School Closed Today: देशभर में एक तरफ सावन के महीने में कांवड़ यात्रा पूरे जोरों पर है तो दूसरी तरफ कई राज्यों में लगातार हो रही बारिश ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. इन दोनों वजहों से कई जिलों में स्कूलों की छुट्टियां घोषित की गई हैं. उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद, मेरठ, बागपत और मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा को देखते हुए स्कूल,कॉलेज और अन्य शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का आदेश दिया गया है. वहीं उत्तराखंड, केरल, असम समेत कई राज्यों में भारी बारिश को देखते हुए जिला प्रशासन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत पड़ने पर स्कूल बंद करने का फैसला लिया जा सकता है.
कांवड़ यात्रा के चलते यूपी के इन जिलों में स्कूल बंद
सावन के पवित्र महीने में लाखों कांवड़िए हरिद्वार और अन्य स्थानों से गंगाजल लेकर भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए निकलते हैं.इस दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों से बड़ी संख्या में कांवड़ियों का आवागमन होता है.भारी भीड़ और ट्रैफिक जाम को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर स्कूलों और कॉलेजों को बंद रखने का फैसला लिया है.
गाजियाबाद में 12 अगस्त तक बंद रहेंगे स्कूल-कॉलेज
गाजियाबाद जिला प्रशासन ने नर्सरी से लेकर 12वीं तक के सभी स्कूलों, कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और तकनीकी शिक्षण संस्थानों को 4 अगस्त से 12 अगस्त तक बंद रखने के निर्देश दिए हैं हालांकि जिन संस्थानों में पहले से परीक्षाएं निर्धारित हैं वहां परीक्षा तय कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित की जाएगी.
मेरठ में भी संस्थानों पर लागू हुआ आदेश
मेरठ के जिलाधिकारी वी.के. सिंह के आदेश के अनुसार जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और तकनीकी संस्थान 4 अगस्त से 12 अगस्त तक बंद रहेंगे. यह आदेश बेसिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश बोर्ड, सीबीएसई, सीआईएससीई, मदरसा बोर्ड और अन्य सभी मान्यता प्राप्त बोर्डों से जुड़े संस्थानों पर लागू होगा.
बागपत में भी 3 अगस्त से बंद हैं स्कूल
बागपत में जिला विद्यालय निरीक्षक राजीव कुमार यादव ने जिलाधिकारी अस्मिता लाल के निर्देश पर सभी सरकारी और निजी स्कूलों को 3 अगस्त से 12 अगस्त तक बंद रखने का आदेश जारी किया है.
प्रशासन का कहना है कि जिले से बड़ी संख्या में कांवड़ियों का आवागमन हो रहा है. इसके अलावा शिव मंदिरों में जलाभिषेक के लिए भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है जिससे प्रमुख मार्गों पर लगातार ट्रैफिक दबाव बना हुआ है.
मुजफ्फरनगर में 10 अगस्त तक स्कूल-कॉलेज बंद
मुजफ्फरनगर में कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए सभी स्कूलों और कॉलेजों को 3 अगस्त से 10 अगस्त तक बंद रखने का आदेश दिया गया है.इसके अलावा प्रशासन ने कांवड़ मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया है. कांवड़ मार्ग पर स्थित मीट की दुकानों और रेस्तरां को भी 12 अगस्त तक बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि कांवड़ यात्रा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके और कानून-व्यवस्था बनी रहे.
प्रशासन ने दिए सख्त निर्देश
सभी जिलों के प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्कूल और कॉलेज बंद रखने के आदेश का सख्ती से पालन किया जाए. अधिकारी लगातार ट्रैफिक व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं. यदि कोई संस्थान आदेश का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है.
क्या है कांवड़ यात्रा?
कांवड़ यात्रा भगवान शिव के भक्तों की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में से एक मानी जाती है. सावन महीने में लाखों श्रद्धालु हरिद्वार, गंगोत्री और अन्य पवित्र स्थानों से गंगाजल लेकर पैदल यात्रा करते हैं और अपने-अपने शिव मंदिरों में जलाभिषेक करते हैं. इसी दौरान पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में कांवड़ियों की भारी आवाजाही रहती है.
बारिश के कारण भी कई राज्यों में स्कूलों पर नजर
कांवड़ यात्रा के अलावा देश के कई हिस्सों में लगातार बारिश भी हो रही है.भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई राज्यों में मध्यम से भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है हालांकि फिलहाल पूरे देश में एक साथ स्कूल बंद करने का कोई आदेश नहीं है लेकिन जिला प्रशासन हालात के अनुसार फैसला ले सकता है.
उत्तराखंड में हालात पर प्रशासन की नजर
देहरादून समेत उत्तराखंड के कई जिलों में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है. मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी भारी बारिश की संभावना जताई है.भूस्खलन, नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी और सड़कें बंद होने जैसी स्थिति बनने पर देहरादून, नैनीताल, टिहरी गढ़वाल, पौड़ी गढ़वाल और अन्य प्रभावित जिलों में स्कूलों की छुट्टी घोषित की जा सकती है. अभिभावकों और छात्रों को जिला प्रशासन की आधिकारिक सूचना पर नजर रखने की सलाह दी गई है.
केरल में भी हो सकती है छुट्टी की घोषणा
दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय रहने के कारण केरल के अधिकांश जिलों में लगातार बारिश हो रही है. कई जगह जलभराव और नदियों का जलस्तर बढ़ गया है.यदि मौसम विभाग किसी जिले में ऑरेंज या रेड अलर्ट जारी करता है और हालात छात्रों के लिए सुरक्षित नहीं रहते हैं तो संबंधित जिला कलेक्टर स्कूल बंद करने का आदेश जारी कर सकते हैं.
असम में भी मौसम बना चुनौती
असम के कई इलाकों में भी लगातार भारी बारिश हो रही है. निचले क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है और कई जिलों में नदियों के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है.यदि बारिश के कारण आवागमन प्रभावित होता है या छात्रों की सुरक्षा को खतरा होता है तो जिला प्रशासन स्कूलों में छुट्टी घोषित कर सकता है.
दिल्ली-एनसीआर में फिलहाल स्कूल खुलने की संभावना
दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है.फिलहाल इन इलाकों में स्कूल बंद करने का कोई आदेश नहीं है हालांकि सुबह के समय जलभराव और ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती है. जब तक जिला प्रशासन की ओर से कोई नई एडवाइजरी जारी नहीं होती तब तक स्कूल सामान्य रूप से संचालित होने की संभावना है.
इन राज्यों में भी भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र के कोंकण और घाट क्षेत्रों, गोवा, गुजरात और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भी बारिश की संभावना जताई है.
छात्र और अभिभावक क्या करें?
प्रशासन ने छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि स्कूल जाने से पहले अपने जिले के प्रशासन या शिक्षा विभाग की आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया हैंडल पर जारी होने वाले ताजा आदेश जरूर देख लें. मौसम या स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए कई जिलों में अंतिम समय पर भी स्कूल बंद करने का फैसला लिया जा सकता है.
