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Tulsi Plant Care Tips: तुलसी का पौधा सूखने लगे, तो अक्सर लोग इसे किसी अनहोनी या अशुभ संकेत से जोड़कर देखने लगते हैं. हालांकि, असलियत यह है कि इसका सूखना किसी धार्मिक संकेत के बजाय पौधे की सही देखभाल न हो पाने का नतीजा होता है. कई बार हम रोज तुलसी में पानी डालते हैं, फिर भी हरा-भरा पौधा अचानक मुरझाने या झुलसने लगता है. बदलते मौसम में यह एक बेहद आम समस्या है. लेकिन घबराने की जरूरत नहीं है कुछ छोटे और बेहद आसान घरेलू नुस्खों को अपनाकर आप अपने तुलसी के पौधे को दोबारा हरा-भरा, घना और लहलहाता बना सकते हैं. आइए जानते हैं कैसे!
तुलसी सिर्फ हिंदू सभ्यता में पूजा जाने वाला एक पवित्र पौधा ही नहीं, बल्कि सबसे ताकतवर औषधि भी है. इसे आयुर्वेद में ‘क्वीन ऑफ हर्ब्स’ (जड़ी-बूटियों की रानी) भी कहा गया है. इसलिए यदि आप तुलसी को ईश्वर के रूप में नहीं भी पूजते हैं, फिर भी आपको अपने घर में कम से कम एक छोटा तुलसी का गमला जरूर रखना चाहिए.
दरअसल, मौसम बदलने के कारण होने वाली सर्दी-खांसी और फ्लू में तुलसी का काढ़ा पीना बेहद मददगार साबित होता है. यह तो आपने तुलसी के फायदों के बारे में जान लिया, अब आपको बताते हैं कि तुलसी के पौधे को झुलसा देने वाले मौसम में ताजा और घना कैसे रखना है.
इस मौसम में पौधे अक्सर मुरझाने लगते हैं. चिंता तब और ज्यादा बढ़ जाती है, जब रोजाना पानी देने के बावजूद यह समस्या पैदा हो जाए. ऐसे में इसके लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं, चलिए जानते हैं. इस मौसम में दूसरे पौधों की तरह ही तुलसी को हाइड्रेट रखना जरूरी होता है.
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लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप गमले को पानी से पूरी तरह भर दें. ज्यादा पानी देने से तुलसी की जड़ें गलने लगती हैं. साथ ही, यदि आप तेज धूप निकलने के बाद पानी डाल रहे हैं, तो यह पानी पौधे के लिए आग की तरह काम करेगा. इसलिए हमेशा सुबह के समय या शाम ढलने के बाद जब तापमान कम हो जाए, तभी तुलसी में पानी डालना चाहिए. ध्यान रखें कि सिर्फ उतना ही पानी डालें, जितने में मिट्टी अंदर तक नम या गीली हो सके.
तुलसी का पौधा अगर नियम से पानी देने के बाद भी सूखने लगे, तो इसमें तुरंत पोषक तत्वों से भरपूर खाद डालना जरूरी हो जाता है. हालांकि, इसके लिए आपको बाजार या दुकान से कोई महंगी खाद खरीदने की बिल्कुल जरूरत नहीं है.
आप इसके लिए गाय के गोबर और नीम के पत्तों का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए नीम के पत्तों को सुखाकर पाउडर बना लें और इसे एक जग गोबर के घोल में मिलाकर तुलसी की जड़ों में हफ्ते में एक बार डालें.
यदि आप गोबर और नीम के पत्तों का उपाय नहीं कर पा रहे हैं, तो इसकी जगह आप पके केले के छिलके का इस्तेमाल भी कर सकते हैं. केले के छिलके में पोटैशियम और नाइट्रोजन जैसे पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में मौजूद होते हैं, जो पौधे की ग्रोथ को प्रमोट करते हैं. ऐसे में तुलसी को हरा-भरा रखने के लिए केले के छिलके का इस्तेमाल काफी फायदेमंद हो सकता है.
इसके लिए केले के छिलकों को धूप में अच्छी तरह से सुखा लें. जब वे पूरी तरह सूख जाएं, तो उनका पाउडर बना लें और रोजाना एक से दो चम्मच पाउडर पानी में घोलकर तुलसी की जड़ों में डालें. इससे पौधा फिर से पनपने लगेगा.
