नई दिल्ली: एक तरफ देश में पेपर लीक जैसे मामलों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है, दूसरी तरफ दिल्ली की न्यायपालिका में एक बड़ा फेरबदल हुआ है. इस फेरबदल ने एक नाम को खास तौर पर चर्चा में ला दिया है. ये नाम है जज अनू ग्रोवर बलीगा का. कुछ ही दिन पहले उन्हें पेपर लीक मामलों के लिए बनाई गई फास्ट-ट्रैक कोर्ट की विशेष न्यायाधीश की जिम्मेदारी मिली थी. इसी कोर्ट में NEET-UG 2026 पेपर लीक केस की सुनवाई होनी थी. अब हाईकोर्ट के नए आदेश के बाद उनकी जिम्मेदारी बदल गई है. जज अनू ग्रोवर बलीगा अब राउज एवेन्यू कोर्ट में विशेष NIA न्यायाधीश के तौर पर आतंकवाद से जुड़े मामलों की सुनवाई करेंगी. यानी जिस न्यायाधीश के सामने हाल में पेपर लीक जैसे संवेदनशील मामले पहुंचे थे, अब उनके सामने देश की सुरक्षा से जुड़े गंभीर केस होंगे.
दिल्ली हाईकोर्ट का यह फैसला दिल्ली उच्चतर न्यायिक सेवा के बड़े फेरबदल का हिस्सा है. 1 अगस्त को जारी अधिसूचना के तहत कुल 138 न्यायाधीशों का तबादला किया गया है. राउज एवेन्यू कोर्ट में 13 न्यायाधीशों को UAPA, NIA Act, NDPS Act और MCOCA से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी दी गई है. इनमें छह विशेष NIA न्यायाधीश हैं. जज अनू ग्रोवर बलीगा भी इन्हीं छह न्यायाधीशों में शामिल हैं. नए NIA कोर्ट 4 अगस्त से काम शुरू करेंगे. ऐसे में बलीगा का करियर एक दिलचस्प मोड़ पर पहुंचा है. गणित की पढ़ाई से शुरू हुआ सफर अब आतंकवाद और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों की सुनवाई तक पहुंच गया है.
गणित की छात्रा से दिल्ली की वरिष्ठ न्यायाधीश तक का सफर
- जज अनू ग्रोवर बलीगा का जन्म 1969 में हुआ था. उन्होंने गणित में स्नातक की पढ़ाई की. इसके बाद कानून की पढ़ाई की और LLB तथा LLM की डिग्री हासिल की. साल 2000 में उन्होंने दिल्ली न्यायिक सेवा में कदम रखा. उनका शुरुआती कार्यकाल तिहाड़ हजारी कोर्ट में सिविल जज के तौर पर रहा. 2000 से 2003 के बीच उन्होंने यहां जिम्मेदारी संभाली. इसके बाद उन्होंने कड़कड़डूमा, तिहाड़ हजारी और पटियाला हाउस कोर्ट में मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट के तौर पर काम किया.
- इसके बाद उनके न्यायिक करियर में कई अहम जिम्मेदारियां जुड़ती गईं. वह जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड की प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट रहीं. द्वारका कोर्ट में सीनियर सिविल जज-कम-रेंट कंट्रोलर की जिम्मेदारी भी संभाली. 2010 में वह दिल्ली उच्चतर न्यायिक सेवा में अतिरिक्त जिला न्यायाधीश बनीं और द्वारका कोर्ट में नियुक्त हुईं. लंबे न्यायिक अनुभव के चलते वह DHJS की वरिष्ठ सदस्यों में शामिल हैं. उनका रिटायरमेंट 2029 में होना है.
