दिल्‍ली में नहीं बढ़ेगा बिजली बिल, कई के तो घट भी जाएंगे, रेखा सरकार का ऐलान

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दिल्‍ली में नहीं बढ़ेगा बिजली बिल, कई के तो घट भी जाएंगे, रेखा सरकार का ऐलान

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Delhi Electricity Bill: दिल्ली में इस बार बिजली बिल बढ़ने की आशंकाओं पर पूरी तरह विराम लग गया है. रेखा सरकार के ऐलान के बाद जुलाई 2026 के लिए जारी नए PPAC शुल्क में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है. बीएसईएस (BRPL और BYPL) के दाम जहां स्थिर रखे गए हैं, वहीं टाटा पावर (TPDDL) के उपभोक्ताओं का शुल्क 15.99% से घटाकर 12.21% कर दिया गया है, जिससे लाखों लोगों के बिल अब घटकर आएंगे.

लोगों को राहत मिलेगी.

बिजली का बिल, नाम सुनते ही आम आदमी के पसीने छूटने लगते हैं लेकिन इस बार दिल्लीवालों के लिए मानसून की बारिश के साथ राहत की बौछार आ गई है. दिल्ली की तपती और उमस भरी गर्मी के बीच रेखा सरकार ने एक ऐसा धमाकेदार ऐलान किया है, जिसने राजधानी के करोड़ों उपभोक्ताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया है. सरकार ने साफ और कड़े शब्दों में घोषणा कर दी है कि दिल्ली में इस बार बिजली का बिल नहीं बढ़ेगा. इतना ही नहीं, इस ऐलान में असली ट्विस्ट तो आगे है. जहां एक तरफ दाम बढ़ने की सारी आशंकाओं पर पूरी तरह विराम लग गया है, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली के एक बहुत बड़े हिस्से के बिजली बिल अब पहले से भी घटकर आएंगे. सरकार के इस फैसले ने उन सभी कयासों को हवा में उड़ा दिया है जिनमें बिजली महंगी होने का दावा किया जा रहा था. इस बड़ी राहत के बाद अब दिल्ली की जनता बिना किसी टेंशन के बेफिक्र होकर पंखे और एसी की हवा का आनंद ले सकेगी.

पिछले कुछ समय से दिल्ली में पावर परचेज एडजस्टमेंट कॉस्ट (PPAC) बढ़ने के कारण बिजली की दरें करीब 17% तक के ऊंचे स्तर पर पहुंच गई थीं. इसी वजह से जनता के बीच यह भारी आशंका जताई जा रही थी कि जुलाई 2026 में बिजली के दाम एक बार फिर बढ़ सकते हैं और प्रति यूनिट जेब अधिक ढीली करनी पड़ सकती है. हालांकि, रेखा सरकार के नए फैसलों और वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के ताजा आंकड़ों ने इन सभी आशंकाओं पर पूरी तरह से विराम लगा दिया है. दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग (DERC) ने जुलाई 2026 के लिए नया PPAC शुल्क जारी कर दिया है, जिसमें आम जनता पर कोई नया बोझ नहीं डाला गया है.

टाटा पावर के उपभोक्ताओं की लगी लॉटरी

इस नए आदेश में सबसे बड़ी राहत टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (TPDDL) के उपभोक्ताओं को मिली है.
सीधी कटौती: जून 2026 में TPDDL का PPAC शुल्क 15.99% था (जो 10 जून 2026 से प्रभावी हुआ था).
• जुलाई में बड़ी राहत: जुलाई महीने के लिए इसे भारी कटौती के साथ सीधे 12.21% कर दिया गया है.
कब से लागू: 10 जुलाई 2026 से टाटा पावर के उपभोक्ताओं को बिजली बिल में PPAC के मोर्चे पर यह बड़ी राहत मिलनी शुरू हो गई है, जिससे उनका बिल पहले से कम आएगा.

BRPL और BYPL के उपभोक्ताओं के लिए क्या बदला?

वहीं, दिल्ली के अन्य हिस्सों में बिजली सप्लाई करने वाली बाकी कंपनियों के उपभोक्ताओं के बिल में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है. उनका शुल्क पिछले महीने के स्तर पर ही यथावत रखा गया है:
BRPL (बीएसईएस राजधानी): इसका PPAC शुल्क 17.94% पर ही बरकरार रखा गया है. इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है.
BYPL (बीएसईएस यमुना): इसका PPAC शुल्क भी बिना किसी बदलाव के 17.43% पर जारी रहेगा.

आखिर क्या होता है PPAC शुल्क?
बिजली बिल में होने वाले इस बदलाव को समझने के लिए PPAC को जानना जरूरी है. पावर परचेज एडजस्टमेंट कॉस्ट (PPAC) वह अतिरिक्त सरचार्ज या शुल्क होता है जो बिजली वितरण कंपनियां जैसे टाटा या बीएसईएस बिजली खरीद की लागत, ईंधन, कोयला या गैस के दामों में बदलाव के आधार पर उपभोक्ताओं से वसूलती हैं. इसकी समय-समय पर समीक्षा की जाती है. इस बार आशंका थी कि यह ग्राफ और ऊपर जाएगा लेकिन सरकार और टाटा पावर के इस कदम से दिल्लीवालों को महंगाई का करंट लगने से बच गया है.

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Sandeep GuptaChief Sub Editor

पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्‍मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…और पढ़ें

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