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Pond Fisheries Special Assistance Scheme: मछली पालन को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में सरकार की पहल जमीन पर दिखाई देती नजर आ रही है. पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए तालाब मात्स्यिकी विशेष सहायता योजना चलाई गई है. यह योजना विशेष तौर पर अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के किसानों के लिए है.
जहानाबाद: बिहार में मछली पालन का दायरा बढ़ता ही जा रहा है. हर सीजन मत्स्य पालकों की संख्या में इजाफा हो रहा है. जहानाबाद जिले में भी मत्स्य पालकों की संख्या बढ़ रही है. जिले के एक-दो ऐसे गांव है, जहां लगभग लोग मत्स्य पालन में रुचि दिखा रहे हैं. भारथू, भगवानगंज, नंदना जैसे गांव में जहां आपकी नजर जाएगी, उस ओर मछली का तालाब नजर आएंगे. मत्स्य पालकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरकार भी कार्य कर रही है और कई सरकारी स्कीम चला रही है.
चयनित लाभुक को 70 प्रतिशत अनुदान
इसी कड़ी में मछली पालन को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में सरकार की पहल जमीन पर दिखाई देती नजर आ रही है. पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए तालाब मात्स्यिकी विशेष सहायता योजना चलाई गई है. यह योजना विशेष तौर पर अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के किसानों के लिए है. इस योजना के तहत चयनित लाभुक को 70 प्रतिशत अनुदान दिया जाता है. इस साल जिले में 6 लाभुकों को जोड़ा गया है. अनुसूचित जाति के 03 और अति पिछड़ा वर्ग के 03 लोग योजना का लाभ उठा सकते हैं.
इतनी मिलेगी सब्सिडी
जिला मत्स्य कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस योजना के तहत चयनित लाभुक को 40 डिसमिल जमीन पर तालाब खुदवाना है. इसके लिए कुल लागत 5.72 लाख रुपए निर्धारित किया गया है, जिसमें 70 प्रतिशत यानि 4.04 लाख रुपए तक का अनुदान दिया जाएगा. इस कुल राशि में बोरिंग पंप सेट, तालाब खुदवाना, एरिएटर मशीन, शेड का निर्माण और मछली पालन से जुड़े हुए इनपुट शामिल हैं.
ऐसे कर सकते हैं आवेदन
जानकारी के मुताबिक, तालाब मात्स्यिकी विशेष सहायता योजना का लाभ उठाने के लिए इच्छुक किसानों को पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग के अधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन करना होगा. आवेदन से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या आती है तो जिला मत्स्य कार्यालय जाकर कार्यालय समय अवधि में संपर्क कर सकते हैं. हालांकि, इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन करना जरूरी है.
सरकार कर रही है प्रोत्साहित
बता दें कि सरकार की ओर से मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही है, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिल सके. सरकार का मानना है कि किसान खेती के साथ इन रोजगार को अपनाकर अपनी कमाई में इजाफा कर सकते हैं. पिछले कुछ वर्षों में इसका उदाहरण भी देखने को मिला है. जिले में भी मछली पालन में बेतहाशा वृद्धि हुई है.
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