि, इसका असर धीरे-धीरे होता है, इसलिए सब्र रखना जरूरी है.
रेटिनॉल हर किसी के लिए नहीं है
डॉ. शालिनी बताती हैं कि अगर आपकी स्किन बहुत सेंसिटिव है या आपको एक्जिमा, रोसैसिया या स्किन बैरियर डैमेज जैसी कंडीशन हैं, तो आपको डॉक्टर से सलाह लिए बिना रेटिनॉल का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. इसे गलत तरीके से इस्तेमाल करने से आपकी स्किन को फायदे के बजाय नुकसान हो सकता है.
शुरुआत में हो सकती हैं ये परेशानियां
रेटिनॉल लगाने के शुरुआती दिनों में कुछ लोगों को त्वचा में सूखापन, लाली, जलन या हल्की खुजली महसूस हो सकती है. इसे मेडिकल भाषा में रेटिनाइजेशन कहा जाता है. यह सामान्य हो सकता है, लेकिन अगर परेशानी ज्यादा बढ़ जाए, तो तुरंत इसका इस्तेमाल बंद कर त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए.
क्या है सही तरीका
अगर आप पहली बार रेटिनॉल इस्तेमाल कर रहे हैं, तो हमेशा कम कंसंट्रेशन वाले प्रोडक्ट से शुरुआत करें. शुरुआत में इसे हफ्ते में सिर्फ दो बार रात में लगाएं. अपना चेहरा साफ करने के बाद उसे पूरी तरह सूखने दें. पूरे चेहरे के लिए मटर के दाने जितनी मात्रा काफी है. इसके बाद अपनी स्किन को हाइड्रेट रखने के लिए एक अच्छा मॉइस्चराइजर लगाएं.
सनस्क्रीन लगाना बिल्कुल न भूलें
रेटिनॉल इस्तेमाल करने के बाद आपकी स्किन धूप के प्रति ज्यादा सेंसिटिव हो जाती है. इसलिए अगली सुबह SPF 30 या उससे ज्यादा वाला सनस्क्रीन लगाना जरूरी है. सनस्क्रीन न लगाने से पिगमेंटेशन और जलन का खतरा बढ़ सकता है. घर के अंदर भी सनस्क्रीन लगाने की सलाह दी जाती है.
इन चीजों के साथ न करें इस्तेमाल
कई लोग रेटिनॉल के साथ ग्लाइकोलिक एसिड, सैलिसिलिक एसिड और दूसरे स्ट्रॉन्ग एक्सफोलिएटिंग प्रोडक्ट्स भी इस्तेमाल करने लगते हैं. इससे त्वचा में जलन और रेडनेस बढ़ सकती है. हर त्वचा इस तरह के कॉम्बिनेशन को सहन नहीं कर पाती, इसलिए बिना डॉक्टर की सलाह ऐसा करने से बचें.
यह भी ध्यान रहे कि रेटिनॉल कोई जादू नहीं है. अगर आपकी डाइट ठीक नहीं है, आप पानी कम पी रहे हैं, बीमारियां हैं और स्ट्रेस बहुत लेते हैं तो कोई भी ट्रीटमेंट आपकी मदद नहीं कर पाएगा. बाहरी क्रीम, सिरम तभी असर दिखाते हैं जब आप अंदर से भी हेल्दी हों. इसलिए बिना लापरवाही के सही से खाना खाएं, एक्सरसाइज करें, जंक फूड, स्ट्रेस से बचें और मौसमी फल-सब्जियां, मेवे जरूर खाएं.
गर्भावस्था में रेटिनॉल से बचें, धैर्य से करें इस्तेमाल
एस्थेटिक फिजिशियन डॉ. शालिनी के अनुसार, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को रेटिनॉल का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. वहीं, ज्यादा मात्रा में रेटिनॉल लगाने से जल्दी फायदा नहीं मिलता. इसके अच्छे रिजल्ट आमतौर पर 8 से 12 हफ्तों में दिखाई देते हैं. इसलिए नियमित और सही तरीके से इसका इस्तेमाल करें और जरूरत पड़ने पर स्किन एक्सपर्ट की सलाह जरूर लें.
