CJP प्रोटेस्ट के बीच दिल्ली पुलिस चीफ को NSA के तहत मिला गिरफ्तारी का पावर? जानिए हकीकत

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CJP प्रोटेस्ट के बीच दिल्ली पुलिस चीफ को NSA के तहत मिली स्पेशल पावर? जानें सच

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नीट पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के उग्र प्रदर्शन और कॉकरोच जनता पार्टी के ‘संसद चलो’ मार्च के बीच सोशल मीडिया पर फैली एक खबर ने दिल्ली से लेकर पूरे देश के राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी. दावा किया जाने लगा कि केंद्र सरकार ने छात्रों के विरोध प्रदर्शन को कुचलने के लिए दिल्ली पुलिस कमिश्नर को NSA के तहत प्रिवेंटिव डिटेंशन की विशेष शक्तियां दे दी हैं. लेकिन दिल्ली पुलिस को खुद सामने आकर इस भ्रामक खबर का सच उजागर करना पड़ा.

दिल्ली पुलिस ने एनएसए संबंधित खबरों को गलत बताया है. (पीटीआई)

Delhi Police Chief Power: नीट पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का विरोध-प्रदर्शन जारी है. ऐसे में गुरुवार को खबर सामने आई कि कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) प्रोटेस्ट को देखते हुए दिल्ली पुलिस कमिश्नर को नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (एनएसए) के तहत स्पेशल पावर दी गई है, लेकिन इसकी हकीकत कुछ और है. सबसे पहले आपको बताते हैं कि वो खबर क्या थी, जिससे हंगामा खड़ा हो गया. दरअसल, सोशल मीडिया पर यह न्यूज तेजी से फैली कि केंद्र सरकार ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को 19 जुलाई से 18 अक्टूबर तक, यानी तीन महीने की अवधि के लिए नेशनल सिक्योरिटी एक्ट (NSA) के तहत प्रिवेंटिव डिटेंशन (एहतियाती हिरासत) की शक्तियां इस्तेमाल करने की मंजूरी दी है.

खबर में यह भी बताया गया कि NSA की धारा 3(3) के तहत जारी यह आदेश दिल्ली पुलिस कमिश्नर को ऐसे लोगों के खिलाफ़ प्रिवेंटिव डिटेंशन के आदेश जारी करने का अधिकार देता है, जिनकी गतिविधियां राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था या ज़रूरी सामान और सेवाओं की आपूर्ति बनाए रखने के लिए नुकसानदेह मानी जाती हैं. हालांकि, तुरंत ही दिल्ली पुलिस ने इसका खंडन किया और कहा कि इस खबर में कोई भी सच्चाई नहीं है.

दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाई जा रही है कि दिल्ली के पुलिस कमिश्नर को NSA के तहत हिरासत में लेने की शक्तियां खास तौर पर चल रहे CJP विरोध-प्रदर्शनों को दबाने के लिए दी गई हैं. इस बारे में आधिकारिक तौर पर साफ किया गया है कि यह आदेश NSA के तहत शक्तियों को हर तीन महीने में बढ़ाए जाने की एक सामान्य प्रक्रिया है. मौजूदा आदेश 07.07.2026 को जारी किया गया था और यह 19.07.2026 से 18.10.2026 तक लागू रहेगा; यह आदेश CJP विरोध-प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही जारी हो चुका था. इसके अलावा, हाल की घटनाओं के संबंध में इस आदेश के लिए कोई खास अनुरोध नहीं किया गया था. यह आदेश शक्तियों को बढ़ाने की एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है और इसे संदर्भ से हटकर गलत तरीके से समझा गया है.”

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Rakesh Ranjan Kumar

राकेश रंजन कुमार को डिजिटल पत्रकारिता में 10 साल से अधिक का अनुभव है. न्यूज़18 के साथ जुड़ने से पहले उन्होंने लाइव हिन्दुस्तान, दैनिक जागरण, ज़ी न्यूज़, जनसत्ता और दैनिक भास्कर में काम किया है. वर्तमान में वह h…

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