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आदिल हुसैन अपनी संजीदा अदाकारी के लिए जाने जाने हैं. उनका मानना है कि जिंदगी में पछतावे की कोई जगह नहीं होनी चाहिए. एक बातचीत के दौरान उन्होंने साफ कहा कि वह कभी अतीत में नहीं जीना चाहते और न ही बीते वक्त को लेकर अफसोस मनाते हैं. आदिल के मुताबिक, इंसान गलतियों से ही सीखकर आगे बढ़ता है और हर अनुभव उसे बेहतर बनाता है.
आदिल हुसैन की ‘मैक्स, मिन एंड म्याऊजाकी’ रिलीज हो गई है.
नई दिल्ली. बॉलीवुड एक्टर आदिल हुसैन की फिल्म ‘मैक्स, मिन एंड म्याऊजाकी’ हाल ही मे रिलीज हुई है, जिसे फैंस बहुत पसंद कर रहे हैं. इसकी इमोशनल कहानी आंखें नम कर देने वाली है. फिल्म के प्रमोशन के दौरान आदिल हुसैन ने बताया कि वह पछतावा या ग्लानि, इन दो खास भावनाओं का सामना करते हुए भी की हिम्मत नहीं हारते हैं. उनके मुताबिक, किसी भी इंसान पर इसका बहुत बड़ा असर पड़ता है.
आदिल हुसैन की जिंदगी में पछतावे की जगह नहीं
आदिल हुसैन ने कहा कि इसलिए मुझे नहीं लगता कि पछतावा या ग्लानि की मेरी जिंदगी में कोई जगह है. उन्होंने आगे बताया कि वह अपनी गलतियों से सीखने और उन एरिया को ठीक करने पर ध्यान देते हैं जिनमें सुधार की जरूरत है.
लोगों को डिप्रेशन में जाते हुए देखा
उन्होंने आगे कहा, ‘मुझे अपनी गलती से सीखना चाहिए. आत्मग्लानि तब होती है जब आप जरूरत से ज्यादा समय तक अपनी गलती में रहते हैं. अगर आपने काफी प्रैक्टिस की है तो आप एक या दो सेकंड के लिए अपने पछतावे में रह सकते हैं. नहीं तो, मैंने लोगों को ग्लानि में रहते और फिर अपनी जिंदगी बर्बाद करते देखा है और फिर डिप्रेशन में जाते देखा है. यह आसान है, मैं जो कह रहा हूं, लेकिन प्रैक्टिस करना आसान नहीं है.’
गलतियों से सीखते हैं आदिल हुसैन
आदिल हुसैन ने आगे कहा, ‘मुझे यह पता है. मुझे इसके बारे में ज्यादा नहीं पता. मैं सैकड़ों गलतियां करता हूं. मैं इसे देखता हूं और आगे बढ़ने की कोशिश करता हूं, ताकि मैं वही गलती दोबारा न करूं.’
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कामता प्रसाद (KP) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास मीडिया इंडस्ट्री में काम करने का 11 सालों का लंबा अनुभव है. वर्तमान में वह न्यूज18 हिंदी में बतौर सीनियर सब एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. कामता को एंटरटेनमेंट …
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