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DU 1 Year PG Course Seats: दिल्ली यूनिवर्सिटी ने स्टूडेंट्स की भारी मांग को देखते हुए 1-वर्षीय पीजी कोर्स की सीटें बढ़ा दी हैं. एमए, एमएससी और एमकॉम जैसे विषयों में अब स्टूडेंट्स को एडमिशन का ज्यादा मौका मिलेगा. हालांकि, शिक्षकों ने इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी को लेकर चिंता जताई है. जानिए पूरा अपडेट.
DU 1 Year PG Course Seats: दिल्ली यूनिवर्सिटी के पीजी कोर्स में सीटें बढ़ने से स्टूडेंट्स खुश हैं
नई दिल्ली (DU 1 Year PG Course). दिल्ली यूनिवर्सिटी से पीजी करने का सपना देख रहे स्टूडेंट्स के लिए बड़ी खबर है. दिल्ली यूनिवर्सिटी ने अपने नए शुरू हुए 1-वर्षीय पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम्स में सीटों की संख्या बढ़ाने का ऐलान किया है. स्टूडेंट्स और टीचर्स काफी समय से इसकी मांग कर रहे थे. दिल्ली यूनिवर्सिटी की तरफ से गठित विशेष समिति की सिफारिशों के बाद यह कदम उठाया गया है. इससे उन छात्रों को राहत मिलेगी, जो 4 ईयर अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम (FYUP) पूरा करने के बाद 1 साल का मास्टर्स करना चाहते हैं.
दिल्ली यूनिवर्सिटी में किस विषय में कितनी सीटें बढ़ीं?
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कई बड़े विभागों में सीटों की संख्या दोगुनी से भी ज्यादा कर दी है. एमए इंग्लिश, हिस्ट्री, फिलॉसफी, पॉलिटिकल साइंस, एमएससी गणित और एमकॉम में पहले सिर्फ 45 सीटें थीं, जिन्हें अब बढ़ाकर 126 कर दिया गया है.. यानी सीधे 81 सीटों का इजाफा हुआ है. इसके अलावा, एमए इकोनॉमिक्स की सीटें 40 से बढ़ाकर 126 कर दी गई हैं. साइकोलॉजी और केमिस्ट्री में सीटें 45 से बढ़कर 63 हो गई हैं, जबकि एमएससी स्टैटिस्टिक्स में अब 29 की जगह 54 सीटों पर एडमिशन मिलेगा.
स्टूडेंट्स ने रखी और सीट्स बढ़ाने की मांग
चार साल का ग्रेजुएशन (FYUP) पूरा कर चुके स्टूडेंट्स ने इस फैसले का स्वागत किया है. एमए हिस्ट्री के लिए अप्लाई करने वाले स्टूडेंट्स का कहना है कि सीटें बढ़ने से एडमिशन मिलने की उम्मीद बढ़ गई है और कॉम्पिटीशन का तनाव थोड़ा कम हुआ है. हालांकि, कुछ स्टूडेंट्स का मानना है कि DU में कॉलेजों की संख्या को देखते हुए सीटों का आंकड़ा 200 के करीब होना चाहिए था, क्योंकि FYUP पास करने वाले उम्मीदवारों की संख्या बहुत ज्यादा है.
प्रोफेसर्स ने जताई चिंता: ‘बिना तैयारी का फैसला’
दिल्ली यूनिवर्सिटी के शिक्षकों ने इस कदम को बिना सोचे-समझे लिया गया फैसला बताया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूनिवर्सिटी से संबद्ध कई कॉलेजों के प्रोफेसर्स का कहना है कि दिल्ली यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट्स की बढ़ी हुई संख्या को संभालने के लिए बुनियादी ढांचा (इंफ्रास्ट्रक्चर) ही नहीं है. अचानक सीटें बढ़ाने से स्टूडेंट-टीचर रेशियो बिगड़ जाएगा.
क्लासरूम की कमी और लैब्स पर पड़ेगा दबाव
शिक्षकों का मानना है कि इस जल्दबाजी वाले फैसले से साइंस के स्टूडेंट्स को प्रैक्टिकल के लिए लैब्स नहीं मिलेंगी और आर्ट्स फैकल्टी में क्लासरूम छोटे पड़ जाएंगे. इससे स्टूडेंट्स का पढ़ाई का अनुभव खराब होगा. यूनिवर्सिटी को यह अंदाजा लगाना चाहिए था कि कितने बच्चे वास्तव में 1-वर्षीय पीजी चुन रहे हैं, क्योंकि हर FYUP स्टूडेंट इसमें एडमिशन नहीं लेता.
2025-26 सत्र तक DU सिर्फ 2-वर्षीय मास्टर्स प्रोग्राम ही चलाता था. नई शिक्षा नीति (NEP) के तहत 1-वर्षीय PG प्रोग्राम की शुरुआत इसी शैक्षणिक सत्र से की जा रही है.
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Deepali Porwal is a seasoned bilingual journalist with 11 years of experience in the media industry. She currently works with News18 Hindi, focusing on the Education and Career desk. She is kno…
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