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Delhi Vasant Kunj Drain Accident: दक्षिण दिल्ली के वसंत कुंज इलाके में नांगल देवत रोड पर एक कार फिसलकर खुले नाले में जा गिरी, जिससे 20 वर्षीय छात्र यशवेंद्र सिंह की मौत हो गई. बारिश के कारण सड़क पर कीचड़, गड्ढों और बिना सुरक्षा बैरियर के खुले पड़े 1 किलोमीटर लंबे नाले को स्थानीय लोगों ने हादसे का कारण बताया. वहीं डीडीए (DDA) का कहना है कि कार की गति तेज थी और वहां नाले को ढकने व स्पीड ब्रेकर लगाने की प्रक्रिया जारी थी.
पुलिस मामले की जांच कर रही है.
राजधानी की सड़कों पर तैरती लापरवाही और प्रशासन की संवेदनहीनता ने एक बार फिर एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां चंद सेकंडों में उजाड़ दीं. दक्षिण दिल्ली के पॉश वसंत कुंज में बारिश की एक काली रात उस वक्त मातम में बदल गई, जब 20 वर्षीय छात्र यशवेंद्र सिंह की कार अचानक अनियंत्रित होकर गहरे और खुले नाले में जा समाई. नांगल देवत रोड पर कीचड़ से पटी फिसलती सड़क, पानी से भरे जानलेवा गड्ढे और एक किलोमीटर तक बिना किसी सुरक्षा दीवार के मौत बनकर खुला पड़ा नाला. इस खौफनाक हादसे की पटकथा कई महीनों से लिखी जा रही थी. टक्कर इतनी खौफनाक थी कि मजबूत पेड़ के परखच्चे उड़ गए और कार लोहे के मलबे में तब्दील हो गई. स्थानीय लोगों की अनगिनत शिकायतों और चेतावनियों को रद्दी की टोकरी में फेंकने वाले अफसरों की खामोशी ने आखिरकार एक मासूम की जान ले ली.
फिसलन भरी सड़क और खुले नाले ने ली जान
हादसे के समय कार में मौजूद मृतक यशवेंद्र सिंह के दोस्त ने पुलिस को बताया कि बारिश के कारण सड़क पर कीचड़ जमा था और गड्ढे पानी से भरे हुए थे. सड़क के किनारों पर रोड़ी और बजरी न होने से मिट्टी में बहुत अधिक फिसलन हो गई थी. इसी वजह से कार का संतुलन बिगड़ गया और वह फिसलकर सड़क किनारे लगे एक पेड़ से टकराते हुए खुले नाले में जा पलटी. टक्कर इतनी भीषण थी कि पेड़ का एक हिस्सा टूट गया और कार की छत बुरी तरह कुचल गई.
‘शिकायतों के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई’
स्थानीय निवासियों और आरडब्ल्यूए (RWA) प्रतिनिधियों ने इस दुखद घटना के लिए सीधे तौर पर प्रशासनिक तंत्र को जिम्मेदार ठहराया है.
• कमजोर बैरियर: नाले के साथ महज एक फीट की सीमेंट की छोटी दीवार बनी है, जो कई जगहों पर टूटी हुई है.
• हरे जाल का दिखावा: नाले को सुरक्षित करने के नाम पर कुछ जगह हरा जाल लगाया गया था, जो कई बिंदुओं पर फटकर लटक चुका है.
• प्रशासन की अनदेखी: स्थानीय निवासी जगतपाल सिंह और आरडब्ल्यूए अध्यक्ष प्रदीप ने बताया कि नाले को ढकने के लिए कई बार शिकायतें दर्ज कराई गईं, लेकिन हर बार सिर्फ टेंडर पास होने की बात कहकर टाल दिया गया.
डीडीए और ट्रैफिक पुलिस की सफाई
हादसे पर डीडीए (DDA) का क्या रुख है?
डीडीए का कहना है कि शुरुआती पुलिस इनपुट के आधार पर कार की रफ्तार तेज थी. हालांकि, वहां आरसीसी बॉक्स नाला बनाने का प्रस्ताव पहले से अंतिम चरण में है.
नांगल देवत रोड पर स्पीड ब्रेकर क्यों नहीं लगे?
डीडीए ने मार्च में ट्रैफिक पुलिस से स्पीड ब्रेकर लगाने के लिए एनओसी मांगी थी, लेकिन 21 जुलाई को ट्रैफिक पुलिस ने यातायात प्रबंधन के लिहाज से इसे अव्यवहारिक बताते हुए खारिज कर दिया था.
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पत्रकारिता में 16 वर्षों से अधिक का सुदीर्घ अनुभव रखने वाले संदीप गुप्ता वर्तमान में News18 इंडिया में बतौर चीफ सब-एडिटर होम पेज पर जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. जटिल और सामरिक विषयों को बेहद सरल भाषा में पाठकों त…
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