दिल्ली के 29 लाख वोटरों पर संकट, एक ही झटके में कट सकते हैं नाम, 17 अगस्त से पहले करें ये काम

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दिल्ली: 29 लाख वोटरों पर संकट, एक ही झटके में कट सकते हैं नाम, कर लें ये काम

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Delhi SIR News: दिल्ली में वोटर लिस्ट का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान जारी है. चुनाव आयोग के सत्यापन में बड़ी संख्या में मतदाता अपने रजिस्टर्ड पते पर नहीं मिले हैं. ऐसे में करीब 29 लाख वोटरों के नाम 17 अगस्त को जारी होने वाली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटने की आशंका है. यदि आपने घर बदला है और वोटर आईडी में नया पता अपडेट नहीं कराया है, तो समय रहते फॉर्म-6 भरना जरूरी होगा. आयोग ने स्पष्ट किया है कि सत्यापन और आवश्यक दस्तावेज जमा करने के बाद ही नए पते पर नाम जोड़ा जाएगा.

दिल्ली में चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन अभियान के दौरान करीब 29 लाख वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से हटने की आशंका है. (फाइल फोटो PTI)

Delhi Voter List Update: दिल्ली में अगर आपने पिछले कुछ महीनों या सालभर के दौरान अपना घर बदला है और वोटर आईडी में नया पता अपडेट नहीं कराया है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. राजधानी में चुनाव आयोग का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान तेजी से चल रहा है. बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन कर रहे हैं. इसी दौरान एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई है. बड़ी संख्या में मतदाता अपने पंजीकृत पते पर नहीं मिले. अब अनुमान लगाया जा रहा है कि दिल्ली के करीब 29 लाख वोटरों के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हट सकते हैं. यानी अगर आपने समय रहते जरूरी प्रक्रिया पूरी नहीं की तो अगला चुनाव आने पर आपको पता चल सकता है कि आपका नाम वोटर लिस्ट में ही नहीं है. यही वजह है कि चुनाव आयोग ने लोगों से अपील की है कि वे अपने दस्तावेज और पते की जानकारी जल्द से जल्द अपडेट कर लें.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली जैसे महानगर में हर साल लाखों लोग नौकरी, पढ़ाई और दूसरे कारणों से मकान बदलते हैं. लेकिन नया पता वोटर आईडी में दर्ज कराने की प्रक्रिया अक्सर टाल दी जाती है. अब यही लापरवाही भारी पड़ सकती है. चुनाव आयोग के अधिकारियों के मुताबिक सत्यापन के दौरान पड़ोसियों और मकान मालिकों ने बड़ी संख्या में BLO को बताया कि संबंधित मतदाता काफी समय पहले यहां से जा चुके हैं. ऐसे मामलों में उन्हें ‘स्थायी रूप से स्थानांतरित’ (Permanently Shifted) माना जा रहा है. यदि उनका नया पता दर्ज नहीं हुआ तो उनके नाम 17 अगस्त को प्रकाशित होने वाली ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल नहीं किए जा सकते. हालांकि आयोग ने यह भी साफ किया है कि ऐसे मतदाता बाद में निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना नाम दोबारा जुड़वा सकते हैं.

डोर-टू-डोर सत्यापन में सामने आई बड़ी चुनौती

  • दिल्ली में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान चुनाव आयोग के अधिकारियों ने पाया कि बड़ी संख्या में मतदाता अपने पंजीकृत पते पर मौजूद नहीं हैं. मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, राजधानी के कुल 1.45 करोड़ पंजीकृत मतदाताओं में से लगभग 15 से 20 प्रतिशत मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटने की आशंका है.
  • दिल्ली में 30 जून से शुरू हुआ डोर-टू-डोर सत्यापन अभियान 8 अगस्त तक चलेगा. इस दौरान BLO पहले से छपे हुए एन्यूमरेशन फॉर्म लेकर प्रत्येक मतदाता के घर पहुंच रहे हैं. मतदाताओं को फॉर्म में दर्ज जानकारी की जांच करनी है, जरूरत होने पर संशोधन करना है, हस्ताक्षर कर वापस देना है. इसके बाद BLO सत्यापन कर जानकारी को डिजिटाइज करते हैं.
  • जिन मतदाताओं का सत्यापन सफलतापूर्वक हो जाएगा, उन्हें ड्राफ्ट और अंतिम वोटर लिस्ट में शामिल करने के लिए अतिरिक्त दस्तावेज देने की जरूरत नहीं होगी. लेकिन जो अपने पते पर नहीं मिले, उनके मामलों की अलग से समीक्षा की जाएगी.

17 अगस्त से मिलेगा दूसरा मौका

  • चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी मतदाता का नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हट जाता है तो वह 17 अगस्त से 16 सितंबर के बीच फॉर्म-6 भरकर नए पते पर अपना नाम दर्ज करा सकता है. इसके साथ निर्धारित घोषणा पत्र और आवश्यक दस्तावेज जमा करने होंगे.
  • यह आवेदन वोटर सर्विस पोर्टल, वोटर हेल्पलाइन ऐप, संबंधित BLO या निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) के माध्यम से ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से किया जा सकता है. सत्यापन पूरा होने के बाद मतदाता का नाम नए पते की वोटर लिस्ट में जोड़ दिया जाएगा और पुराने पते से हटा दिया जाएगा.

अब तक 66 लाख फॉर्म हुए डिजिटाइज

चुनाव आयोग के अनुसार, 25 जुलाई की रात 8 बजे तक दिल्ली के 66 लाख से अधिक मतदाता अपने एन्यूमरेशन फॉर्म जमा कर चुके हैं. यह राजधानी के कुल मतदाताओं का लगभग 45.5 प्रतिशत है. जिलों की बात करें तो आउटर नॉर्थ सबसे आगे है, जहां 57.55 प्रतिशत फॉर्म डिजिटाइज हो चुके हैं. इसके बाद दक्षिण-पश्चिम (53.55%), पश्चिम (50.11%) और उत्तर-पश्चिम (49.67%) का स्थान है. वहीं दक्षिण-पूर्व जिले में यह आंकड़ा सबसे कम 29.95 प्रतिशत दर्ज किया गया है.

अंतिम वोटर लिस्ट कब आएगी?

ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 17 अगस्त को प्रकाशित होगी. इसके बाद 16 सितंबर तक दावा और आपत्ति दर्ज कराने का समय मिलेगा. अंतिम वोटर लिस्ट 19 अक्टूबर को जारी की जाएगी. यदि इसके बाद भी किसी योग्य मतदाता का नाम सूची में नहीं आता है, तो वह संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी (DM) के समक्ष 15 दिनों के भीतर अपील कर सकता है. चुनाव आयोग ने यह भी कहा है कि जो मतदाता नए पते पर चले गए हैं या जो 1 अक्टूबर 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे हैं, वे भी फॉर्म-6 भरकर अपना नाम वोटर लिस्ट में शामिल करा सकते हैं.

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Sumit KumarSenior Sub Editor

सुमित कुमार News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 4 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. News18 हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह…

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