NDPS से CBI कोर्ट तक, कई अहम जिम्मेदारियां
जज बलीगा का अनुभव सिर्फ सामान्य न्यायिक मामलों तक सीमित नहीं रहा. उन्होंने पटियाला हाउस कोर्ट में करीब चार साल तक NDPS एक्ट के तहत विशेष न्यायाधीश के तौर पर काम किया. 2015 से 2017 के बीच वह द्वारका कोर्ट में विशेष CBI न्यायाधीश भी रहीं. 2022 में उन्होंने चार महीने तक राउज एवेन्यू कोर्ट में विशेष CBI न्यायाधीश की जिम्मेदारी संभाली. इसके बाद उन्होंने कड़कड़डूमा और साकेत कोर्ट में कमर्शियल कोर्ट्स की जिम्मेदारी संभाली. दिसंबर 2025 में तिहाड़ हजारी ट्रांसफर होने से पहले वह साकेत के कमर्शियल कोर्ट में जिला न्यायाधीश थीं. उनके कोर्ट की गिनती दिल्ली जिला न्यायालयों की बेहतर निपटान दर वाली इकाइयों में होती रही है. हाईकोर्ट के आंकड़ों के मुताबिक, उन्होंने एक महीने में 18 मामलों का निपटारा किया था.
कानूनी सहायता और मध्यस्थता का भी अनुभव
जज अनू ग्रोवर बलीगा का अनुभव न्यायिक सुनवाई के साथ कानूनी सहायता के क्षेत्र में भी रहा है. 2019 से 2022 तक वह दिल्ली हाईकोर्ट लीगल सर्विसेज कमिटी की सचिव रहीं. यह संस्था जरूरतमंद और कमजोर वर्गों को मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराने का काम करती है. फास्ट-ट्रैक पेपर लीक कोर्ट में नियुक्ति से पहले वह तिहाड़ हजारी कोर्ट के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट मेडिएशन सेंटर की जज-इन-चार्ज थीं. यानी उनकी न्यायिक यात्रा में आपराधिक मामलों से लेकर व्यावसायिक विवादों और मध्यस्थता तक का व्यापक अनुभव रहा है.
NEET पेपर लीक केस की सुनवाई भी संभाली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाने की घोषणा के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने जज बलीगा को विशेष न्यायाधीश के तौर पर नियुक्त किया था. उन्हें राउज एवेन्यू कोर्ट में विशेष न्यायाधीश (PC Act) (CBI)-25 की जिम्मेदारी दी गई थी. वह Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024 के तहत मामलों की सुनवाई कर रही थीं.
NEET-UG 2026 पेपर लीक केस भी उनके सामने आया. इस मामले में चार्जशीट रिकॉर्ड पर ली जा चुकी थी. 27 जुलाई को पहली सुनवाई होनी थी, लेकिन बचाव पक्ष के अनुरोध के बाद इसे टाल दिया गया. चार्जशीट और दो आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर अगली सुनवाई 3 अगस्त को प्रस्तावित थी. अब जज बलीगा के तबादले के बाद विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता इस मामले की सुनवाई करेंगे. अजय गुप्ता फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनने से पहले भी NEET पेपर लीक मामले की सुनवाई कर रहे थे.
अब NIA कोर्ट में आतंकवाद से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी
हाईकोर्ट के नए फेरबदल के बाद जज अनू ग्रोवर बलीगा अब छह विशेष NIA न्यायाधीशों में शामिल हो गई हैं. राउज एवेन्यू में बनाए गए नए NIA कोर्ट 4 अगस्त से काम शुरू करेंगे. इन अदालतों में आतंकवाद से जुड़े मामलों के साथ UAPA और NIA Act के तहत आने वाले मामलों की सुनवाई होगी.
दिल्ली में 50 से ज्यादा NIA मामले लंबित हैं. इनमें बड़ी संख्या में मामले अभी पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रशांत शर्मा की अदालत में चल रहे थे. अब इन मामलों की सुनवाई के लिए विशेष व्यवस्था तैयार की गई है.
जज अनू ग्रोवर बलीगा के साथ विकास धुल्ल, प्रशांत शर्मा, अमित बंसल, किरण बंसल और पुलस्त्य प्रमाचला को भी विशेष NIA न्यायाधीश बनाया गया है. अब उनके सामने देश की सुरक्षा और आतंकवाद से जुड़े संवेदनशील मामले होंगे. इस तरह गणित की पढ़ाई से शुरू हुआ उनका सफर न्यायपालिका के कई पड़ाव पार करते हुए अब NIA कोर्ट तक पहुंच गया है.
